Madhepura News : मधेपुरा कुमारखंड प्रखंड के रामनगर महेश पंचायत स्थित वार्ड संख्या-12 में शुक्रवार की सुबह उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब कन्या प्राथमिक विद्यालय को मध्य विद्यालय बेला सदी में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी सामने आई. इस निर्णय के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र सड़क पर उतर आए. लोगों ने बांस-बल्ला लगाकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और बच्चों के साथ सड़क पर बैठकर शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. अचानक हुए इस आंदोलन से इलाके में आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
बिना सहमति स्थानांतरण पर नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय को स्थानांतरित करने से पहले स्थानीय स्तर पर कोई सहमति नहीं ली गई. आरोप है कि विभागीय स्तर पर अचानक लिए गए इस फैसले से छोटे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने कहा कि रामनगर में विद्यालय भवन उपलब्ध होने के बावजूद बच्चों को दूसरे गांव भेजा जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है.
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जर्जर सड़क और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यह भी बताया कि दोनों गांवों के बीच की सड़क काफी खराब स्थिति में है. बारिश के दिनों में यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है. कई बार बच्चे गिरकर घायल भी हो चुके हैं. ऐसे में छोटे बच्चों का रोजाना इस रास्ते से विद्यालय जाना उनके लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है.
आंदोलन के बाद प्रशासन सक्रिय
सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने पर प्राथमिक शिक्षक संघ के अंचल सचिव संजीव कुमार सुमन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया. काफी समझाने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया. इस दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा और स्थिति पर नजर बनाए रखी.
शिक्षा विभाग का त्वरित निरीक्षण और निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी किशोर भास्कर ने विद्यालय का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से जवाहर उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर के पश्चिम भवन में विद्यालय संचालन शुरू करने का निर्देश दिया. इस निर्णय के बाद ग्रामीणों में कुछ हद तक संतोष देखा गया.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और विद्यालय का स्थायी संचालन स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और सुगम शिक्षा वातावरण मिल सके.
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