वर्ल्ड कप फाइनल देखने स्टेडियम क्यों नहीं जाएंगे अर्जेंटीना के राष्ट्रपति? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Argentina President Javier Milei : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने ऐसा फैसला लिया है, जिसकी दुनिया भर में चर्चा हो रही है. अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले में दुनिया के कई बड़े नेता और विशिष्ट मेहमान मौजूद रहेंगे, लेकिन राष्ट्रपति मिलेई ने साफ कर दिया है कि वह न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम नहीं जाएंगे. वह मैच अपने सरकारी आवास ओलिवोस से ही देखेंगे.

‘जीत का सिलसिला नहीं तोड़ना चाहता’

स्थानीय रेडियो स्टेशन एल ऑब्जर्वाडोर से बातचीत में मिलेई ने अमेरिका जाकर फाइनल देखने की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में अर्जेंटीना के अब तक खेले गए सभी मुकाबले उन्होंने अपने सरकारी आवास में एक ही जगह बैठकर देखे हैं और टीम हर मैच जीती है. उनका मानना है कि इस जीत के सिलसिले को किसी भी कीमत पर नहीं तोड़ना चाहिए.

ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार ने किया संन्यास का ऐलान, अधूरा रह गया सबसे बड़ा सपना

Argentina President Javier Milei : एक जैकेट भी बन गई जीत की निशानी

राष्ट्रपति मिलेई का मानना है कि सिर्फ एक ही जगह बैठना ही नहीं, बल्कि एक खास जैकेट पहनना भी टीम के लिए शुभ रहा है. उन्होंने बताया कि हर मैच के दौरान वह अर्जेंटीना की सरकारी तेल कंपनी YPF की मोटी जैकेट पहनते हैं और कमरे की हीटिंग भी बंद रखते हैं.

उनके मुताबिक, स्विट्जरलैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में गर्मी लगने पर उन्होंने कुछ देर के लिए जैकेट उतार दी थी. उसी दौरान अर्जेंटीना ने गोल खा लिया. इसके बाद उन्होंने दोबारा जैकेट पहन ली और फिर उसे पूरे मैच में नहीं उतारा. तब से वह इसे अपना ‘लकी चार्म’ मानते हैं.

1990 की घटना आज भी लोगों को याद

अर्जेंटीना में यह मान्यता नई नहीं है. वर्ष 1990 के विश्व कप में तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस मेनेम टीम से मिलने पहुंचे थे. इसके बाद पहले ही मैच में अर्जेंटीना को कैमरून जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम से हार का सामना करना पड़ा था. उस हार के बाद बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने मेनेम को ‘मुफा’ यानी बदकिस्मती लाने वाला व्यक्ति कहना शुरू कर दिया.

तभी से अर्जेंटीना की फुटबॉल संस्कृति में यह धारणा मजबूत हो गई कि मौजूदा राष्ट्रपति को विश्व कप के बड़े मुकाबलों के दौरान स्टेडियम नहीं जाना चाहिए.

फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से हराया, म्बाप्पे के पेनाल्टी गोल से क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

फुटबॉल में ‘काबाला’ की परंपरा

अर्जेंटीना में फुटबॉल केवल खेल नहीं बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा विषय है. यहां खिलाड़ी, कोच और प्रशंसक अपनी-अपनी ‘काबाला’ यानी शुभ मानी जाने वाली दिनचर्या का पालन करते हैं. उनका विश्वास है कि जीत के दौरान अपनाई गई आदतों को बदलने से किस्मत भी बदल सकती है.

इसी सोच के चलते राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने भी फैसला किया है कि वह फाइनल के दौरान अपने सरकारी आवास के उसी कमरे, उसी कुर्सी और उसी ‘लकी’ जैकेट के साथ मैच देखेंगे.

दुनिया की नजर फाइनल मुकाबले पर

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना लगातार दूसरा विश्व खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगा, जबकि स्पेन की नजर विश्व चैंपियन बनने पर होगी. मैच से पहले राष्ट्रपति मिलेई का यह फैसला खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनका यह ‘लकी रूटीन’ अर्जेंटीना के लिए एक बार फिर जीत लेकर आता है या नहीं.

