Bhagalpur Cyber Fraud: मोबाइल पर आया एक लिंक खोलना जीरोमाइल में रहने वाली एक नर्स को महंगा पड़ गया. साइबर अपराधियों ने इसी बहाने उसके बैंक खाते में सेंध लगा दी और देखते ही देखते 98 हजार रुपये उड़ा लिये.
पीड़िता मूल रूप से बांका जिले के धौरैया की रहने वाली है. उसने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया था. लिंक सामान्य लगने पर उसने उसे खोल दिया. कुछ ही देर बाद मोबाइल पर लगातार बैंक से रुपये कटने का मैसेज आया. खाते की जांच करने पर पता चला कि कुल 98 हजार रुपये की निकासी हो चुकी है.
ठगी का एहसास होते ही पीड़िता ने जीरोमाइल थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज करायी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लिंक किस नंबर या प्लेटफॉर्म से भेजा गया था और किन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई. साथ ही साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
पुलिस ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक, ऐप या मैसेज पर बिना पुष्टि किए क्लिक न करें. थोड़ी-सी लापरवाही से बैंक खाते में जमा पूरी रकम खतरे में पड़ सकती है.
Chanakya Niti : चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य ने जीवन से जुड़े कई ऐसे सिद्धांत बताए हैं, जो आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शक माने जाते हैं. माफी को लेकर भी उन्होंने संतुलित सोच अपनाने की सलाह दी है. चाणक्य का मानना था कि क्षमा करना अच्छी बात है, लेकिन हर व्यक्ति और हर गलती को बिना सोचे-समझे माफ करना बुद्धिमानी नहीं है. ऐसा करने पर कई लोग आपकी उदारता को कमजोरी समझ सकते हैं और उसका फायदा भी उठा सकते हैं. इसलिए यह समझना जरूरी है कि कब किसी को दूसरा मौका देना चाहिए और किन परिस्थितियों में सख्ती जरूरी होती है.
पहली बार हुई गलती पर दें दूसरा मौका
आचार्य चाणक्य के अनुसार यदि किसी व्यक्ति से पहली बार अनजाने में कोई गलती हुई हो और उसे अपनी भूल का सच्चा पछतावा हो, तो उसे माफ कर देना चाहिए. उनका मानना था कि इंसान से गलतियां होना स्वाभाविक है और सुधार का अवसर मिलना भी जरूरी है.
कमजोर या अपने लोगों की छोटी गलतियों को करें नजरअंदाज
चाणक्य नीति कहती है कि जो लोग उम्र, पद या अनुभव में आपसे छोटे हैं, जैसे बच्चे या आपके अधीन काम करने वाले लोग, उनकी छोटी-मोटी गलतियों पर कठोर होने के बजाय उन्हें समझाना बेहतर होता है. ऐसे मामलों में गुस्से से ज्यादा धैर्य और मार्गदर्शन की जरूरत होती है.
ताकत होने पर भी माफ करना है बड़प्पन
आचार्य चाणक्य के अनुसार क्षमा उसी की शोभा बढ़ाती है जिसके पास दंड देने की क्षमता हो. यदि आपके पास किसी को सजा देने का अधिकार है, लेकिन सामने वाले के सच्चे पश्चाताप को देखकर आप उसे माफ कर देते हैं, तो यह आपकी कमजोरी नहीं बल्कि आपके बड़े व्यक्तित्व का परिचय है.
इन लोगों को माफ करने से पहले जरूर सोचें
Chanakya. Photo-AI
धोखा देने वाले व्यक्ति से रहें सावधान
चाणक्य का मानना था कि स्वभाव से बुरे और धोखेबाज व्यक्ति को बार-बार माफ करना ठीक नहीं है. उन्होंने इसकी तुलना सांप से की है. जैसे सांप को दूध पिलाने से उसका जहर खत्म नहीं होता, वैसे ही बुरे व्यक्ति को बार-बार माफ करने से उसका व्यवहार नहीं बदलता. उल्टा वह आपकी दयालुता को कमजोरी समझने लगता है.
यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर बार-बार एक जैसी गलती करता है और हर बार सिर्फ माफी मांगकर बच निकलना चाहता है, तो चाणक्य के अनुसार ऐसे व्यक्ति को दोबारा मौका नहीं देना चाहिए. यह इस बात का संकेत है कि वह आपकी भावनाओं और विश्वास की कद्र नहीं करता.
विश्वास तोड़ने वाले को दोबारा मौका न दें
आचार्य चाणक्य ने विश्वासघात को सबसे बड़ी भूलों में गिना है. उनके अनुसार जो व्यक्ति आपका भरोसा तोड़ देता है या पीठ पीछे नुकसान पहुंचाता है, उसे दोबारा अपनी जिंदगी में जगह देना समझदारी नहीं है. उनका कहना था कि विश्वास कांच की तरह होता है, जो एक बार टूट जाए तो पहले जैसा नहीं बन पाता.
जीवन में संतुलन रखना ही सबसे बड़ी नीति
चाणक्य नीति के अनुसार न तो व्यक्ति को इतना कठोर होना चाहिए कि वह किसी की छोटी गलती भी माफ न कर सके और न ही इतना सरल कि हर कोई उसका फायदा उठा ले. आचार्य चाणक्य ने कहा है कि जंगल में सबसे पहले वही पेड़ काटा जाता है जो सबसे सीधा होता है. इसी तरह जरूरत से ज्यादा सरल और हर किसी को माफ करने वाला व्यक्ति अक्सर समाज में सबसे अधिक नुकसान उठाता है. इसलिए हर परिस्थिति में विवेक से निर्णय लेना ही सबसे बेहतर नीति है.
Welcome To The Jungle : वेलकम टू द जंगलबॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत पकड़ बनाए हुए है. ऐसे दौर में जब कॉमेडी फिल्मों को सिनेमाघरों तक दर्शक खींचने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, यह फिल्म उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रही है. फिल्म की सफलता के बीच निर्देशक अहमद खान ने बताया कि आखिर दर्शकों को इसमें ऐसा क्या पसंद आ रहा है. उन्होंने अक्षय कुमार और रवीना टंडन की जोड़ी को दोबारा साथ लाने की कहानी भी साझा की.
‘फैमिली के साथ बैठकर देखने वाली फिल्म बनाना चाहता था’
अहमद खान का कहना है कि लोगों को हंसाना सबसे मुश्किल काम है, क्योंकि हर व्यक्ति का सेंस ऑफ ह्यूमर अलग होता है. यही वजह रही कि उन्होंने शुरुआत से तय कर लिया था कि फिल्म में न अश्लील कॉमेडी होगी, न किसी का मजाक उड़ाने वाले संवाद और न ही जरूरत से ज्यादा स्लैपस्टिक कॉमेडी.
उन्होंने कहा कि उनका मकसद ऐसी फिल्म बनाना था, जिसे पांच साल का बच्चा और 95 साल का बुजुर्ग भी एक साथ बैठकर बिना असहज हुए देख सके. उनके मुताबिक, यही सोच फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनी.
रवीना टंडन के लिए पहले से तय था किरदार
निर्देशक ने बताया कि अक्षय कुमार शुरू से फिल्म का हिस्सा थे. वहीं गांव की मजबूत महिला के किरदार के लिए उनके दिमाग में सिर्फ रवीना टंडन का नाम था. उन्होंने रवीना से कहा कि अक्षय कुमार के साथ उनकी जोड़ी को बड़े पर्दे पर आए काफी समय हो गया है और दर्शक दोनों को फिर से साथ देखना पसंद करेंगे.
इसके बाद दोनों कलाकार फिल्म में साथ काम करने के लिए तैयार हो गए. अहमद खान ने साफ किया कि फिल्म में अक्षय और रवीना के बीच जितने भी दृश्य हैं, वे सिर्फ कहानी की जरूरत के हिसाब से रखे गए हैं.
