Bhagalpur News : भागलपुर के विद्युत शवदाहगृह में 12 नवंबर की रात से मशीन बंद पड़ी है. नगर निगम एक मशीन तक ठीक नहीं करा सकता है. पिछले एक साल से मशीन की छह क्वाइलों में से तीन पहले ही जल चुकी थीं. इसी रात आईडी फैन के खराब होते ही बाकी तीन क्वाइल भी काम करना बंद कर गईं. मशीन रुकने का असर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पर भी पड़ा—जहां सामान्यतः एक घंटे में कार्य पूरा हो जाता है, उस दिन दो घंटे लग गए.
नगर निगम की ओर से करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से नया विद्युत शवदाहगृह भी बनाया जा रहा है, लेकिन वह अभी तक अधूरा है. प्रस्तावित योजना के तहत लकड़ी आधारित अंतिम संस्कार के लिए चार प्लेटफॉर्म और विद्युत अंतिम संस्कार के लिए दो प्लेटफॉर्म तैयार करने थे. परियोजना को एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य था, पर दो साल गुजर जाने के बावजूद निर्माण अधर में लटका है.
यह काम 23 जनवरी 2024 को शुरू हुआ था और जनवरी 2025 तक पूरा करने की समय-सीमा तय की गई थी. मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ने कहा है कि बंद पड़ी मशीन की मरम्मत जल्द करवाई जाएगी और निर्माणाधीन परियोजना को लेकर भी एजेंसी पर दबाव बनाया जा रहा है.
Bhagalpur News : शहर का पहला रिवरफ्रंट अब आम लोगों और पर्यटकों के लिए पूरी तरह खुल गया है. बरारी घाट का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और गंगा तट पर अब सैर करने के साथ-साथ डॉल्फिन देखने का मौका भी मिलेगा. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 169.25 करोड़ रुपये की लागत से 1.1 किलोमीटर लंबा रिवरफ्रंट विकसित किया गया है. बाढ़ और अन्य देरी के बावजूद यह परियोजना अब शहर का प्रमुख आकर्षण बन चुकी है.
बरारी रिवरफ्रंट में उपलब्ध सुविधाएं
बरारी घाट पर सौंदर्यीकरण के तहत विकसित तट और तटबंध अब आम लोगों के लिए खुल गए हैं. नदी तक पहुँचने के लिए प्लेटफार्म बनाए गए हैं. रिवरफ्रंट पर वॉकिंग, जागिंग और मेडिटेशन के लिए अलग से स्थान हैं. गंगा आरती के लिए प्लाजा आधारित मंच, सुरक्षित घाट, शौचालय, पीने का पानी, वाशरूम और पार्किंग जैसी सुविधाएँ मौजूद हैं. रोशनी, कूड़ेदान, रेलिंग और फुटपाथ रिटेनिंग वाल जैसी अन्य सुविधाएँ भी पूरी तरह से तैयार हैं.
बरारी रिवरफ्रंट अब न सिर्फ शहरवासियों, बल्कि पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन चुका है. स्थानीय लोग और बच्चे यहां सैर करने, योग और मेडिटेशन करने, और गंगा तट का आनंद लेने आने लगे हैं.
भैरवा तालाब का सौंदर्यीकरण अभी अधूरा
भैरवा तालाब का सौंदर्यीकरण अभी पूरी तरह नहीं हुआ है. स्मार्ट सिटी और एजेंसी के बीच तालाब के ऊपरी हिस्से में कार्य को लेकर वार्ता चल रही है. हालांकि, तालाब के अंदर कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है.
स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने पूरे तालाब के विकास के लिए दिसंबर तक डेडलाइन तय की है. इस परियोजना पर कुल 40.42 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. तालाब के सौंदर्यीकरण के पूरा होने के बाद यह भी शहरवासियों और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बन जाएगा.
भागलपुर स्मार्ट सिटी सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन लंबित
भागलपुर स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी परियोजनाओं का रखरखाव भागलपुर स्मार्ट सिटी सोसाइटी के अधीन होगा. यह सोसाइटी 03 अगस्त 2023 को गठित की गई थी, जिसमें नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रभारी सचिव को अध्यक्ष और जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मेयर व नगर आयुक्त को सदस्य बनाया गया था.