इसे भी पढ़ें-

हार्दिक पंड्या को मिल सकता है आराम, जानिए BCCI का प्लान
टीम इंडिया को बड़ा झटका, अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर हुए विराट कोहली

इंडिया की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: बिना डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन के दौड़ेगी, किराया सिर्फ ₹5

India First Hydrogen Train: भारतीय रेलवे ने हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी. खास बात यह है कि इस ट्रेन का न्यूनतम किराया महज पांच रुपये रखा गया है.

हाइड्रोजन से बनेगी बिजली, धुआं नहीं निकलेगा

यह ट्रेन 1,200 किलोवाट क्षमता वाले प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन (PEM) फ्यूल सेल सिस्टम से संचालित होती है. इसमें दो ड्राइविंग पावर कार लगी हैं, जिससे इसकी कुल क्षमता 2,400 किलोवाट यानी करीब 3,200 हॉर्सपावर हो जाती है. हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली तैयार होती है. इस प्रक्रिया में प्रदूषण नहीं होता और केवल पानी की भाप निकलती है.

E20 पेट्रोल से कम हो रहा माइलेज? नितिन गडकरी ने बताया सही तरीका, बोले- आम लोग खुद नहीं कर सकते जांच

110 किमी प्रतिघंटा है डिजाइन स्पीड

हाइड्रोजन ट्रेन की डिजाइन स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा है. हालांकि शुरुआती दौर में इसका संचालन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से किया जाएगा. एक बार हाइड्रोजन भरने के बाद यह ट्रेन करीब 250 से 350 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है.

10 कोच में 2,600 यात्रियों के सफर की व्यवस्था

भारतीय रेलवे की इस अत्याधुनिक ट्रेन में कुल 10 कोच हैं. इनमें आठ यात्री कोच और दो पावर कार शामिल हैं. ट्रेन में 682 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है, जबकि एक समय में करीब 2,600 यात्री सफर कर सकते हैं. यात्रियों को आरामदायक सीटें, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, ऑटोमैटिक दरवाजे और बायो-टॉयलेट जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.

मुंबई के ताज होटल को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

सुरक्षा के लिए लगाए गए आधुनिक सिस्टम

ट्रेन में सुरक्षा के लिए हाई-प्रेशर हाइड्रोजन सिलेंडर लगाए गए हैं. इसके अलावा हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर, स्मोक सेंसर और तापमान की निगरानी करने वाले उपकरण हर समय सक्रिय रहेंगे. किसी भी आपात स्थिति में हाइड्रोजन की सप्लाई स्वतः बंद हो जाएगी और ऑटोमैटिक शटडाउन सिस्टम काम करने लगेगा.

जींद से सोनीपत तक इतना है किराया

रेलवे की ओर से जारी किराया सूची के अनुसार जींद सिटी से पांडु पिंडारा तक पांच रुपये, भंभेवा तक 10 रुपये, गोहाना तक 15 रुपये, मोहाना तक 20 रुपये और जींद से सोनीपत तक पूरे सफर का किराया 25 रुपये निर्धारित किया गया है.

मुख्य बिंदु:

  • हरियाणा के जींद से शुरू हुई देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाई हरी झंडी.
  • जींद से सोनीपत के बीच 89 किमी का सफर, किराया 5 रुपये से शुरू.
  • 10 कोच वाली ट्रेन में एक साथ करीब 2,600 यात्रियों के सफर की सुविधा.
  • हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेगी ट्रेन, प्रदूषण के नाम पर सिर्फ जलवाष्प का उत्सर्जन.
इसे भी पढ़ें-भारत आने की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने दिया बड़ा अपडेट

मुर्शिदाबाद में रेलवे फाटक पर स्कूल वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर, दो छात्रों समेत तीन की मौत, कई घायल

Murshidabad Accident: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बरहमपुर में शुक्रवार सुबह रेलवे फाटक पर बड़ा हादसा हो गया. स्कूल जा रहे बच्चों को लेकर जा रही वैन को निमटिटा-कटवा पैसेंजर ट्रेन ने टक्कर मार दी. हादसे में दो छात्रों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र घायल हो गए. दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

ट्रेनों में सिगरेट पीने वालों की अब खैर नहीं, लगेगा भारी जुर्माना और होगी जेल

आठ लोग थे वैन में सवार

जानकारी के अनुसार, स्कूल वैन में चालक समेत आठ लोग सवार थे. ट्रेन की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए. स्थानीय लोगों ने किसी तरह वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला. सभी घायलों को पहले कर्णसुबर्णा ब्लॉक अस्पताल पहुंचाया गया. गंभीर रूप से घायल लोगों को बाद में मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया.

