इस खबर में क्या है?
Ranchi News: झारखंड में विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर स्वास्थ्य व्यवस्था ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में प्रयासों को और तेज किया जाएगा. राजधानी रांची स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समन्वित रणनीति अपनाने की जरूरत बताई. कार्यक्रम का मुख्य फोकस यह रहा कि गांव से लेकर शहर तक जागरूकता बढ़े और हर स्तर पर बीमारी की रोकथाम को प्राथमिकता मिले.
उत्कृष्ट योगदान देने वालों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने उन कर्मियों और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया, जिन्होंने मलेरिया समेत अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम में उल्लेखनीय काम किया है. सम्मान पाने वालों में साहेबगंज की किरण सोरेन, धनबाद की काकुली मुखर्जी और रांची के कृष्णा पाहन प्रमुख रहे. इसके अलावा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी से जुड़ी ब्यूटी भट्टाचार्य (धनबाद) और शकीला खातून (सिमडेगा) को भी उनके कार्य के लिए सराहा गया. यह सम्मान न केवल उनके प्रयासों की पहचान है, बल्कि अन्य कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी माना गया.
झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
सामूहिक प्रयासों से मलेरिया पर काबू संभव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झा ने कहा कि देश ने पहले भी बड़ी बीमारियों के खिलाफ मिलकर जीत हासिल की है और मलेरिया के मामले में भी यही रास्ता कारगर होगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता, समय पर जांच और सतर्कता को अपनाकर इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग साल भर में कुल 46 प्रकार की गतिविधियां संचालित करता है, जिनके जरिए लोगों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए जानकारी दी जाती है.
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया. इन केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया. साथ ही यह सुझाव दिया गया कि पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चलाकर लोगों तक मच्छरदानी के उपयोग और साफ-सफाई के महत्व को पहुंचाया जाए. डिजिटल प्लेटफॉर्म और वीडियो संदेशों के जरिए भी जागरूकता फैलाने की बात सामने आई.
आंकड़े दे रहे हैं सुधार के संकेत
मलेरिया नियंत्रण के क्षेत्र में राज्य की स्थिति को आंकड़ों के जरिए भी प्रस्तुत किया गया. वर्ष 2025 के दौरान झारखंड में कुल 42,236 मामले सामने आए. जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए 14,69,564 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट और 55,08,928 स्लाइड जांच की गईं. खास बात यह रही कि बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़ और जामताड़ा जैसे आठ जिलों में मामलों की संख्या 100 से नीचे दर्ज की गई, जो बेहतर नियंत्रण का संकेत माना गया.
कालाजार के खिलाफ भी जारी है अभियान
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह ने जानकारी दी कि मलेरिया के साथ-साथ कालाजार को भी न्यूनतम स्तर तक लाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि विभाग लगातार इस दिशा में काम कर रहा है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना बेहद जरूरी है.
विशेषज्ञों की मौजूदगी में बनी साझा रणनीति
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए. इनमें स्वास्थ्य निदेशक डॉ दिनेश कुमार, डॉ विजय रजक और पीरामल फाउंडेशन के विकास सिन्हा सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे. सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि मलेरिया मुक्त झारखंड का लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब हर स्तर पर मिलकर प्रयास किए जाएंगे.
जागरूकता और सतर्कता ही सबसे प्रभावी हथियार
कार्यक्रम के समापन पर यह संदेश दिया गया कि मलेरिया जैसी बीमारियों से लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ी ताकत है. नियमित साफ-सफाई, मच्छरदानी का उपयोग और समय पर जांच व उपचार अपनाकर इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. राज्य में जारी प्रयास यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में झारखंड इस लक्ष्य के और करीब पहुंच सकता है.
इसे भी पढ़ें-झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा रुख, अनुकंपा नियुक्ति में देरी पर रांची डीसी को नोटिस
इसे भी पढ़ें-रांची में दिनदहाड़े जमीन कारोबारी की हत्या; संजय सेठ ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
इसे भी पढ़ें-जहानाबाद टोल प्लाजा पर बारातियों और कर्मियों में भिड़ंत, फायरिंग में 2 घायल
इसे भी पढ़ें-भागलपुर में कूड़ा ठेले में मिला 10 वर्षीय बच्चे का शव, इलाके में सनसनी; हत्या की आशंका
इसे भी पढ़ें-भागलपुर में शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग, कई घर जलकर खाक
इसे भी पढ़ें-भागलपुर में नगर आयुक्त से बदसलूकी और मेयर पर आरोप, पार्षद रंजीत सस्पेंड
इसे भी पढ़ें-सम्राट चौधरी को NDA विधायक दल का नेता बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं में उत्साह
इसे भी पढ़ें-भागलपुर में LPG आपूर्ति सुचारु, प्रशासन की निगरानी में वितरण व्यवस्था मजबूत