लेकिन, अब तक इसका रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हुआ है. रजिस्ट्रेशन पूरी न होने पर परियोजनाओं के मेंटेनेंस और मूलभूत सुविधाओं पर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते रजिस्ट्रेशन न कराया गया तो पूरे रिवरफ्रंट और तालाब क्षेत्र की सुरक्षा और सेवाओं पर असर पड़ सकता है.
Prashant Kishor: बिहार विधानसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम न आने के बाद जनसुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर पहली बार मीडिया के समक्ष विस्तार से बोले पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने स्वीकार किया कि संगठन को जनता का विश्वास दिलाने में वे स्वयं सफल नहीं हुए प्रेस वार्ता के दौरान कुछ क्षणों में वे भावुक भी दिखाई दिए उनका कहना था कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में साथियों की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि अभियान निरर्थक नहीं था
कोशिश पूरी रही, परंतु नतीजे हमारे पक्ष में नहीं आए
किशोर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व बिहार में परिवर्तन का विचार लेकर उन्होंने यात्रा प्रारंभ की थी गांव-गांव घूमकर और अलग-अलग समुदायों से संवाद कर उन्होंने टीम के साथ एक विकल्प तैयार करने का प्रयास किया उन्होंने कहा कि “कोशिश पूरी रही, परंतु नतीजे हमारे पक्ष में नहीं आए जनता ने हमें नहीं चुना, इसका अर्थ यही है कि हमारी मेहनत अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँची” किशोर ने यह भी माना कि उनकी मुहिम ने राजनीतिक चर्चा में थोड़ी हलचल अवश्य पैदा की, किंतु इसे पर्याप्त जनसमर्थन में परिवर्तित नहीं किया जा सका
संवाद के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी हार के लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं उन्होंने कहा कि “यह निर्णय जनता का है और उसकी पूरी जवाबदेही मेरी है मैं अपने उम्मीदवारों तक जनता का भरोसा नहीं पहुँचा पाया” उन्होंने बताया कि उनकी ओर से कई योग्य प्रत्याशी मैदान में उतरे थे, लेकिन मतदाता का झुकाव अन्य दलों की ओर रहा एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि “जनता जिस स्वाद की आदी है, उसे वही पसंद आता है, उसे बदलने का प्रयास सफल नहीं होता”
पूर्व सरकार की योजनाओं पर प्रश्न
प्रेस वार्ता में किशोर ने एनडीए सरकार की चुनावपूर्व घोषणाओं पर भी टिप्पणी की उन्होंने कहा कि मतदान से पहले बड़े पैमाने पर योजनाओं की बात की गई और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के नाम पर आर्थिक सहायता भेजी गई साथ ही अतिरिक्त राशि देने का वचन भी दिया गया था उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार निर्धारित अवधि में महिलाओं को घोषित धनराशि उपलब्ध करा देती है, तो वे सार्वजनिक जीवन से हटने का निर्णय ले लेंगे अन्यथा, उनके अनुसार, यह साबित होगा कि वादे केवल चुनावी लाभ के लिए किए गए थे
Bihar News: बिहार में नई कैबिनेट के गठन से पहले सियासी हलचल और बढ़ गई है. जेडीयू–भाजपा गठबंधन में मंत्री पदों के बंटवारे पर लगभग सहमति बन चुकी है, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री के पद पर दोनों दलों की दावेदारी ने माहौल गर्म कर दिया है.
सोमवार देर रात बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब केंद्रीय मंत्री व जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा विशेष विमान से दिल्ली रवाना हुए. माना जा रहा है कि दोनों नेता भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सरकार गठन से जुड़े अंतिम मुद्दों पर बातचीत करेंगे. शपथ ग्रहण समारोह की चर्चाओं के बीच यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है.
