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14 February 2026, Saturday
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Bihar News : बंजर भूमि पर एयरपोर्ट बनाइए, कृषि भूमि नहीं देंगे, सुलतानगंज के किसानों का प्रदर्शन

सुलतानगंज
सुलतानगंज के किसानों का प्रदर्शन.

Bihar News : सुलतानगंज में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर किसानों का विरोध अब खुलकर सामने आने लगा है. गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान चिन्हित जमीन पर एकत्र हुए और जमीन देने से इनकार करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया. किसानों ने साफ कहा कि किसी भी हाल में उपजाऊ कृषि भूमि पर हवाई अड्डा का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा.

चिन्हित जमीन पर सैकड़ों किसानों का प्रदर्शन

गुरुवार को सुलतानगंज क्षेत्र में जिस भूमि को एयरपोर्ट निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है, वहां सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंचे. किसानों ने नारेबाजी करते हुए सरकार के फैसले का विरोध किया और अपनी जमीन को बचाने का संकल्प दोहराया. प्रदर्शन स्थल पर माहौल तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण रहा.

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कृषि योग्य भूमि पर निर्भर है किसानों की आजीविका

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि चिन्हित की गई जमीन पूरी तरह उपजाऊ और खेती के लिए उपयोगी है. इसी जमीन से किसानों और उनके परिवारों का जीवन-यापन चलता है. यदि यह जमीन एयरपोर्ट निर्माण के लिए ली जाती है तो सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा.

जमीन देने से इनकार, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी हाल में अपनी जमीन नहीं देंगे. किसानों का कहना है कि यदि जबरन जमीन अधिग्रहण की कोशिश की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और प्रशासन को इसका जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

सरकार से बंजर भूमि पर एयरपोर्ट निर्माण की मांग

किसानों ने सरकार से मांग की कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण किसी बंजर या अनुपयोगी भूमि पर कराया जाए. उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन किसानों की आजीविका को खत्म कर विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता.

प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.

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West Bengal Rail : भारत–बांग्लादेश सीमा पर कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी, नई रेल लाइन परियोजनाएं शुरू

Rail
एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर.

West Bengal Rail : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केंद्रीय रेल मंत्रालय ने चार नई रेल लाइन परियोजनाओं को पुनः सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इन परियोजनाओं का लक्ष्य सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में परिवहन सुविधाओं का विस्तार करते हुए स्थानीय तथा क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देना है. प्रस्तावित परियोजनाओं में बंगांव–पोरामाहेशतला (20 किमी), बनगांव–चांदबाजार (11.5 किमी), चांदबाजार–बागदा (13.8 किमी) और रानाघाट (अरंगघाटा)–दत्ताफुलिया (8.17 किमी) नई रेल लाइनें शामिल हैं.

भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे क्षेत्रों में रेल नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में अहम पहल

चारों नई रेल लाइन परियोजनाएं भारत-बांग्लादेश सीमा के नजदीक स्थित इलाकों में प्रस्तावित हैं, जिससे इनका रणनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है. रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन, निगरानी और लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगी. साथ ही, भविष्य में सीमा-पार सहयोग और संपर्क के लिए आधारभूत ढांचा तैयार होगा.

पेट्रापोल लैंड पोर्ट से जुड़े व्यापार और स्थानीय कृषि को मिलेगा सीधा लाभ

नई रेल लाइनें पेट्रापोल लैंड पोर्ट से जुड़े आयात-निर्यात व्यापार को गति प्रदान करेंगी. माल ढुलाई के लिए बेहतर और सस्ते रेल विकल्प उपलब्ध होने से व्यापारिक लागत कम होगी. इसके साथ ही, स्थानीय कृषि उत्पादों को तेज़ी से बड़े बाज़ारों तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

दैनिक यात्रियों के लिए यात्रा समय में कमी और सड़क जाम से राहत की उम्मीद

इन परियोजनाओं का एक प्रमुख उद्देश्य रोज़ाना यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है. नई रेल लाइनों के शुरू होने से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों का यात्रा समय घटेगा. इसके अलावा, सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने से जाम और दुर्घटनाओं की समस्या में भी कमी आने की संभावना है.

