इस खबर में क्या है?
TVK : तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर जारी खींचतान के बीच टीवीके प्रमुख विजय ने एक बार फिर राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से गुरुवार (7 मई) को मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया. यह उनकी राज्यपाल से दूसरी मुलाकात है, जिसके बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं. राज्य में बहुमत के आंकड़े को लेकर दलों के बीच लगातार जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने की कवायद जारी है. सत्ता की दौड़ में टीवीके की कोशिशों ने राजनीतिक समीकरणों को और जटिल बना दिया है.
#WATCH | Chennai | TVK chief Vijay arrives at Lok Bhavan to meet Tamil Nadu Governor Rajendra Vishwanath Arlekar pic.twitter.com/jcEQUukL9Y
— ANI (@ANI) May 7, 2026
विधायकों की अहम बैठक बुलाकर रणनीति पर मंथन
सरकार गठन को लेकर बढ़ते दबाव के बीच टीवीके प्रमुख विजय ने 7 मई को अपनी पार्टी के सभी निर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पार्टी फिलहाल बहुमत के आंकड़े से पीछे चल रही है. ऐसे में आगे की रणनीति, गठबंधन संभावनाओं और विधायी फैसलों पर चर्चा की संभावना है. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में विधायक दल के नेता के चयन पर भी फैसला हो सकता है. कांग्रेस के पांच विजयी उम्मीदवारों द्वारा टीवीके को समर्थन देने की पेशकश के बाद राजनीतिक स्थिति और अधिक बदलती नजर आ रही है.
बहुमत का गणित और सत्ता की जद्दोजहद
234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है. टीवीके ने हालिया विधानसभा चुनाव में 108 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिससे वह बहुमत से कुछ सीटें पीछे रह गई है. पार्टी को सत्ता तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है. इसी बीच कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के संकेत ने टीवीके के लिए नई उम्मीदें पैदा की हैं. हालांकि राजनीतिक समीकरण अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और विभिन्न दलों के बीच बातचीत का दौर जारी है.
दोहरी सीट जीत और इस्तीफे की स्थिति
चुनाव परिणामों में टीवीके प्रमुख विजय ने दो सीटों से जीत दर्ज की है. नियमों के अनुसार उन्हें इनमें से एक सीट से इस्तीफा देना होगा. यह फैसला पार्टी की रणनीति और आगे के राजनीतिक कदमों को भी प्रभावित कर सकता है. पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर भी चर्चा चल रही है कि किस सीट को बरकरार रखा जाए और किससे इस्तीफा दिया जाए.
राज्यपाल से दूसरी मुलाकात और सरकार गठन की मांग
इससे पहले 6 मई को भी विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की थी और सरकार गठन का दावा पेश किया था. हालांकि राजभवन की ओर से अभी तक इस पर कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है कि टीवीके को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा या नहीं. सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, जिससे राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है.
कांग्रेस का समर्थन और गठबंधन में बदलाव
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की है. साथ ही पार्टी ने अपने पूर्व सहयोगी डीएमके से नाता तोड़ने का भी फैसला किया है. इस बदलाव ने तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं. हालांकि टीवीके के नेतृत्व में सरकार गठन को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है.
कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने इस पूरी प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि बहुमत साबित करने का सही मंच विधानसभा है, न कि राजभवन. उन्होंने राज्यपाल पर भाजपा के पक्ष में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि टीवीके नेता विजय को तुरंत सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए.
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