रेलवे फाटक खुले होने पर उठे सवाल

यह हादसा कर्णसुबर्णा और गोविंदपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित रेलवे फाटक पर हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक ट्रेन गुजरने के बाद फाटक खोल दिया गया था. इसी दौरान दूसरी दिशा से आ रही निमटिटा-कटवा पैसेंजर ट्रेन वहां पहुंच गई और वैन उसकी चपेट में आ गई. घटना के बाद रेलवे फाटक खुले रहने और गेटमैन की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

Murshidabad Accident: रेलवे ने विशेष टीम भेजी

हादसे के बाद पूर्वी रेलवे ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, एक विशेष जांच दल घटनास्थल भेजा जा रहा है. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना के समय गेटमैन ड्यूटी पर था या नहीं और यदि था तो फाटक खुला कैसे रह गया.

हावड़ा रेल रूट पर सफर से पहले देख लें लिस्ट, दो दिन बंद रहेगा इस रूट पर चक्का

पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए. दुर्घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. रेलवे का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी तय की जाएगी.

मुख्य बिंदु:

  • मुर्शिदाबाद के बरहमपुर में रेलवे क्रॉसिंग पर बड़ा हादसा.
  • स्कूल वैन को ट्रेन ने टक्कर मारी, दो छात्रों समेत तीन लोगों की मौत.
  • हादसे में कई छात्र घायल, गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर.
  • रेलवे ने विशेष टीम गठित कर घटना की जांच के दिए आदेश.
  • रेल गेट खुले होने को लेकर उठे सवाल, गेटमैन की भूमिका जांच के दायरे में.

इसे भी पढ़ें-

बंगाल में मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बड़ा बूस्ट, 4 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज
अमीरात विमान उतरने के बाद कोलकाता रनवे पर गिरी आकाशीय बिजली, एयरपोर्ट के 2 स्टाफ गंभीर

बिहार के इस जिले की बदलेगी तस्वीर, 125 करोड़ से बनेगा इंडस्ट्रियल हब, 687 एकड़ जमीन होगी अधिगृहित

Bihar Industry : बिहार सरकार सीमांचल को औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान दिलाने की तैयारी में है. इसके तहत पूर्णिया जिले में करीब 687 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल हब विकसित किया जाएगा. परियोजना के लिए 125 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है. पहले चरण में केनगर प्रखंड के तीन गांवों में भूमि अधिग्रहण होगा. प्रशासन जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी कर सकता है.

पहले चरण में इन तीन गांवों की होगी भूमि अधिग्रहण

इंडस्ट्रियल हब के लिए पहले चरण में केनगर प्रखंड के बिठनौली, गणेशपुर और दूबे चकला गांव की जमीन अधिगृहित की जाएगी. इसके बाद जरूरत के अनुसार अन्य प्रखंडों के गांवों में भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है.

गया जी में 30 फीट गहरे बोरवेल से 7 घंटे बाद सुरक्षित निकला 3 साल का पीयूष, गांव में गूंजी तालियां

ग्रामीण किसानों को चार गुना तक मिलेगा मुआवजा

भूमि अधिग्रहण के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना तक मुआवजा मिलने की संभावना है. वहीं शहरी क्षेत्र के किसानों को दोगुना मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा पात्र किसानों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी.

गांवों में भी अब देना पड़ेगा होल्डिंग टैक्स, बिहार कैबिनेट ने नियमावली को दी मंजूरी

पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से होगा सीधा जुड़ाव

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रस्तावित इंडस्ट्रियल हब को पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. बेहतर सड़क संपर्क मिलने से उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार उत्पादों की ढुलाई में सुविधा होगी. इससे नए निवेशकों के आने की भी संभावना बढ़ेगी.

ड्रोन सर्वे पूरा, अब बनेगी बाउंड्री वॉल

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार परियोजना क्षेत्र का ड्रोन सर्वे और हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी का कार्य पूरा हो चुका है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाएगा. इसके बाद पूरी जमीन उद्योग विभाग को हस्तांतरित कर दी जाएगी, जहां औद्योगिक इकाइयों की स्थापना होगी.