बनगांव जंक्शन से चांदबाजार तक सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना

11.5 किमी लंबी बनगांव–चांदबाजार नई रेल लाइन बनगांव जंक्शन को सीधे चांदबाजार से जोड़ेगी. इस खंड में तीन बड़े पुल और एक छोटा पुल प्रस्तावित है. यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन भवन सहित नया प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज और टिकट काउंटर का निर्माण किया जाएगा. यह परियोजना सीमावर्ती शहर बंगांव में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

पोरामाहेशतला होते हुए कल्याणी तक रेल सुविधा से ग्रामीण इलाकों को मिलेगा विकास का अवसर

20 किमी लंबी बंगांव–पोरामाहेशतला नई रेल लाइन पोरामाहेशतला होते हुए कल्याणी तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. इस सेक्शन में एक बड़ा पुल और 37 छोटे पुल बनाए जाएंगे. शेल्टर युक्त प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, स्टेशन भवन और टिकट काउंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. नई लाइन का अलाइनमेंट बंगांव-रानाघाट ब्रांच लाइन से लेवल क्रॉसिंग नंबर 21 के पास, बंगांव से लगभग एक किलोमीटर पहले शुरू करने की योजना है. यह परियोजना उत्तर 24 परगना जिले के ग्रामीण और अविकसित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देगी.

चांदबाजार से बागदा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन से कृषि आधारित क्षेत्रों को मिलेगा परिवहन संबल

13.8 किमी लंबी चांदबाजार–बागदा नई ब्रॉड गेज रेल लाइन बंगांव-पेट्रापोल सेक्शन से निकलकर बंगांव-बागदा स्टेट हाईवे के समानांतर चलेगी. इस रेल लाइन का संपूर्ण सेवा क्षेत्र उत्तर 24 परगना जिले के बंगांव सब-डिवीजन में आता है, जहां अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. इस खंड में दो बड़े पुल और 14 छोटे पुल बनाए जाएंगे. यात्रियों के लिए शेल्टर युक्त प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज और अन्य स्टेशन सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है.

रानाघाटसे दत्ताफुलिया तक नई रेल लाइन से नदिया जिले को सीधा फायदा

नदिया जिले में प्रस्तावित 8.17 किमी लंबी रानाघाट (अरंगघाटा)–दत्ताफुलिया नई रेल लाइन से घनी आबादी वाले इलाकों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे यात्रियों को कोलकाता और आसपास के शहरी केंद्रों तक तेज़ और सुविधाजनक आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी. साथ ही, सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होने से स्थानीय यातायात व्यवस्था में भी सुधार आएगा.

स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

नई रेल लाइनों के निर्माण के दौरान स्थानीय मजदूरों, तकनीकी कर्मियों और छोटे व्यवसायों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे. इसके अलावा, भविष्य में स्टेशनों के संचालन, रख-रखाव और रेल सेवाओं से जुड़े स्थायी रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं.

समग्र विकास के लिए रेल परियोजनाएं बनेंगी आधार

कुल मिलाकर, उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों में प्रस्तावित ये चार नई रेल लाइन परियोजनाएं परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सुरक्षा, व्यापार, कृषि, रोज़गार और सामाजिक विकास के लिए एक ठोस आधार तैयार करेंगी. इन परियोजनाओं के पूरा होने से सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों के समग्र विकास की उम्मीद की जा रही है.

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Bihar Crime : फतुहा में जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप, महिला की गोली मारकर हत्या, 2 घायल

क्राइम
फतुहा में जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप.

Bihar Crime : पटना जिले के फतुहा थाना क्षेत्र अंतर्गत रसलपुर गांव में शुक्रवार सुबह जमीन विवाद को लेकर हुई गोलीबारी में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों में एक की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है.

