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Satellite Township Bihar: बिहार सरकार ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की मंजूरी दी गई. इस योजना के तहत पहले चरण में कोर एरिया को तैयार किया जाएगा, जिसे फिलहाल हरित क्षेत्र माना जा रहा है और यहां कोई बड़ा निर्माण नहीं है. सरकार का लक्ष्य इस पूरी योजना को व्यवस्थित तरीके से लागू करना है, ताकि शहरीकरण के साथ-साथ किसानों और स्थानीय लोगों को भी सीधा लाभ मिल सके.
पहले कोर एरिया का होगा विकास
नगर विकास विभाग के अनुसार, टाउनशिप की शुरुआत कोर एरिया से की जाएगी. यह क्षेत्र अभी तक लगभग खाली और हरित पट्टी जैसा है, इसलिए यहां जमीन अधिग्रहण और विकास कार्य अपेक्षाकृत आसान रहेगा. जैसे-जैसे यह क्षेत्र विकसित होगा, इसके बाद इसे आसपास के स्पेशल एरिया तक बढ़ाया जाएगा. इस योजना के तहत पूरे क्षेत्र को आवासीय, व्यावसायिक और सामुदायिक जोन में बांटकर व्यवस्थित प्लानिंग की जाएगी.
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आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी टाउनशिप
नई टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, पार्क और खेल मैदान जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सार्वजनिक जमीन का उपयोग सामुदायिक संसाधनों के लिए किया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके. योजना का उद्देश्य सिर्फ निर्माण नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और आधुनिक शहरी ढांचा तैयार करना है.
जमीन उपयोग का स्पष्ट फॉर्मूला तय
इस योजना में जमीन के उपयोग को लेकर स्पष्ट संरचना तैयार की गई है.
- 3 प्रतिशत भूमि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास के लिए सुरक्षित रखी जाएगी
- 5 प्रतिशत भूमि हरियाली और पार्कों के लिए निर्धारित होगी
- 15 प्रतिशत भूमि प्लानिंग अथॉरिटी के पास भविष्य की जरूरतों के लिए रहेगी
- 55 प्रतिशत क्षेत्र में सड़कें और बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा
- विकसित जमीन का बड़ा हिस्सा भूमि मालिकों को वापस दिया जाएगा
पटना और सोनपुर में बड़े प्रोजेक्ट
राज्य में पटना टाउनशिप को सबसे बड़ा स्पेशल एरिया माना जा रहा है, जिसका क्षेत्रफल 81 हजार हेक्टेयर से अधिक है. वहीं सोनपुर में लगभग दो हजार एकड़ में कोर एरिया विकसित किया जाएगा, जो राज्य का सबसे बड़ा कोर एरिया माना जा रहा है. सरकार इन टाउनशिप को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रही है.
कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट पर भी फोकस
नई टाउनशिप को राष्ट्रीय राजमार्ग और रिंग रोड से जोड़ा जाएगा, ताकि आवागमन आसान हो सके. इसके साथ ही हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए नए एयरपोर्ट की योजना भी शामिल है. सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और भागलपुर क्षेत्र के लिए सुल्तानगंज में एयरपोर्ट प्रस्तावित किया गया है.
किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलने की उम्मीद है. उनके बिखरे हुए खेतों को विकसित और व्यवस्थित प्लॉट में बदला जाएगा. इन प्लॉट्स में पहले से सड़क, बिजली, पानी और नाली जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी. इससे जमीन की कीमत बढ़ जाएगी और किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा लाभ मिलेगा. सरकार का दावा है कि यह मॉडल किसानों को नुकसान नहीं बल्कि लंबे समय में मजबूत आर्थिक फायदा देगा.
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