समान हिस्सेदारी पर सहमति, लेकिन अध्यक्ष पद पर गतिरोध
गठबंधन की संरचना को लेकर जेडीयू और भाजपा ने मंत्रियों की संख्या बराबर रखने पर सहमति बना ली है, ताकि सत्ता बंटवारे में किसी तरह का असंतुलन न रहे. हालांकि विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर स्थिति अब भी जटिल है. यह पद सरकार के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए दोनों दल इसे अपने पास रखना चाहते हैं.
फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी भाजपा के पास है. जेडीयू का कहना है कि चूंकि विधानपरिषद के सभापति का पद भाजपा के हिस्से में है, इसलिए विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी उसे मिलनी चाहिए. वहीं भाजपा का तर्क है कि मुख्यमंत्री पद पहले से जेडीयू के पास है, इसलिए अध्यक्ष पद उसका स्वाभाविक अधिकार बनता है.
दिल्ली में अंतिम रणनीति, फैसलों की उलटी गिनती शुरू
ललन सिंह और संजय झा का दिल्ली पहुंचना यह संकेत देता है कि कैबिनेट का स्वरूप, विभागों का वितरण और प्रमुख पदों पर सहमति को लेकर शीर्ष स्तर पर अंतिम दौर की बातचीत चल रही है. ऐसा माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद गठबंधन अपना अंतिम फैसला जल्द ही सार्वजनिक कर सकता है.
Bihar CM Shapath Grahan: पटना के गांधी मैदान में 20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की हलचल अब पूरे शहर में महसूस की जा सकती है. मैदान को सोमवार से पुलिस नियंत्रण में ले लिया गया है और जर्मन हैंगर पंडालों की स्थापना से लेकर वीवीआईपी मंच, सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा प्रबंधन और रूट मैप तक हर तैयारी को बारीकी से परखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस आयोजन में शामिल हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को असाधारण स्तर पर सख्त किया गया है.
सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी की टीम ने पूरे स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया. उनके साथ प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष पराशर, सेंट्रल रेंज आइजी जितेंद्र राणा, डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौक़े पर मौजूद रहे. टीम ने मंच निर्माण, सुरक्षा तंत्र, वीआईपी मूवमेंट, पार्किंग, बैठने के प्रबंध और आपातकालीन योजना जैसे प्रत्येक पहलू की समीक्षा की.
प्रधानमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा प्लान और भी कड़ा
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है. इसके मद्देनज़र पुलिस ने सोमवार से ही गांधी मैदान को आम लोगों की आवाजाही से मुक्त कर दिया है. वीवीआईपी प्रवेश मुख्यत: गेट नंबर एक से निर्धारित किया गया है, जबकि अन्य द्वारों का उपयोग सुरक्षा मानकों के अनुसार किया जाएगा.
एसपीजी का मूवमेंट और विशेष सुरक्षा व्यवस्था
ऐसे हाई-प्रोफाइल आयोजन के लिए एसपीजी की तैनाती लगभग तय है और मंगलवार को उनकी टीम के पटना पहुंचने की उम्मीद जताई गई है. बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉयड ने मैदान के भीतर और बाहर से सुरक्षा जांच शुरू कर दी है. बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, ताकि हर गतिविधि पर निगरानी बनी रहे.
गांधी मैदान और उसके आसपास के क्षेत्रों में 128 हाई-टेक कैमरे लगा दिए गए हैं, जिनमें 61 फिक्स्ड, 22 पीटीजेड और 45 एनालिटिक कैमरे शामिल हैं. इनमें से 49 कैमरे मैदान की परिधि पर और 79 अंदर लगाए गए हैं. इन सभी की मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जा रही है. सोमवार से कैमरों, ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन और कमांड सिस्टम की टेस्टिंग भी जारी है.
छुट्टी पर रोक और प्रशासनिक तैयारियाँ
डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले के सभी जिला, अनुमंडल, प्रखंड और तकनीकी पदाधिकारियों की छुट्टियाँ 20 नवंबर तक रद्द कर दी हैं. केवल विशेष परिस्थिति में ही अनुमति मिलेगी. प्रशासन इस कार्यक्रम को पूरी सख़्ती और अनुशासन के साथ संपन्न करने पर केंद्रित है.