दो भाइयों के बीच महज कुछ इंच जमीन को लेकर हुआ विवाद

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, रसलपुर गांव में दो सगे भाइयों श्रवण यादव और राजकुमार यादव के बीच मात्र दो से पांच इंच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. शुक्रवार सुबह करीब सात बजे कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया. इसी दौरान राजकुमार यादव के 20 वर्षीय पुत्र शिवम कुमार ने अपने चचेरे भाई और चाची पर गोली चला दी.

गोली राजकुमार यादव की पत्नी राजमंत्री देवी के सिर को भेदते हुए पास खड़े ग्रामीण देव सागर के सिर में जा लगी. इस घटना में राजमंत्री देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि देव सागर और महिला का पुत्र रंजन कुमार गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए.

सूचना मिलते ही फतुहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया. मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना एनएमसीएच भेज दिया गया है. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए पुलिस घटनास्थल पर कैंप कर रही है.

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.


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Bihar News : अररिया में तेज रफ्तार बाइक ने पुलिस गश्ती वाहन को मारी टक्कर, SSB जवान समेत 2 की मौत

Accident
रांची में सड़क हादसा.

Bihar News : बिहार में अररिया नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीगंज रोड स्थित कोल्ड स्टोर के समीप रविवार देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई. तेज रफ्तार बाइक ने नगर थाना पुलिस की गश्ती वाहन में जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे में कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. अस्पताल में चिकित्सकों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया.

एसएसबी जवान समेत दो मृतकों की हुई पहचान

मृतकों की पहचान आरएस वार्ड संख्या चार निवासी एसएसबी जवान सुधीर कुशवाहा और फारबिसगंज के बड़ा शिवालय रोड निवासी विक्की जयसवाल के रूप में की गई है. चिकित्सकों के अनुसार, दोनों की हालत अत्यंत गंभीर थी और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. हादसे में घायल अन्य लोगों का सदर अस्पताल में इलाज जारी है, जिनकी स्थिति पर चिकित्सक निगरानी रखे हुए हैं.

एक ही बाइक पर सवार होकर बस पकड़ने जा रहे थे दोनों

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुधीर कुशवाहा और विक्की जयसवाल एक ही बाइक पर सवार होकर अररिया आरएस की ओर से अररिया बस स्टैंड जा रहे थे. इसी दौरान रानीगंज रोड स्थित कोल्ड स्टोर के पास खड़ी नगर थाना की गश्ती वाहन में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर जा टकराई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई.

गश्ती दल के पुलिसकर्मी भी हुए घायल

इस दुर्घटना में नगर थाना की गश्ती टीम में शामिल एएसआई दीपक कुमार, वाहन चालक और एक होमगार्ड जवान भी घायल हो गए. सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, गश्ती वाहन सड़क किनारे खड़ी थी, तभी तेज रफ्तार बाइक उससे टकरा गई.

52वीं बटालियन में तैनात था मृतक जवान

मृतक सुधीर कुशवाहा एसएसबी की 52वीं बटालियन, अररिया में तैनात थे. वह अपने मित्र एवं व्यापारी विक्की जयसवाल के साथ देर रात बस पकड़ने के लिए निकले थे. घटना की सूचना मिलते ही दोनों मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल व्याप्त है.

पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया

यातायात पुलिस उपाधीक्षक फखरे आलम के अनुसार बाइक सवार अररिया की ओर से आ रहे थे, तभी बाइक अनियंत्रित होकर पुलिस गश्ती वाहन से टकरा गई. इस हादसे में दोनों बाइक सवारों की मौत हो गई है. शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है.

मौके पर पहुंचे वरीय अधिकारी

घटना की जानकारी मिलते ही नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक, यातायात थानाध्यक्ष प्रेमचंद कुमार, एसएसबी के अधिकारी एवं जवानों सहित कई पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

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Dhanbad News: धनबाद में बिजली चोरी रोकने गई टीम पर हमला, गोविंदपुर थाने में मामला दर्ज

धनबाद
हेमंत सोरेन ने भाजपा पर विकास को बाधित करने का लगाया आरोप.

