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Ranchi News : पिस्का नगड़ी में आयोजित रांची विकारिएट कैथोलिक सभा की आम बैठक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और सदस्यों की भागीदारी रही. इस दौरान रांची क्षेत्र की 13 पल्लियों से आए प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया. सभा में बपतिस्मा और सेवा के महत्व पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने समाज और कलीसिया के बीच संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया. आयोजन संत अंथोनी चर्च, सपारोम में संपन्न हुआ, जहां धार्मिक और सामाजिक विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया.
मानव सेवा को बताया मिशन का मूल आधार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रांची कैथोलिक महाधर्म प्रांत के बिशप विंसेंट आइंद ने कहा कि बपतिस्मा ग्रहण करने वाला व्यक्ति केवल अनुयायी नहीं बल्कि एक मिशनरी की भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा कि मानव सेवा ही इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य है और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है. उनके संबोधन में सेवा, समर्पण और सामाजिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया.
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मजबूत परिवार से सशक्त कलीसिया का निर्माण
सभा में रांची विकारिएट के जेनेरल फादर आनंद डेविड खलखो ने भी अपने विचार रखे. वहीं संत अल्बर्ट कॉलेज से आए फादर प्रफुल्ल वाड़ा ने कहा कि एक सुदृढ़ परिवार ही एक मजबूत कलीसिया की नींव होता है. उन्होंने परिवारिक मूल्यों को बनाए रखने और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.
आयोजन में कई पदाधिकारियों की रही भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विकारिएट कैथोलिक सभा के अध्यक्ष अगस्तुस तिर्की, सचिव रंजीत बाडा, कोषाध्यक्ष सुनील खलखो, संगठन सचिव सुनील लकड़ा और विपिन खलखो की अहम भागीदारी रही. कार्यक्रम का संचालन प्रताप फूलजेंस ने किया और अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया.
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