रोजगार बढ़ेगा, पलायन पर लगेगी रोक

सरकार का मानना है कि इंडस्ट्रियल हब बनने से सीमांचल में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे. स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिलने से दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम होगा. पहले से प्रस्तावित एयरपोर्ट और पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के साथ यह परियोजना सीमांचल के आर्थिक विकास को नई गति देने वाली मानी जा रही है.

मुख्य बिंदु:

  • पूर्णिया में 687 एकड़ में विकसित होगा इंडस्ट्रियल हब.
  • परियोजना के लिए 125 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत.
  • पहले चरण में केनगर के बिठनौली, गणेशपुर और दूबे चकला में होगा भूमि अधिग्रहण.
  • ग्रामीण किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना तक मुआवजा मिलने की संभावना.
  • शहरी क्षेत्र के किसानों को दोगुना मुआवजा और 10% अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी.
  • इंडस्ट्रियल हब को पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा.
  • ड्रोन सर्वे और हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी का कार्य पूरा.
  • भूमि अधिग्रहण के बाद बाउंड्री वॉल बनाकर उद्योग विभाग को सौंपी जाएगी जमीन.
  • परियोजना से सीमांचल में नए उद्योग लगेंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
  • उद्योग, एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं से सीमांचल के आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार.

इसे भी पढ़ें-चोरों की चालाकी से पुलिस भी हैरान, तकिए में सिलकर छिपा रखे थे 11 लाख रुपये

गया जी में 30 फीट गहरे बोरवेल से 7 घंटे बाद सुरक्षित निकला 3 साल का पीयूष, गांव में गूंजी तालियां

Gaya Ji News: गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के रंगून नगर में गुरुवार की शाम शुरू हुई बेचैनी देर रात खुशी में बदल गई. करीब 30 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरे तीन वर्षीय पीयूष कुमार को लगभग सात घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जैसे ही मासूम को बाहर निकाला गया, घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली, जबकि परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.

बच्चे को बाहर निकालते ही प्राथमिक उपचार के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहपुर भेजा गया. सफल रेस्क्यू के बाद पूरे गांव में खुशी का माहौल है और लोग अभियान में जुटी टीमों की सराहना कर रहे हैं.

गांवों में भी अब देना पड़ेगा होल्डिंग टैक्स, बिहार कैबिनेट ने नियमावली को दी मंजूरी

शाम 6.28 बजे बोरवेल में गिरा था मासूम

जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 6:28 बजे पीयूष कुमार खेलते-खेलते नल-जल योजना के लिए खोदे गए खुले बोरवेल में गिर गया. घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई. देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और बच्चे को सुरक्षित निकालने की प्रार्थना करने लगे.

Gaya Ji News: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन ने संभाली कमान

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया. वजीरगंज कैंप डीएसपी सुनील कुमार पांडेय, अंचलाधिकारी अमित सिंह, बीडीओ शशि भूषण साहू समेत कई अधिकारी पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहे.

बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया, पैर में गोली लगने के बाद हुआ गिरफ्तार

करीब सात घंटे तक चले अभियान में रेस्क्यू टीम ने तकनीकी उपकरणों और सावधानी के साथ लगातार प्रयास जारी रखा. आखिरकार मासूम को सकुशल बाहर निकाल लिया गया.

ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल

रेस्क्यू अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर भी सवाल खड़े हुए. ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से मौके पर भेजे गए पांच ऑक्सीजन सिलेंडरों में चार खाली थे. इसे लेकर कुछ देर के लिए लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली. हालांकि प्रशासन ने स्थिति को संभाल लिया और किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं होने दी.

जांच के बाद होगी कार्रवाई

आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम ने स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

सफल रेस्क्यू की हर ओर हो रही चर्चा

पीयूष के सुरक्षित बाहर आने के बाद पूरे फतेहपुर प्रखंड में राहत और खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और अभियान में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मियों के धैर्य, सूझबूझ और मेहनत की सराहना की. यह सफल रेस्क्यू अभियान अब पूरे गया जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.

इसे भी पढ़ें-चोरों की चालाकी से पुलिस भी हैरान, तकिए में सिलकर छिपा रखे थे 11 लाख रुपये

बिहार के आयुष ने बढ़ाया प्रदेश का मान, नवादा के छात्र ने हासिल की AIR 4, देखें मार्कशीट

NEET UG 2026 Result: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया है. नवादा जिले के वारिसलीगंज निवासी आयुष भलोटिया ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. इस उपलब्धि के बाद परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं पूरे जिले में उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.

देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET UG में आयुष की इस सफलता को नवादा ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. अब वह मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होंगे और उन्हें देश के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट मिलने की उम्मीद है.

CBSE से छात्रों को बड़ी राहत, तीसरी भाषा में फेल होने पर भी नहीं रुकेगी पढ़ाई, जानिए नए नियम

वारिसलीगंज से शुरू हुआ सफलता का सफर

आयुष भलोटिया ने अपनी शुरुआती पढ़ाई नवादा जिले के वारिसलीगंज स्थित विवेकानंद पब्लिक स्कूल से की. इसी स्कूल से उन्होंने 10वीं और 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण की. स्कूली शिक्षा के दौरान ही उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का लक्ष्य तय कर लिया था.

उनकी मेहनत और लगातार तैयारी का ही परिणाम है कि उन्होंने NEET UG 2026 में देशभर में चौथा स्थान हासिल किया.

अब देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में मिलेगा दाखिला

AIR 4 मिलने के बाद आयुष अब मेडिकल काउंसलिंग में हिस्सा लेंगे. उनकी रैंक को देखते हुए उन्हें देश के शीर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश मिलने की पूरी संभावना है. उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ शिक्षक और स्थानीय लोग भी काफी उत्साहित हैं.

CSIR UGC NET परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, जानिए कैसे डाउनलोड करें और कब होगी परीक्षा

करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा

NEET UG 2026 का आयोजन 21 जून 2026 को किया गया था. इस परीक्षा में भारत और विदेश के परीक्षा केंद्रों को मिलाकर करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए. परीक्षा देश के 551 शहरों में बनाए गए 5,440 परीक्षा केंद्रों के अलावा विदेश के 14 शहरों में भी आयोजित की गई थी.

11.21 लाख अभ्यर्थी हुए सफल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, इस वर्ष 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई किया है. परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी. सफल अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक महिलाएं शामिल हैं, जो इस वर्ष के परिणाम की महत्वपूर्ण विशेषता रही.

इसे भी पढ़ें-यूपी पीसीएस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक, ऐसे करें अप्लाई

गांवों में भी अब देना पड़ेगा होल्डिंग टैक्स, बिहार कैबिनेट ने नियमावली को दी मंजूरी

Bihar Village Tax: बिहार के गांवों में रहने वाले लोगों के लिए जल्द ही नई कर व्यवस्था लागू हो सकती है. राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही पंचायतों को पहली बार अपने स्तर पर विभिन्न प्रकार के कर और सेवा शुल्क तय करने का अधिकार मिल जाएगा. नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायतें होल्डिंग टैक्स से लेकर हाट-बाजार, विज्ञापन, व्यापार और उद्योगों पर भी शुल्क वसूल सकेंगी.

बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि इससे पंचायतों की अपनी आय बढ़ेगी और विकास कार्यों के लिए वे आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बन सकेंगी.

बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया, पैर में गोली लगने के बाद हुआ गिरफ्तार

पहली बार बनी कर व शुल्क की नियमावली

मंत्रिमंडल विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा-27 में ग्राम पंचायतों को कर और शुल्क लगाने का अधिकार तो पहले से दिया गया था, लेकिन इसे लागू करने के लिए अब तक कोई नियमावली नहीं बनाई गई थी. न ही किसी अलग सरकारी आदेश के जरिए पंचायतों को यह अधिकार व्यवहारिक रूप से मिला था.

अब ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली-2026 लागू होने के बाद पंचायतें तय नियमों के तहत कर और सेवा शुल्क वसूल सकेंगी.

किन-किन चीजों पर लगा सकेंगी टैक्स?

नई नियमावली के तहत पंचायतों को कई नए वित्तीय अधिकार दिए गए हैं. पंचायतें अपने क्षेत्र में भवनों पर होल्डिंग टैक्स लगा सकेंगी. इसके अलावा पेशा, व्यापार और उद्योग से जुड़े प्रतिष्ठानों पर भी शुल्क लिया जा सकेगा.

चोरों की चालाकी से पुलिस भी हैरान, तकिए में सिलकर छिपा रखे थे 11 लाख रुपये

यही नहीं, पंचायत क्षेत्र में संचालित सिनेमाघरों, विज्ञापन, होर्डिंग, हाट-बाजार और पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न सेवाओं के बदले भी शुल्क वसूला जा सकेगा. पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार पंचायत सेवा शुल्क भी निर्धारित कर सकेंगी.