Dhanbad News: धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सहराज गांव में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान छापेमारी दल पर हुए हमले के मामले में अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है. निरसा-1 के सहायक विद्युत अभियंता नीतीश कुमार ने गुरुवार को गोविंदपुर थाना पहुंचकर इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस ने अभियंता के आवेदन के आधार पर कांड संख्या 42/2026 दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

छापेमारी के दौरान ग्रामीणों ने किया विरोध, स्थिति हुई बेकाबू

पुलिस इंस्पेक्टर विष्णु प्रसाद राउत के अनुसार, दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल मंगलवार को सहराज गांव पहुंचा था. टीम को सूचना मिली थी कि गांव में एक व्यक्ति अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहा है. इसी सूचना के आधार पर जब टीम संबंधित परिसर की जांच कर रही थी, तभी कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर साजिश के तहत भीड़ इकट्ठा कर ली और छापेमारी दल से बहस शुरू कर दी.

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लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से हमला, सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त

प्राथमिकी के अनुसार, विवाद बढ़ते ही ग्रामीणों ने टीम के काम में बाधा डालनी शुरू कर दी. स्थिति संभलने से पहले ही भीड़ ने लाठी, डंडे और ईंट-पत्थर से हमला कर दिया. अचानक हुए हमले से छापेमारी दल में अफरा-तफरी मच गई. जान बचाने के लिए टीम के सदस्य मौके से भागने लगे, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की.

हमले में चार बिजलीकर्मी गंभीर रूप से घायल

इस घटना में छापेमारी टीम में शामिल हरेंद्र कुमार रवानी, देवेंद्र कच्छप, जितेंद्र गोराई और प्रसनजीत मोदक गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया. घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मियों में रोष देखा गया और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.

मानव दिवस कर्मी समेत कई नामजद आरोपी

सहायक विद्युत अभियंता नीतीश कुमार ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि सहराज गांव का मानव दिवस कर्मी हफीजुद्दीन अंसारी उर्फ शाहरुख अंसारी ने भीड़ को उकसाने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा तफिक अंसारी (पिता आबुल मियां), मिनाज अंसारी (पिता पियारूद्दीन), जाकिर अंसारी (पिता कालू मियां), अख्तर अंसारी (पिता आलटू अंसारी), अरशद अंसारी (पिता हमीद अंसारी), रवि दे (पिता चिनू दे) और हलीम अंसारी—सभी निवासी सहराज गांव—को इस हमले में शामिल बताया गया है.

ग्रामीण प्रतिनिधियों ने लगाए बिजली कर्मियों पर आरोप

दूसरी ओर, इस मामले में सहराज गांव की मुखिया रुखसाना बीबी, पूर्व मुखिया जाकिर अंसारी और हकीमुद्दीन अंसारी ने गोविंदपुर पुलिस और सिटी एसपी को अलग-अलग आवेदन सौंपा है. उनके अनुसार, बिजली विभाग के कर्मी निर्दोष ग्रामीणों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

पुलिस जांच में जुटी, आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल गोविंदपुर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. घटना ने बिजली चोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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Jharkhand Weather Forecast : झारखंड में मौसम ने बदली चाल, सर्दी अब विदाई की ओर

Jharkhand
झारखंड में ठंड विदाई के करीब.

Jharkhand Weather Forecast : झारखंड में जनवरी के अंतिम दिनों के साथ मौसम का रुख बदलने लगा है. ठंड की तीव्रता अब पहले जैसी नहीं रही और दिन के समय तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र के आकलन के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी संभव है. हालांकि रात के तापमान में फिलहाल बड़ी राहत के संकेत नहीं हैं और यह 9 से 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है.

