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Dhanbad News: धनबाद और बोकारो को जोड़ने वाली बंद पड़ी मुख्य सड़क को दोबारा चालू कराने की मांग अब आंदोलन का रूप लेने लगी है. भाजपा विधायक राज सिन्हा ने केंदुआडीह इलाके में बंद सड़क पर 24 घंटे का उपवास शुरू किया है. उनके समर्थन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं.
सड़क बंद रहने से लोगों की परेशानी बढ़ी
करीब एक महीने से इस मार्ग पर आवाजाही ठप होने के कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. यह सड़क धनबाद, बोकारो, रांची और जमशेदपुर समेत कई प्रमुख शहरों को जोड़ती है, इसलिए इसके बंद होने का असर सीधे आम जनजीवन पर पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गये हैं. वहीं छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या कम होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है.
आंदोलन में व्यापारिक संगठनों की भागीदारी
केंदुआ, लोयाबाद, पुटकी, तेतुलमारी और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में शामिल हुए. कई व्यापारिक संगठनों और चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी विधायक के आंदोलन का समर्थन किया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क बंद रहने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ रही हैं.
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि समस्या के समाधान में लगातार देरी हो रही है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधान
कुछ दिन पहले जिला प्रशासन ने सड़क मामले को लेकर उच्चस्तरीय बैठक करने और समाधान निकालने का भरोसा दिया था. इसके बाद आंदोलन को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था, लेकिन बाद में कोई ठोस पहल नहीं होने पर दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया गया.
आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से अब तक स्पष्ट योजना सामने नहीं रखी गयी है. इसी वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.
विधायक ने सरकार पर साधा निशाना
राज सिन्हा ने कहा कि सड़क बंद रहने से हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है. विधायक ने कहा कि हाल में भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण और खुदाई के दौरान कोई बड़ा खतरा सामने नहीं आया, फिर भी सड़क को चालू नहीं किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि जब तक लोगों को राहत नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. जरूरत पड़ी तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा.
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