आर्थिक रूप से मजबूत होंगी ग्राम पंचायतें

सरकार का मानना है कि अभी अधिकांश पंचायतें विकास योजनाओं के लिए सरकारी अनुदान पर निर्भर रहती हैं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायतों की अपनी आय बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर सड़क, नाली, पेयजल, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर खर्च करना आसान होगा.

पंचायत चुनाव को लेकर भी हुआ बड़ा फैसला

कैबिनेट बैठक में पंचायत चुनाव को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. सरकार ने आगामी पंचायत चुनाव नए परिसीमन के आधार पर कराने को मंजूरी दे दी है.

कैबिनेट के फैसले के अनुसार परिसीमन का आधार 2011 की जनगणना होगी. इसी के अनुसार ग्राम पंचायत, वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों का नया निर्धारण किया जाएगा.

जहां जरूरत होगी, वहां बनेंगे नए क्षेत्र

सरकार के अनुसार परिसीमन के दौरान जरूरत के मुताबिक नए क्षेत्र बनाए जाएंगे, जबकि पुराने क्षेत्रों का पुनर्गठन भी किया जाएगा. इसका उद्देश्य जनसंख्या के अनुरूप संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना और विकास योजनाओं का लाभ सभी क्षेत्रों तक समान रूप से पहुंचाना है. इसके साथ ही भौगोलिक और सामाजिक एकरूपता को भी ध्यान में रखा जाएगा.

इसे भी पढ़ें-

नए प्रमंडलीय आयुक्त बने दिनेश कुमार, विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग पर रहेगा फोकस

बंटी यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया, पैर में गोली लगने के बाद हुआ गिरफ्तार

Bunty Yadav Murder Case: पटना के चर्चित बंटी यादव हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रवीश उर्फ बीसी को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया. गुरुवार सुबह बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी. घायल होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल उसका इलाज कराया जा रहा है.

रवीश की गिरफ्तारी को बंटी यादव हत्याकांड की जांच में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

LNT घाट के रास्ते लौटने की सूचना पर बिछाया गया जाल

पुलिस को इनपुट मिला था कि बंटी यादव हत्याकांड का आरोपी रवीश एलएनटी घाट के रास्ते पटना आने वाला है. सूचना मिलते ही बुद्धा कॉलोनी थाना पुलिस समेत कई टीमों ने इलाके में घेराबंदी कर दी.

पुलिस के मुताबिक, जैसे ही जवानों ने उसे रोकने की कोशिश की, उसने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही पकड़ लिया गया.

Bunty Yadav Murder Case: सरकारी वाहन पर चली गोली, टला बड़ा हादसा

मुठभेड़ के दौरान आरोपी की ओर से चलाई गई एक गोली कोतवाली थाना की सरकारी गाड़ी के बोनट पर लगी. उस समय वाहन में थाना प्रभारी अजय कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे. गनीमत रही कि किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते जवाबी कार्रवाई नहीं की जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था.

देसी पिस्तौल बरामद, फॉरेंसिक जांच होगी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल बरामद की है. हथियार की जांच के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को मौके पर बुलाया गया. वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

कार्रवाई के दौरान लॉ एंड ऑर्डर एएसपी कृष्ण मुरारी प्रसाद, डीआईयू, एसआईयू और कोतवाली थाना की टीम मौके पर मौजूद रही. पुलिस के अनुसार, रवीश उर्फ बीसी के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं.

6 जुलाई को हुआ था अपहरण, पांच दिन बाद मिला शव

बंटी यादव का 6 जुलाई को पटना जंक्शन स्थित टाटा पार्क के पास से अपहरण किया गया था. इसके बाद 11 जुलाई को अथमलगोला इलाके से उसका शव बरामद हुआ.

जांच में सामने आया कि बंटी की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई थी. उसके चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे, जबकि शरीर पर भी कई गहरे जख्म मिले थे.

इस हत्याकांड में पुलिस अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बीसी की गिरफ्तारी को इस मामले की जांच में सबसे अहम सफलता माना जा रहा है. पुलिस का कहना है कि उससे पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी.