मौसम विभाग का संकेत: सर्दी अब अंतिम पड़ाव पर

मौसम विज्ञानियों का मानना है कि झारखंड में ठंड अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी है. दिन के समय तेज धूप का असर महसूस किया जाएगा, जिससे दोपहर में हल्की गर्मी रहेगी. वहीं सुबह और रात के वक्त ठंड पूरी तरह खत्म नहीं होगी. मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल राज्य में बारिश, बादल या किसी तरह की मौसमी गड़बड़ी की संभावना नहीं है और मौसम शुष्क बना रहेगा.

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पूर्वोत्तर झारखंड में तेजी से बढ़ेगा दिन का तापमान

राज्य के पूर्वोत्तर हिस्सों—देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज—में तापमान में बढ़ोतरी की रफ्तार अन्य इलाकों की तुलना में तेज रह सकती है. अगले पांच दिनों के दौरान इन जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है, जो अभी लगभग 27 डिग्री के आसपास है. न्यूनतम तापमान 10 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. सुबह हल्की ठंड महसूस होगी, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ेगा, धूप तेज होती जाएगी.

उत्तर-पश्चिमी जिलों में रात की ठंड अभी बरकरार

उत्तर-पश्चिम झारखंड के कोडरमा, चतरा, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा और पलामू जिलों में रात के समय ठंड का असर अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, पलामू क्षेत्र में न्यूनतम तापमान फिलहाल करीब 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है, जो धीरे-धीरे बढ़कर 12 डिग्री तक जा सकता है. दिन के समय तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. शीतलहर का प्रभाव कमजोर पड़ चुका है और ठंड से राहत के संकेत मिलने लगे हैं.

राजधानी रांची समेत मध्य झारखंड में संतुलित मौसम

मध्य झारखंड के रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी और गुमला जिलों में मौसम अपेक्षाकृत संतुलित रहने की संभावना है. राजधानी रांची में आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है. आसमान साफ रहेगा और सुबह के समय कोहरे का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा.

दक्षिणी जिलों में गर्मी का असर सबसे ज्यादा

दक्षिण झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा जिलों में फरवरी की शुरुआत के साथ गर्मी का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा सकता है. पश्चिमी सिंहभूम में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. वहीं न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

अगले पांच दिन शुष्क मौसम, बारिश का कोई अलर्ट नहीं

मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले पांच दिनों तक पूरे झारखंड में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा. किसी भी जिले के लिए बारिश या खराब मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है. कुल मिलाकर दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंड का सिलसिला जारी रहेगा. जनवरी के साथ ठंड की विदाई लगभग तय मानी जा रही है और फरवरी के आगमन के साथ गर्म मौसम की शुरुआत साफ दिखाई दे रही है.

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Jamshedpur Encounter : पुलिस से कार्बाइन छीनकर फायरिंग, जवाब में 3 आरोपी को लगी गोली

जमशेदपुर
जमशेदपुर में पुलिस–अपराधियों की मुठभेड़.

Jamshedpur Encounter : झारखंड के जमशेदपुर शहर में गुरुवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई. यह एनकाउंटर कारोबारी पुत्र कैरव गांधी के चर्चित अपहरण कांड से जुड़े तीन आरोपियों के साथ हुआ. साईं मंदिर जाने वाले मार्ग पर नाला के पास हुई इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान तीनों अपराधियों को गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.

हथियार बरामदगी के दौरान अचानक पलटा हालात

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिहार के नालंदा जिले से गिरफ्तार किए गए रमेश राजा, गुड्डू सिंह और मोहम्मद इमरान को बिष्टुपुर थाना पुलिस हथियारों की बरामदगी के लिए घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी. आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया था कि अपहरण कांड में इस्तेमाल किए गए हथियार उन्होंने साईं मंदिर के पास नाला क्षेत्र में छिपा रखे हैं. लेकिन जैसे ही पुलिस टीम वहां पहुंची, हालात अचानक बिगड़ गए और अपराधियों ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की.

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पुलिस जवान से छीनी कार्बाइन, ताबड़तोड़ फायरिंग

पुलिस के मुताबिक, मौके का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने एक पुलिस जवान से कार्बाइन राइफल छीन ली और पुलिस टीम पर करीब छह राउंड फायरिंग कर दी. अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की. पुलिस की गोली तीनों अपराधियों के पैरों में लगी, जिससे वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े.