30 से ज्यादा कलाकार… फिर भी किसी को नहीं हुआ कम स्क्रीन टाइम का अहसास
फिल्म में 30 से ज्यादा कलाकार हैं. इतने बड़े स्टारकास्ट को संभालने के सवाल पर अहमद खान ने बताया कि उन्होंने कलाकारों को अलग-अलग ग्रुप में बांटकर शूटिंग की योजना बनाई. एक ग्रुप में गांव के लोग, दूसरे में विलेन और तीसरे में बाकी किरदार रखे गए.
उन्होंने बताया कि किसी कलाकार के लिए अलग से दृश्य नहीं लिखे गए. अधिकतर सीन ऐसे बनाए गए, जिनमें लगभग सभी कलाकार एक साथ मौजूद रहते थे और अपने-अपने किरदार के मुताबिक प्रतिक्रिया देते थे. इससे किसी को भी कम महत्व मिलने जैसा महसूस नहीं हुआ.
18 दिन में 187 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार
‘वेलकम टू द जंगल’ की कमाई लगातार जारी है. रिलीज के 18 दिनों में फिल्म ने भारत में 130.10 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है. वहीं दुनियाभर में इसका कारोबार 187.48 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. कॉमेडी फिल्मों के लिए चुनौतीपूर्ण माने जा रहे दौर में यह प्रदर्शन फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
Electric Scooter: देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इन स्कूटर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें चलाने के लिए न ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत पड़ती है और न ही आरटीओ में रजिस्ट्रेशन कराना होता है. यही कारण है कि छात्र, बुजुर्ग और रोजाना कम दूरी तय करने वाले लोग इन्हें तेजी से अपना रहे हैं. अगर आपका रोजाना का सफर स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, बाजार या ऑफिस तक सीमित है, तो ये स्कूटर आपके लिए किफायती विकल्प साबित हो सकते हैं.
मोटर वाहन नियम क्या कहते हैं?
भारतीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार जिन इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है और जिनकी मोटर निर्धारित सीमा के भीतर रहती है, उन्हें लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर की श्रेणी में रखा जाता है. ऐसे वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और आरटीओ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है.
हालांकि, इन स्कूटर्स का उपयोग शहर के भीतर छोटी दूरी के सफर के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है. लंबी दूरी या हाईवे पर सफर के लिए हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर बेहतर विकल्प होते हैं.
Komaki X-One: सबसे सस्ते विकल्पों में शामिल
अगर आपका बजट कम है तो Komaki X-One पर विचार किया जा सकता है. इसकी शुरुआती कीमत करीब 34,999 रुपये है. कंपनी के मुताबिक यह स्कूटर एक बार चार्ज करने पर लगभग 60 किलोमीटर तक चल सकता है. रोजमर्रा की छोटी दूरी के लिए इसे उपयोगी माना जाता है.
Zelio Gracy: शहर में आसान सफर
Zelio Gracy भी लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट का लोकप्रिय मॉडल है. इसकी अधिकतम स्पीड 25 किमी प्रति घंटा है, इसलिए इसे चलाने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ती. बाजार, स्कूल और ऑफिस जैसी छोटी दूरी के लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है.
Kinetic Zing की एक्स-शोरूम कीमत करीब 67,990 रुपये है. कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर लगभग 70 किलोमीटर तक की रेंज देता है. यदि आप रोजाना अपेक्षाकृत अधिक दूरी तय करते हैं तो यह मॉडल आपके काम आ सकता है.
Okinawa R30: 60 किलोमीटर तक की रेंज
लो-स्पीड सेगमेंट में Okinawa R30 भी अच्छी पसंद मानी जाती है. इसकी शुरुआती कीमत लगभग 61,998 रुपये है. कंपनी के अनुसार यह सिंगल चार्ज में करीब 60 किलोमीटर तक चल सकता है.