इसे भी पढ़ें-

नए प्रमंडलीय आयुक्त बने दिनेश कुमार, विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग पर रहेगा फोकस
पूर्णिया में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में एडमिशन शुरू
NEET पेपर लीक पर युवा राजद का हमला, कहा- छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़

मुजफ्फरपुर : चोरों की चालाकी से पुलिस भी हैरान, तकिए में सिलकर छिपा रखे थे 11 लाख रुपये

Muzaffarpur Crime News: चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह ने पुलिस से बचने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसे देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई. गिरोह के सदस्यों ने चोरी की नकदी को घर में रखने के बजाय तकिए के अंदर सिलकर छिपा दिया था. हालांकि पुलिस की तलाशी में उनकी यह चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी. अहियापुर थाना क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस ने 11 लाख 37 हजार 80 रुपये नकद, करीब 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई सामान बरामद किए हैं.

चार चोरी की वारदातों का एक साथ खुलासा

एसडीपीओ-2 विनीता सिन्हा ने बताया कि जिले में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद एसएसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया था. टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह तक पहुंच बनाई. इस कार्रवाई से अहियापुर थाना में दर्ज चोरी के चार अलग-अलग मामलों का एक साथ खुलासा हो गया.

मुजफ्फरपुर को मिली 1047 करोड़ की सौगात, सीएम ने किया मरीन ड्राइव का उद्घाटन

दो लोग बनाते थे प्लान, बाकी देते थे साथ

पुलिस ने नीतीश कुमार, धर्मेंद्र सहनी, मिथुन महतो और दुर्गेश कुमार को गिरफ्तार किया है. इनमें धर्मेंद्र सहनी और मिथुन महतो को गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है. पुलिस के अनुसार दोनों ही चोरी की पूरी योजना तैयार करते थे, जबकि बाकी सदस्य वारदात को अंजाम देने और सामान ठिकाने लगाने में सहयोग करते थे.

नकदी के साथ लाखों के जेवर और कई सामान जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 11.37 लाख रुपये नकद, करीब 57 ग्राम सोने और 415 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए. जब्त सामान में सोने की अंगूठियां, चेन, मंगलसूत्र, मांगटीका, नथ, नोज पिन और टॉप्स के अलावा चांदी की पायल व ब्रेसलेट शामिल हैं.

इसके अलावा चार मोबाइल फोन, चोरी में इस्तेमाल की जाने वाली साइकिल, कैमरा, पांच गैस सिलेंडर, दो बैग, जैकेट और कोट भी बरामद किए गए हैं.

अखबार से पता लगाते थे कौन-सा घर है खाली

पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का तरीका भी बताया. वे पहले मोहल्लों में घूमकर बंद घरों की पहचान करते थे. इसके लिए मुख्य गेट पर अखबार या कोई छोटा सामान रख देते थे. अगर कई दिनों तक वह सामान वहीं पड़ा रहता, तो उन्हें यकीन हो जाता कि घर में कोई नहीं है. इसके बाद रात के समय साइकिल से पहुंचकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता था.

मुजफ्फरपुर से दबोचा गया 20 लाख की एटीएम ठगी का मास्टरमाइंड, इंजीनियर बन चला रहा था पूरा नेटवर्क

चोरी के पैसों से चला रहे थे शराब का धंधा

पुलिस जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र सहनी और मिथुन महतो पहले भी शराब सेवन और शराब तस्करी के मामलों में जेल जा चुके हैं. प्रारंभिक जांच के मुताबिक चोरी से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अवैध शराब के कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जाता था.

अब सर्राफा कारोबारियों की भूमिका भी खंगालेगी पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के जेवर आखिर किन सर्राफा कारोबारियों तक पहुंचते थे. जब्त मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कर गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है. वहीं बरामद गैस सिलेंडरों के स्रोत की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है.

इसे भी पढ़ें-

फैमिली ट्रिप की आड़ में शराब तस्करी का खेल, नवविवाहित जोड़े समेत 4 गिरफ्तार
एक रात में चार घरों पर हाथ साफ, लाखों के जेवर और नकदी ले उड़े बदमाश

थलपति विजय की आखिरी फिल्म की रिलीज डेट तय, जानिए कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक

Jana Nayagan Release Date: थलपति विजय के फैंस के लिए आखिरकार वह पल आ गया, जिसका लंबे समय से इंतजार था. उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ (Jana Nayagan) की रिलीज डेट का आधिकारिक एलान कर दिया गया है. मेकर्स ने साफ कर दिया है कि फिल्म 23 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी. खास बात यह है कि अभिनेता के तौर पर यह विजय की आखिरी फिल्म होगी. इसके बाद वह पूरी तरह राजनीति पर फोकस करेंगे. ऐसे में इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है.