तीनों आरोपी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस ने घायल बदमाशों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें टीएमएच तथा एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी पुलिस अधिकारी या जवान को कोई चोट नहीं आई.

मौके से हथियार बरामद, नेटवर्क की जांच तेज

पुलिस ने एनकाउंटर स्थल से दो पिस्तौल समेत अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है. बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल पहले किन-किन आपराधिक घटनाओं में हुआ था. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुट गई है और पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम तेज कर दिया गया है.

वरीय पुलिस अधिकारी पहुंचे घटनास्थल

घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय और सिटी एसपी कुमार शिवाशीष सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली. इस दौरान मुठभेड़ में साहस और सूझबूझ दिखाने वाले पुलिसकर्मियों की अधिकारियों ने सराहना की और उनकी पीठ थपथपाई.

कैरव गांधी अपहरण कांड की जांच में अहम मोड़

पुलिस का मानना है कि यह मुठभेड़ कैरव गांधी अपहरण कांड की जांच में एक बड़ी सफलता है. अधिकारियों के अनुसार, घायल अपराधियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है. पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से अपहरण कांड के पीछे सक्रिय पूरे गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी और मामले का जल्द खुलासा संभव हो सकेगा.

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Suniel Shetty On Border 2 : सुनील शेट्टी की अनोखी मन्नत; बेटे की Border 2 अभी तक नहीं देखी

Border 2
बेटे की Border 2 अभी तक नहीं देखी.

Suniel Shetty On Border 2 : बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ होने के बाद Border 2 काफी सुर्खियों में है. फिल्म की चर्चा दर्शकों और मीडिया दोनों में जोर पकड़ रही है. लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में लीड रोल निभाने वाले सुनील शेट्टी के बेटे अहान शेट्टी की कामयाबी के बावजूद, सुनील खुद अब तक फिल्म नहीं देख पाए हैं.

प्रीमियर पर मौजूद, लेकिन स्क्रीन के बाहर ही रहे

सुनील शेट्टी ने फिल्म के प्रीमियर में हिस्सा जरूर लिया. लेकिन थिएटर के अंदर जाकर फिल्म नहीं देखी. इसके बजाय उन्होंने मेहमानों से बातचीत की और ज्यादातर समय थिएटर के बाहर ही बिताया. वहीं उनके परिवार के बाकी सदस्य—पत्नी, बेटी और दामाद—अंदर जाकर फिल्म देख रहे थे.

फिल्म न देखने का कारण: मन्नत और कामयाबी की प्रतीक्षा

मीडिया से बातचीत में सुनील ने बताया कि यह उनकी जागरूक निर्णय था. उन्होंने तय किया था कि वे तब तक फिल्म नहीं देखेंगे जब तक यह बड़ी सफलता हासिल नहीं करती और बॉक्स ऑफिस पर अच्छे आंकड़े नहीं छूती. सुनील के अनुसार, यह मन्नत उन्होंने बेटे अहान की सफलता और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए रखी है.

पिता-पुत्र का खास रिश्ता

सुनील शेट्टी का यह कदम पिता-पुत्र के रिश्ते की गहराई को दर्शाता है. एक तरफ अहान शेट्टी फिल्म में लीड रोल में अपनी छवि बना रहे हैं, वहीं सुनील ने अपनी मन्नत और प्रतीक्षा के जरिए यह जताया कि उनके लिए यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि बेटे की मेहनत और करियर की सफलता का प्रतीक है.