Yulu Wynn: कम खर्च में रोजाना की मोबिलिटी
हल्के वजन और आसान संचालन के कारण Yulu Wynn भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है. इसकी ऑन-रोड कीमत करीब 55,555 रुपये से शुरू होती है. कंपनी इसे मासिक मोबिलिटी प्लान के साथ भी उपलब्ध कराती है, जिससे शुरुआती खर्च कम हो सकता है. यह मॉडल खासतौर पर शहर के भीतर रोजाना आने-जाने वाले युवाओं और नौकरीपेशा लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
खरीदने से पहले किन बातों पर करें गौर?
लो-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सिर्फ कीमत देखकर फैसला न लें. बैटरी की वारंटी, चार्जिंग में लगने वाला समय, सर्विस सेंटर की उपलब्धता और कंपनी की आफ्टर-सेल्स सर्विस की भी जांच करें. यदि आपकी रोजाना की यात्रा 20 से 40 किलोमीटर के बीच है तो ऐसे स्कूटर आपके लिए किफायती साबित हो सकते हैं. वहीं ज्यादा दूरी और तेज रफ्तार की जरूरत होने पर हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना बेहतर रहेगा.
Jagannath Rath Yatra 2026: जगन्नाथपुर रथयात्रा और मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची ट्रैफिक पुलिस ने 16 से 25 जुलाई तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. इस अवधि में शहर के कई प्रमुख मार्गों पर रूट डायवर्जन, नो-एंट्री और पार्किंग की नई व्यवस्था लागू रहेगी. रथयात्रा 16 जुलाई को निकलेगी, जबकि 25 जुलाई को रथ वापसी (घुरती मेला) के साथ इसका समापन होगा.
श्रद्धालुओं के लिए तय किए गए पार्किंग स्थल
ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बिरसा चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद मैदान में पार्क करेंगे. वहीं, तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की दिशा से आने वाले लोगों के लिए प्रभात तारा मैदान को पार्किंग स्थल बनाया गया है. तिरिल मोड़ स्थित हेलिपैड में भी वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी.
Jagannath Rath Yatra 2026: इन मार्गों से होकर गुजरेंगे वाहन
रिंग रोड से मेला या शहर की ओर आने वाले भारी और हल्के वाहन तिरिल मोड़, नॉर्थ गेट, प्रभात तारा मैदान और शालीमार बाजार होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे. इसके अलावा बिरसा चौक से रिंग रोड जाने वाले वाहनों को सिंह मोड़, चांदनी चौक, धुर्वा गोलचक्कर और वीर कुंवर सिंह चौक होकर भेजा जाएगा. एचईसी और विधानसभा क्षेत्र से रिंग रोड जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं. वहीं, रिंग रोड से शहर आने वाले वाहन धुर्वा गोलचक्कर, चांदनी चौक, सिंह मोड़ और बिरसा चौक होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे.
यातायात व्यवस्था के तहत तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर तथा प्रभात तारा मैदान के मुहाने से जगन्नाथपुर बाजार तक कार, ऑटो, सवारी वाहन और दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी. इन मार्गों पर केवल आवश्यक सेवाओं और प्रशासनिक वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी.
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की अपील
ट्रैफिक पुलिस ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने, यातायात नियमों का पालन करने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनावश्यक वाहन लेकर नहीं आने की अपील की है. पुलिस ने यह भी कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर भीड़ की स्थिति को देखते हुए अन्य मार्गों पर भी अस्थायी डायवर्जन लागू किया जा सकता है.
रांची ट्रैफिक रूट और डायवर्जन की पूरी लिस्ट
पार्किंग व्यवस्था
बिरसा चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद मैदान में पार्क करेंगे.
तुपुदाना, हटिया और धुर्वा की ओर से आने वाले वाहन प्रभात तारा मैदान में पार्क किए जाएंगे.
तिरिल मोड़ स्थित हेलिपैड में भी पार्किंग की व्यवस्था रहेगी.