ट्रैफिक रूट में बड़े बदलाव
20 नवंबर की सुबह से समारोह के समापन तक गांधी मैदान के चारों ओर ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह बदला रहेगा. वीवीआईपी मूवमेंट, पार्किंग प्लान और आम नागरिकों की आवाजाही को लेकर पुलिस की ओर से जल्द आधिकारिक रूट चार्ट जारी किया जाएगा.
गांधी मैदान बनेगा नई सरकार के स्वागत का प्रतीक
शपथ ग्रहण सिर्फ सत्ता परिवर्तन का पल नहीं होता, बल्कि नई सरकार की कार्यशैली की झलक भी प्रस्तुत करता है. इसलिए गांधी मैदान को इस बार सुरक्षा, अनुशासन और गरिमा—तीनों का संतुलित उदाहरण बनाने की तैयारी की जा रही है. जर्मन हैंगर से लेकर ड्रोन निगरानी और कैमरा नेटवर्क तक, हर व्यवस्था प्रशासन की गंभीरता और पेशेवर दृष्टिकोण को दर्शाती है.
पटना की पूरी प्रशासनिक मशीनरी इस समय गांधी मैदान पर केंद्रित है. 20 नवंबर का दिन राजनीतिक इतिहास का एक नया अध्याय लिखेगा, और शहर इस क्षण की मेजबानी में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता.
Delhi Bomb Blast: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को धमाके के मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी के करीबी सहयोगी जसीर बिलाल वानी को श्रीनगर से पकड़ लिया. अनंतनाग के काजीगुंड निवासी वानी हमले की तैयारियों में आरोपी सक्रिय रूप से शामिल था और तकनीकी सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था.
ड्रोन संशोधन से लेकर कार बम तैयारी तक की तकनीकी भूमिका
NIA ने लाल किला क्षेत्र में कार बम विस्फोट करने वाले आतंकवादी के एक और प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार किया। pic.twitter.com/TEo6GNw629
अधिकारियों के अनुसार वानी ने आत्मघाती हमलावर घोषित किए जा चुके उमर के साथ मिलकर ड्रोन में बदलाव, रॉकेट बनाने की कोशिश और कार बम विस्फोट की योजना के लिए तकनीकी प्रयोगों में हाथ बँटाया था. दिल्ली में 10 नवंबर को हुए इस विस्फोट में 13 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद से जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है.
NIA ने बताया कि वानी को इलाके में दानिश नाम से भी जाना जाता था और उसकी भूमिका स्पष्ट तौर पर एक सह-षड्यंत्रकारी की थी. वानी ने पूछताछ में बताया कि पिछले वर्ष अक्टूबर में उसकी मुलाकात कुलगाम की एक मस्जिद में उमर से हुई थी, जिसके बाद उसे फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय ले जाकर मॉड्यूल में शामिल रखने की कोशिश की गई. उमर महीनों तक उसे आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए प्रभावित करता रहा, पर आर्थिक तंगी और इस्लाम में आत्महत्या के निषेध का हवाला देते हुए उसने इनकार कर दिया.
दोषियों को “पाताल से भी खोजकर लाएंगे”— अमित शाह
इधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली धमाके के दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद समाप्त करना सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता है. उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की शुरुआत में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके तथा नौगाम थाने में हुए विस्फोट के पीड़ितों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई. (इनपुट: भाषा)
Bhagalpur News : भागलपुर मेंलंबित पत्रों के निष्पादन को लेकर समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. विगत तीन माह में प्राप्त पत्रों के निष्पादन को लेकर जिलाधिकारी ने सभी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी पत्र प्राप्ति पंजी में दर्ज किए जाएं और जो महत्वपूर्ण हैं, उनका जवाब दो दिनों के अंदर भेजा जाए.
जिलाधिकारी ने 18 नवंबर को सभी वरीय पदाधिकारियों को अपने-अपने प्रखंडों का दौरा कर वहां लंबित कार्यों के निष्पादन करवाने तथा कार्यालय व्यवस्था दुरुस्त करवाने का निर्देश दिया.