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Mardaani 3 : एक बार फिर वर्दी में दिखेंगी रानी मुखर्जी, शिवानी शिवाजी रॉय की दमदार वापसी

शिवानी
शिवानी शिवाजी रॉय की दमदार वापसी.(फोटो-मायापुरी)

Mardaani 3 : बॉलीवुड की दमदार अदाकारा रानी मुखर्जी एक बार फिर अपने आइकॉनिक किरदार शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में पर्दे पर लौटने के लिए तैयार हैं. मर्दानी फ्रेंचाइजी के तीसरे भाग ‘मर्दानी 3’ को लेकर दर्शकों में पहले से ही जबरदस्त उत्साह है. रिलीज से पहले रानी ने पुलिस यूनिफॉर्म पहनकर दोबारा कैमरे के सामने आने के अनुभव को साझा किया है और बताया है कि यह किरदार उनके लिए सिर्फ एक रोल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है.

रानी मुखर्जी बोलीं: “यह सिर्फ किरदार नहीं, एक सम्मान है”

अपने चर्चित किरदार में तीसरी बार लौटने को लेकर रानी मुखर्जी ने अपनी भावनाएं खुलकर जाहिर कीं. उन्होंने कहा कि एक महिला पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है.

IANS से बातचीत में रानी ने कहा,
“मेरे लिए यूनिफॉर्म में एक महिला का किरदार निभाना बहुत बड़ा सम्मान है. उनकी जिंदगी में संघर्ष, रोजमर्रा की चुनौतियां और जिस तरह वे अपराधों से निपटती हैं—यह सब असाधारण है.”

उन्होंने आगे बताया कि शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार के जरिए वह दर्शकों को यह दिखाना चाहती हैं कि भारतीय महिला पुलिस अधिकारी दिन-रात किस तरह समाज की सुरक्षा के लिए काम करती हैं और किस दबाव में फैसले लेती हैं.

‘शिवानी शिवाजी रॉय’ के जरिए एक सशक्त संदेश

रानी का मानना है कि मर्दानी जैसी फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि समाज को आईना भी दिखाती हैं. उन्होंने कहा कि इस किरदार के माध्यम से वे उन महिलाओं की कहानियों को सामने लाना चाहती हैं, जो सिस्टम के भीतर रहकर अपराध से लड़ती हैं और कई बार अनदेखी रह जाती हैं.

उनके अनुसार, शिवानी शिवाजी रॉय आज की उन महिलाओं का प्रतीक है, जो साहस, संवेदनशीलता और सख्ती—तीनों का संतुलन बनाकर काम करती हैं.

स्टार कास्ट और फिल्म की मेकिंग टीम

मर्दानी 3 का निर्देशन अभिराज मिनावाला ने किया है, जबकि फिल्म के निर्माता आदित्य चोपड़ा हैं. फिल्म की कहानी आयुष गुप्ता ने लिखी है, जो पहले द रेलवे मेन जैसी चर्चित सीरीज के लिए सराहे जा चुके हैं.

इस बार फिल्म में शैतान फेम जानकी बोडीवाला भी एक अहम भूमिका में नजर आएंगी, जिससे कहानी में नया मोड़ और गहराई आने की उम्मीद है.

कब रिलीज होगी ‘मर्दानी 3’?

फैंस का इंतजार अब ज्यादा लंबा नहीं है. मर्दानी 3 को 30 जनवरी को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा. फिल्म को लेकर ट्रेड और दर्शकों—दोनों में अच्छी ओपनिंग की उम्मीद जताई जा रही है.

मर्दानी फ्रेंचाइजी का अब तक का सफर

मर्दानी फ्रेंचाइजी की शुरुआत साल 2014 में हुई थी. पहले पार्ट में मानव तस्करी जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को बेहद सशक्त तरीके से दिखाया गया था. इस फिल्म में रानी मुखर्जी के साथ जिस्सू सेनगुप्ता, ताहिर राज भसीन और अनंत विधात शर्मा नजर आए थे.

इसके बाद 2019 में आए दूसरे भाग ने दर्शकों को और झकझोर दिया. इसमें एक सीरियल रेपिस्ट की मानसिकता और सिस्टम के सामने खड़ी चुनौतियों को दिखाया गया था. फिल्म का निर्देशन गोपी पुथरन ने किया था और विशाल जेठवा के अभिनय को खूब सराहना मिली थी.