इन मार्गों से होकर जाएंगे वाहन
रिंग रोड → तिरिल मोड़ → नॉर्थ गेट → प्रभात तारा मैदान → शालीमार बाजार → गंतव्य
बिरसा चौक → सिंह मोड़ → चांदनी चौक → धुर्वा गोलचक्कर → वीर कुंवर सिंह चौक → रिंग रोड
एचईसी/विधानसभा क्षेत्र → वैकल्पिक निर्धारित मार्ग → रिंग रोड
रिंग रोड → धुर्वा गोलचक्कर → चांदनी चौक → सिंह मोड़ → बिरसा चौक → शहर
इन मार्गों पर रहेगा नो-एंट्री
तिरिल मोड़ से मौसीबाड़ी गोलचक्कर तक
शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर तक
प्रभात तारा मैदान के मुहाने से जगन्नाथपुर बाजार तक
इन मार्गों पर कार, ऑटो, सवारी वाहन और दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा.
ट्रैफिक पुलिस की अपील
निर्धारित पार्किंग स्थल का ही उपयोग करें.
ट्रैफिक नियमों का पालन करें.
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अनावश्यक वाहन लेकर न जाएं.
आवश्यकता पड़ने पर पुलिस अन्य मार्गों पर भी अस्थायी डायवर्जन लागू कर सकती है.
CBSE Three Language Policy: तीन-भाषा नीति (Three Language Policy) को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. बोर्ड ने कहा है कि कक्षा 10 में इस वर्ष तीसरी भाषा (R3) की कोई बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी. इस विषय का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा. CBSE ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू की जा रही व्यवस्था का मकसद विद्यार्थियों में बहुभाषी दक्षता विकसित करना है, न कि उन पर अतिरिक्त परीक्षा का बोझ डालना.
बोर्ड के अनुसार, मौजूदा शैक्षणिक सत्र में R3 भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं होगी. स्कूलों द्वारा आयोजित आंतरिक परीक्षा के आधार पर ही छात्रों का मूल्यांकन किया जाएगा. हालांकि, सत्र 2026-27 में कक्षा 6 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर नई व्यवस्था लागू होगी. यही बैच कक्षा 10 में पहुंचने पर तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा देगा.
9वीं में असफल होने पर भी मिलेगा मौका
CBSE ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र कक्षा 9 में R3 विषय में सफल नहीं हो पाता है, तो उसे कक्षा 10 में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा. छात्र को प्रमोट कर दिया जाएगा, लेकिन 10वीं के दौरान इस विषय में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा.
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10वीं का प्रमाणपत्र तभी मिलेगा
बोर्ड ने कहा है कि कक्षा 10 का पास सर्टिफिकेट तभी जारी किया जाएगा, जब छात्र तीसरी भाषा (R3) में भी सफल होगा. यदि कोई छात्र इस विषय में असफल रहता है, तो अंतिम परिणाम घोषित होने से पहले उसे पुनर्मूल्यांकन (Re-assessment) का अवसर दिया जाएगा.
इन विद्यार्थियों को मिलेगी राहत
तीन-भाषा नीति के तहत कुछ श्रेणी के विद्यार्थियों को छूट भी दी गई है.
विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CwSN) को तीसरी भाषा (R3) पढ़ने से छूट मिलेगी. यह प्रावधान दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act, 2016) के अनुरूप होगा.
भारत के बाहर स्थित CBSE स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए तीसरी भारतीय भाषा अनिवार्य नहीं होगी.
दूसरे राज्य में स्थानांतरित होने वाले छात्र कक्षा 9 में चुनी गई भाषा को कक्षा 10 तक जारी रख सकेंगे.
‘नई शिक्षा नीति के अनुरूप लागू होंगे बदलाव’
CBSE ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों में भाषाई समझ विकसित करना और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है. बोर्ड ने भरोसा दिलाया कि परीक्षा सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और इस दौरान किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.
