इस खबर में क्या है?
Bhagalpur News: भागलपुर में गर्मी बढ़ते ही चिकन पॉक्स के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. बीमारी के फैलने की आशंका को देखते हुए जिले में विशेष अलर्ट जारी किया गया है. इसी क्रम में आयुष चिकित्सा विभाग के नेतृत्व में जागरूकता अभियान शुरू किया गया है और 12 आयुष अस्पतालों में विशेष परामर्श केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर लोगों को बीमारी से बचाव, पहचान और इलाज को लेकर जानकारी दी जा रही है.
गर्मी में बढ़ता है संक्रमण का खतरा
देसी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्यामनारायण प्रसाद के अनुसार जैसे ही गर्मी बढ़ती है, चिकन पॉक्स का वायरस सक्रिय हो जाता है. यह बीमारी मुख्य रूप से उन लोगों में अधिक देखी जाती है, जिन्हें बचपन में इसका टीका नहीं लगा होता. वायरस शरीर में प्रवेश कर संक्रमण फैलाता है, जिससे परिवार के अन्य सदस्य भी प्रभावित हो सकते हैं.
आयुष अस्पतालों में विशेष परामर्श व्यवस्था
जिले के 12 आयुष अस्पतालों में विशेष काउंटर बनाए गए हैं, जहां मरीजों को परामर्श और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों की पहचान और समय पर इलाज से बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है. जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.
संक्रमण को लेकर चिकित्सकों की चेतावनी
चिकित्सकों ने बताया कि चिकन पॉक्स एक संक्रामक बीमारी है, जो तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है. यदि किसी घर में एक बच्चा संक्रमित हो जाए तो उसे अन्य बच्चों से अलग रखना जरूरी है. लगभग 10 दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, जब तक घाव पूरी तरह सूख न जाएं.
साफ-सफाई और दूरी सबसे जरूरी
विशेषज्ञों ने साफ-सफाई को सबसे महत्वपूर्ण बताया है. गंदगी और लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैल सकता है. संक्रमित व्यक्ति को भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है. मास्क का उपयोग और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है.
होम्योपैथी में भी इलाज का दावा
डॉ. श्यामनारायण प्रसाद के अनुसार होम्योपैथिक चिकित्सा में चिकन पॉक्स के उपचार और रोकथाम की संभावनाएं मौजूद हैं. इसमें दवाओं के माध्यम से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो सकता है. लोगों को गर्मी की शुरुआत में ही चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है.
लक्षण दिखने पर तुरंत जांच की सलाह
चिकित्सकों ने बताया कि बुखार, शरीर पर दाने और खुजली चिकन पॉक्स के प्रमुख लक्षण हैं. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सहिया से संपर्क करने की सलाह दी गई है. मरीजों को भीड़भाड़ में जाने से बचने को कहा गया है. हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि यह बीमारी आमतौर पर जानलेवा नहीं होती और इसका इलाज संभव है.
इसे भी पढ़ें-भागलपुर में इंटर-मैट्रिक कंपार्टमेंटल परीक्षा की तैयारी पूरी, तय समय के बाद सेंटर में एंट्री बंद
इसे भी पढ़ें-भागलपुर निगम की नई पहल: DPR के लिए बनायेगा कंसल्टेंट पैनल, आर्किटेक्ट बहाली की झंझट खत्म