रिलीज डेट की घोषणा के साथ ही मेकर्स ने फिल्म के नए पोस्टर भी जारी किए हैं, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. विजय का नया लुक सामने आते ही फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

तीन पोस्टर जारी, पुलिस अफसर के लुक में दिखे विजय

फिल्म की निर्माता कंपनी KVN Productions ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ‘जन नायकन’ के तीन नए पोस्टर शेयर किए हैं. पोस्टरों में थलपति विजय पुलिस की वर्दी में नजर आ रहे हैं. एक पोस्टर में उनके हाथ में तलवार दिखाई दे रही है, जबकि दूसरे पोस्टरों में उनका दमदार और गंभीर अंदाज देखने को मिल रहा है.

पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे हाथोंहाथ लिया. कमेंट सेक्शन में लोग विजय के लुक की तारीफ करते नजर आए. कई फैंस ने इसे उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बताया.

जनवरी में रिलीज होनी थी फिल्म, फिर क्यों बढ़ानी पड़ी तारीख?

‘जन नायकन’ की रिलीज का सफर आसान नहीं रहा. शुरुआत में मेकर्स इसे जनवरी 2026 में सिनेमाघरों में लाने की तैयारी में थे, लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से समय पर मंजूरी नहीं मिलने के कारण रिलीज टालनी पड़ी.

Welcome To The Jungle: क्यों हिट हो रही है फिल्म? निर्देशक अहमद खान ने बताई वजह

इसी बीच फिल्म के कुछ दृश्य और पूरी फिल्म के इंटरनेट पर लीक होने की खबर सामने आईं. इससे मेकर्स को बड़ा झटका लगा. मामला मद्रास हाई कोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद कोर्ट ने लीक कंटेंट के प्रसार पर रोक लगाने का आदेश दिया. इन सभी बाधाओं के बाद अब फिल्म रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार है.

दमदार स्टारकास्ट के साथ लौट रहे हैं विजय

फिल्म में थलपति विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, प्रकाश राज, प्रियामणि, गौतम वासुदेव मेनन और नारायण अहम किरदारों में नजर आएंगे.

फिल्म का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है, जबकि संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने तैयार किया है. विजय और अनिरुद्ध की जोड़ी पहले भी कई हिट फिल्मों में दर्शकों का दिल जीत चुकी है.

हर भाषा में अलग नाम से रिलीज होगी फिल्म

मेकर्स ने अलग-अलग भाषाओं के लिए फिल्म के अलग नाम तय किए हैं. तमिल में फिल्म ‘जन नायकन’, तेलुगु में ‘जन नायकुडु’ और हिंदी में ‘जन नेता’ शीर्षक से रिलीज होगी. यानी देशभर के दर्शक अपनी पसंद की भाषा में इसे बड़े पर्दे पर देख सकेंगे.

‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता पर सुनील शेट्टी बोले- फैमिली एंटरटेनमेंट फिल्मों का दौर लौटना चाहिए

विजय के करियर की आखिरी फिल्म होने से बढ़ी चर्चा

थलपति विजय पहले ही फिल्मों से दूरी बनाकर राजनीति में सक्रिय होने का एलान कर चुके हैं. ऐसे में ‘जन नायकन’ को उनके अभिनय करियर की विदाई फिल्म माना जा रहा है. यही वजह है कि रिलीज डेट घोषित होने और नए पोस्टर सामने आने के बाद फिल्म को लेकर फैंस का उत्साह पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है.

इसे भी पढ़ें-

फिर दूल्हा बनेंगे आमिर खान! गौरी स्प्रैट संग शादी की तारीख को लेकर किया बड़ा खुलासा
Satua Jawaniya Ke के क्रेज के बाद फिल्म देखना क्यों है जरूरी? OTT पर देखें पूरा मजा
रिलीज होते ही छा गया समर गुप्ता का नया भोजपुरी गाना, दबंग स्टाइल ने मचाया धमाल
संजय दत्त फिर नए अंदाज में लौटे, ‘आखिरी सवाल’ से बढ़ी हलचल; कब रिलीज होगी फिल्म?