Nitin Gadkari on E20 : E20 पेट्रोल से गाड़ियों का माइलेज कम होने की चर्चा के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि कोई भी आम कार मालिक अपनी गाड़ी का सही माइलेज खुद नहीं माप सकता. इसके लिए वाहन निर्माता कंपनी के अधिकृत डीलर के पास उपलब्ध टेस्टिंग इक्विपमेंट से जांच करानी चाहिए. गडकरी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सरकार की E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
पत्रकार के सवाल पर दिया जवाब
एबीपी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में पत्रकार ने नितिन गडकरी से कहा कि वर्ष 2023 में खरीदी गई उनकी E20-उपयुक्त कार पहले शहर में करीब 11 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती थी, लेकिन अब यह घटकर करीब 7 किलोमीटर प्रति लीटर रह गया है.
इस पर गडकरी ने पत्रकार से पूछा कि उन्होंने माइलेज का यह आंकड़ा कैसे निकाला. जवाब में पत्रकार ने कहा कि उन्होंने डैशबोर्ड पर दिख रहे माइलेज के आधार पर इसका आकलन किया, जैसा आम तौर पर अधिकांश लोग करते हैं.
Nitin Gadkari on E20 : ‘डैशबोर्ड देखकर सही माइलेज नहीं पता चलता’
इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डैशबोर्ड पर दिखाई देने वाले आंकड़ों के आधार पर किसी वाहन का वास्तविक माइलेज तय नहीं किया जा सकता. उनका कहना था कि कार का सही माइलेज केवल कंपनी के अधिकृत टेस्टिंग उपकरण से ही मापा जा सकता है.
गडकरी ने कहा कि “आप और मैं खुद कार का सही माइलेज नहीं जांच सकते. इसकी सही जांच केवल कंपनी के अधिकृत डीलर के पास मौजूद मशीन से ही हो सकती है.”
E20 पेट्रोल पर सरकार ने भी जारी किया है स्पष्टीकरण
इस बीच, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 10 जुलाई को E20 एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब में एक प्रश्नोत्तर (FAQ) दस्तावेज जारी किया है. इसमें सरकार ने माना है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहनों का माइलेज कम हो सकता है.
3 से 5 प्रतिशत तक घट सकता है माइलेज
मंत्रालय के अनुसार, कुछ गाड़ियों में E20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकता है. हालांकि, सरकार का कहना है कि किसी ईंधन की गुणवत्ता या उपयोगिता का आकलन केवल माइलेज के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए. इसके अन्य तकनीकी और पर्यावरणीय पहलुओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है.
Lalu Yadav Fodder Scam: चारा घोटाला मामले में राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मंगलवार को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द करने और सजा पर लगी रोक हटाने की प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि मामला लंबे समय से लंबित है, इसलिए फिलहाल इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है. हालांकि, हाईकोर्ट को अपील पर सुनवाई जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
हाईकोर्ट को छह महीने की समय-सीमा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव और अन्य दोषियों की लंबित अपीलों पर शीघ्र फैसला होना चाहिए. इसके लिए हाईकोर्ट को छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर निर्णय देने का निर्देश दिया गया है.
प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने और सजा पर लगी रोक हटाने की मांग की थी. एजेंसी का तर्क था कि मामले में शीघ्र निर्णय होना चाहिए और जमानत जारी रखने का आधार अब नहीं बचता. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील से सहमति नहीं जताई.
Lalu Yadav Fodder Scam: 2018 में हुई थी दोषसिद्धि
चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव समेत अन्य आरोपियों को वर्ष 2018 में दोषी ठहराया गया था. इसके बाद उन्होंने अपनी सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दाखिल की. यह अपील अब भी लंबित है और अंतिम निर्णय आना बाकी है.
2021 से जमानत पर हैं लालू प्रसाद
अपील पर सुनवाई पूरी नहीं होने के कारण वर्ष 2021 में लालू प्रसाद यादव को जमानत मिली थी. अदालत ने तब कहा था कि अपील का अंतिम फैसला आने तक उन्हें जमानत पर रहने की अनुमति रहेगी. इसी आदेश को चुनौती देते हुए ED सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी, लेकिन उसे राहत नहीं मिली.