बैठक में उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता दिनेश कुमार राम, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.
भागलपुर में राज्य स्तरीय अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता का आगाज.
Bhagalpur News : खेल विभाग बिहार, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण पटना तथा जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में 17 नवंबर से नौ दिवसीय राज्य स्तरीय अंतर प्रमंडल विद्यालय अंडर-19 बालक क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन जिला पदाधिकारी भागलपुर डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया.
उद्घाटन के दौरान उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अनुमंडल पदाधिकारी सदर विकास कुमार, निदेशक DRDA दुर्गा शंकर, वरीय कोषागार पदाधिकारी देवेंद्र कुमार सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन में सहयोग किया. जिलाधिकारी ने सभी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं. जिला खेल पदाधिकारी जय नारायण कुमार ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ, पौधा एवं प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया.
किलकारी व बाल भवन, भागलपुर के बच्चों ने रंगारंग नृत्य प्रस्तुति देकर सभी आगंतुकों का मन मोह लिया. उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार ने कहा कि हर व्यक्ति कभी न कभी अपने शुरुआती दिनों में खिलाड़ी रहा है और आज सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है. कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन अपर समाहर्ता दिनेश राम ने किया.
उद्घाटन कार्यक्रम में सचिव जिला क्रिकेट संघ जयशंकर ठाकुर, संयुक्त सचिव सुबीर मुखर्जी, शारीरिक शिक्षक नीरज राय, नवीन भूषण, आलोक कुमार, संजीव कुमार सिंह, अशोक कुमार, देवीशंकर, वरुण गंगोत्री, जयंतो राज, चंद्रभूषण कुमार, राकेश कुमार, प्रधान लिपिक सतीश चंद्र, लिपिक मृणाल किशोर, कार्यपालक सहायक मोहम्मद अमीर खान, गृह रक्षक सुनील कुमार तथा सुनील कुमार शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे.
पहले मैच में मगध ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का लिया निर्णय
पहले मैच में मगध ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का निर्णय लिया. सारण की टीम 18.3 ओवर में 10 विकेट खोकर 93 रन ही बना सकी. सारण की ओर से चंदन कुमार ने 37 गेंदों पर 38 रन और मंजीत कुमार ने 11 गेंदों पर 18 रन बनाए. मगध की ओर से प्रिंस आर्य ने 4 ओवर में 19 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि निशांत कुमार ने 23 रन देकर 2 विकेट तथा आयुष और सोनल ने 1-1 विकेट लिया.
लक्ष्य का पीछा करते हुए मगध ने 12 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 93 रन बनाकर जीत हासिल की. अभिषेक राज ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 38 रन और आयुष कुमार ने 27 रन की पारी खेली. सारण की ओर से शुभम पांडे ने 2 विकेट लिए.
मैच में निर्णायक सुनील सिंह (पटना) और अभय कुमार (भागलपुर) थे. स्कोरर की भूमिका अंकित कुमार और अमृत राज ने निभाई. बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा सफल संचालन हेतु 16 तकनीकी पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जिनमें राजेश कुमार, अभिमन्यु कुमार, विकास कुमार, नवीन भूषण शर्मा, आशुतोष कुमार आदि शामिल हैं.
अगला मैच कब ?
18 नवंबर को पूर्वाह्न 8 बजे से मगध बनाम कोसी प्रमंडल तथा 12 बजे से सारण बनाम तिरहुत प्रमंडल के बीच मैच खेले जाएंगे. सभी मुकाबले 20-20 ओवर के होंगे.
Railway running staff protest:सोमवार 16.11.2025 को AIRF के महामंत्री कॉम शिव गोपाल मिश्रा तथा ERMU के महामंत्री अमित कुमार घोष के आह्वान पर भागलपुर रनिंग क्रू लॉबी में रनिंग स्टाफ द्वारा सशक्त विरोध प्रदर्शन किया गया.