मर्दानी 3 में क्या होगा नया?

तीसरे भाग में भी मेकर्स समाज की एक और कड़वी और डरावनी सच्चाई को सामने लाने की तैयारी में हैं. फिल्म एक बार फिर गंभीर सामाजिक मुद्दे पर आधारित होगी, जिसे शिवानी शिवाजी रॉय के नजरिए से दिखाया जाएगा.

जिस तरह पहले दोनों फिल्मों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया था, उसी तरह मर्दानी 3 से भी एक मजबूत संदेश और प्रभावशाली कहानी की उम्मीद की जा रही है.

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T20 World Cup 2026 : पहले बहिष्कार की धमकी, फिर यू-टर्न… पाकिस्तान ने कटाया कोलंबो का टिकट

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बहिष्कार की धमकी से पीछे हटा पाकिस्तान.(फोटो-सोशल मीडिया)

T20 World Cup 2026 : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने स्थिति साफ कर दी है. बोर्ड ने अपनी टीम को 2 फरवरी की सुबह कोलंबो भेजने का अंतिम कार्यक्रम तय कर दिया है. इसके साथ ही टूर्नामेंट से हटने या फिर 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले के बहिष्कार की तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया है.

सूत्रों के मुताबिक, PCB ने श्रीलंका रवाना होने को लेकर सभी लॉजिस्टिक और प्रशासनिक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं. टीम का यह कदम साफ संकेत देता है कि पाकिस्तान अब टूर्नामेंट में पूरी भागीदारी के मूड में है.

बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा था पाकिस्तान, दी थी कड़ा रुख अपनाने की चेतावनी

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था. इसके बाद पाकिस्तान ने भी आईसीसी के रुख पर सवाल खड़े किए और खुलकर बांग्लादेश के समर्थन में सामने आया.

PCB ने उस समय यह संकेत दिया था कि अगर सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज किया गया, तो पाकिस्तान भी टूर्नामेंट से हटने या भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करने जैसे कड़े कदम उठा सकता है. बांग्लादेश ने भारत में सुरक्षा को लेकर आपत्ति जताते हुए आईसीसी से वेन्यू बदलने की मांग की थी, लेकिन आईसीसी ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया.

आईसीसी का स्पष्ट कहना था कि भारत में किसी भी टीम को सुरक्षा से जुड़ा कोई खतरा नहीं है और टूर्नामेंट पूरी तरह सुरक्षित माहौल में आयोजित किया जाएगा.

त्रिपक्षीय समझौते ने खत्म किया विवाद का आधार

इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका उस त्रिपक्षीय समझौते की रही है, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और आईसीसी के बीच हुआ है. इस समझौते के तहत 2027 तक होने वाले सभी आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत-पाकिस्तान के मुकाबले तटस्थ स्थल पर खेले जाएंगे.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान का पूरा कार्यक्रम श्रीलंका में तय किया गया है. यहां तक कि अगर पाकिस्तानी टीम फाइनल तक पहुंचती है, तो खिताबी मुकाबला भी श्रीलंका में ही खेला जाएगा. ऐसे में पाकिस्तान को न तो भारत की यात्रा करनी है और न ही सुरक्षा को लेकर कोई प्रत्यक्ष जोखिम है.

बहिष्कार की संभावना क्यों हुई खत्म?

जब पूरा टूर्नामेंट शेड्यूल और भारत-पाक मैच का वेन्यू पहले से तय और तटस्थ है, तो पाकिस्तान के पास टूर्नामेंट से हटने या भारत के खिलाफ मैच न खेलने का कोई ठोस आधार नहीं बचता. इसी वजह से PCB ने अब स्पष्ट रूप से टीम के रवाना होने की तारीख तय कर दी है.

यह फैसला न सिर्फ आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों को स्थिरता देता है, बल्कि भारत-पाक मुकाबले को लेकर बनी अनिश्चितता को भी समाप्त करता है—जो टूर्नामेंट का सबसे हाई-वोल्टेज मैच माना जा रहा है.

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