Road Accident: नवगछिया के खरीक थाना क्षेत्र में सुबह दौड़ का अभ्यास करने निकले एक युवक की ओवरलोड ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई. हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को 14 नंबर लत्तीपुर चौक पर रखकर सड़क जाम कर दिया. ग्रामीण पीड़ित परिवार को मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे. जाम के कारण मुख्य मार्ग पर घंटों यातायात प्रभावित रहा.
दौड़ के दौरान हुआ हादसा
मृतक की पहचान जमालदीपुर गांव निवासी मंचन कुमार, पिता गोकुल मंडल के रूप में हुई है. बताया गया कि मंचन कुमार रोज की तरह सुबह करीब पांच से छह बजे के बीच दौड़ का अभ्यास करने के लिए गांव से 14 नंबर रोड स्थित विश्वकर्मा चौक की ओर जा रहे थे. इसी दौरान जमालदीपुर और क्रहरू गांव के बीच मिट्टी लदे एक अनियंत्रित ओवरलोड ट्रैक्टर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया.
Road Accident: ग्रामीणों ने चालक और ट्रैक्टर को पकड़ा
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर और उसके चालक को मौके पर ही पकड़ लिया. गंभीर रूप से घायल मंचन कुमार को इलाज के लिए खरीक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मौत की खबर मिलते ही जमालदीपुर गांव के सैकड़ों लोग 14 नंबर लत्तीपुर चौक पहुंच गए. आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक जिला प्रशासन के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का लिखित आश्वासन नहीं देंगे, तब तक जाम समाप्त नहीं किया जाएगा.
घंटों बाधित रहा आवागमन
सड़क जाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई. कई यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस और स्थानीय प्रशासन जाम हटाने के प्रयास में जुटा रहा, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे.
ओवरलोड ट्रैक्टरों पर लगे रोक
स्थानीय मुखिया गणेश मंडल व अन्य ने कहा कि खरीक और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी लदे ओवरलोड ट्रैक्टर बेखौफ दौड़ रहे हैं. तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण ऐसे वाहन आए दिन लोगों की जान ले रहे हैं. उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को अविलंब आर्थिक सहायता देने और अवैध रूप से चल रहे ओवरलोड ट्रैक्टरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की.
मौके पर कैंप कर रही पुलिस
समाचार लिखे जाने तक पुलिस बल मौके पर तैनात था और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाकर जाम समाप्त कराने का प्रयास कर रहा था. हालांकि, किसी वरीय प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे हुए थे.
CSIR UGC NET Admit Card 2026: संयुक्त CSIR UGC NET जून 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सोमवार को परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया. पंजीकृत अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट से अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं. एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग समय, परीक्षा की शिफ्ट और परीक्षा दिवस से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
17 और 18 जुलाई को होगी परीक्षा
एनटीए के अनुसार संयुक्त CSIR UGC NET जून 2026 परीक्षा 17 और 18 जुलाई को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में आयोजित होगी. परीक्षा केमिकल साइंसेज, अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओशन एंड प्लैनेटरी साइंसेज, लाइफ साइंसेज, मैथमेटिकल साइंसेज और फिजिकल साइंसेज विषयों के लिए होगी.
CSIR UGC NET की आधिकारिक वेबसाइट csirnet.nta.nic.in पर जाएं.
होमपेज पर ‘CSIR UGC NET June 2026 Admit Card’ लिंक पर क्लिक करें.
अपना Application Number और Password अथवा Date of Birth दर्ज करें.
लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा.
एडमिट कार्ड डाउनलोड कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें.
एडमिट कार्ड में इन जानकारियों का मिलान जरूर करें
परीक्षा केंद्र जाने से पहले अभ्यर्थी एडमिट कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों की जांच अवश्य कर लें. किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर तत्काल संबंधित प्राधिकरण से संपर्क करें.