Delhi Budget 2026: दिल्ली सरकार ने इस बार बजट को सिर्फ खर्च और कमाई का हिसाब बनाकर पेश नहीं किया, बल्कि इसे एक नई दिशा देने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट रखते हुए साफ संकेत दिया कि राजधानी में अब विकास का मतलब सिर्फ निर्माण कार्य नहीं रहेगा. “ग्रीन बजट” के नाम के साथ सरकार ने यह तय कर दिया है कि हर योजना को लागू करने से पहले उसके पर्यावरणीय असर को देखा जाएगा. यानी आने वाले समय में दिल्ली की नीतियों में हवा, पानी और हरियाली सीधे तौर पर शामिल रहेंगे, न कि सिर्फ कागजों तक सीमित.
इसे भी पढ़ें- ऊर्जा सुरक्षा पर भारत मजबूत, पीएम मोदी बोले- 53 लाख MT पेट्रोलियम रिजर्व मौजूद
पांच में एक हिस्सा हरित योजनाओं पर
इस बजट में सरकार ने लगभग 21% राशि उन योजनाओं के लिए तय की है, जिनका सीधा संबंध पर्यावरण सुधार से है. यह हिस्सा बताता है कि प्रदूषण और शहरी संतुलन अब सरकार की प्राथमिक सूची में ऊपर आ चुके हैं. संदेश साफ है—अब सिर्फ विकास नहीं, टिकाऊ विकास पर जोर रहेगा.
खर्च का नया संतुलन, पूंजीगत निवेश पर जोर
सरकार ने अपने खर्च को दो हिस्सों में बांटते हुए 70.3% राशि रोजमर्रा के कामकाज के लिए और 29.7% बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए तय की है. खास बात यह है कि इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, ताकि शहर में चल रहे और आने वाले प्रोजेक्ट्स को गति मिल सके. टैक्स और GSDP का अनुपात 4.95% से बढ़कर 5.09% होने का अनुमान है. साथ ही सरकार को इस साल करीब 9,092 करोड़ रुपये का रेवेन्यू सरप्लस मिलने की उम्मीद जताई गई है, जो वित्तीय मजबूती का संकेत माना जा रहा है.
इसे भी पढ़ें-भारत में पीएम मोदी ने स्थापित किया सरकार के सबसे लंबे समय तक कार्यकाल का रिकॉर्ड