भारतीय रेलवे के रनिंग स्टाफ को मिलने वाले किलोमीटर भत्ता (KMA) में 25% वृद्धि नहीं किया जाना प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा रहा. रनिंग स्टाफ ने एकजुट होकर प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि उनके अधिकारों से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा.
सभी साथियों ने एक स्वर में यह विश्वास व्यक्त किया कि शिव गोपाल मिश्रा ही ऐसे नेता हैं जो इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे का समाधान करवाने की क्षमता रखते हैं.
आज के विरोध प्रदर्शन में कॉम उदय पासवान, संदीप कुमार, आर. के. पोद्दार, मो. सद्दाम आदि सक्रिय रूप से उपस्थित रहे.
ERMU भागलपुर शाखा के सचिव चंदन कुमार भी कार्यक्रम में सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और साथियों को संबोधित किया.
Bhagalpur : भारतीय मजदूर संघ एवं राष्ट्रीय बैंक अधिकारी संगठन से संबद्ध बिहार राज्य यूको बैंक अधिकारी संघ के आह्वान पर, यूको बैंक में कार्यरत भागलपुर के सभी अधिकारीगण एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन पर रहे. इस धरने में अलग-अलग शाखा और अन्य बैंक के साथ भारतीय मजदूर संघ से लगभग 500 लोग शामिल हुए.
धरने का मुख्य उद्देश्य और अधिकारियों की मांगें
धरने का मुख्य उद्देश्य वर्तमान परिदृश्य में बैंककर्मी अत्यधिक तनाव का सामना कर रहे हैं और कार्य-जीवन संतुलन नहीं बना पा रहे. अधिकारियों ने कहा कि “महिलाओं, दिव्यांगजनों और अधिकारियों पर क्रूर हमला बंद होना चाहिए”, क्योंकि स्वास्थ्य, परिवार और कार्यालय तीनों महत्वपूर्ण हैं.
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि तीनों को बराबर समय देना अनिवार्य है, यानी स्वास्थ्य, परिवार और कार्यालय को 8-8 घंटे दिया जाना जरूरी है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूको बैंक भागलपुर का प्रबंधन सभी दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहा है और बिहारी भावनाओं को कुचल रहा है, जिस पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए.
धरने का नेतृत्व और प्रमुख नेताओं की मौजूदगी
इस विशाल धरना प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय मजदूर संघ बिहार के महासचिव संजय सिन्हा, अध्यक्ष राजेश कुमार पाल, और अखिल भारतीय यूको बैंक अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष चंद्र मोहन सिंह ने की.
साथ ही Nobo सभी बैंक के महासचिव कुमार अविनाश और अध्यक्ष अभिषेक सिन्हा भी धरने में मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन BSUCBOA के अध्यक्ष श्री अवनीश वर्मा एवं अंचल सचिव आनंद कुमार सिंह ने किया.
अन्य नेताओं और संगठनों का समर्थन
धरने में बिहार राज्य बैंकर्स समिति के अध्यक्ष श्री अभिषेक सिन्हा और उप महासचिव श्री रोहित कुमार उपस्थित थे. बिहार राज्य SC/ST एवं OBC परिषद के सचिव श्री योगेश कुमार ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ सहमति व्यक्त की और प्रबंधन के कृत्यों पर असंतोष जताया. इसके अलावा बिहार के उप महासचिव श्री श्याम कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.
इन सभी नेताओं और संगठनों ने धरने के दौरान प्रबंधन के खिलाफ स्पष्ट समर्थन दिया और अधिकारियों की मांगों को सही ठहराया.
प्रबंधन को चेतावनी और भविष्य की रणनीति
धरने के दौरान अधिकारियों ने प्रबंधन को अपनी मांगें सौंप दी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार सुबह तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो पूरे राज्य में विस्तृत विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष केवल कामकाजी परिस्थितियों में सुधार और कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन द्वारा नियमों और दिशानिर्देशों का पालन न करना, कर्मचारियों पर अत्यधिक दबाव डालना और बिहारी भावनाओं को नजरअंदाज करना अस्वीकार्य है.