West Champaran : पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा थाना क्षेत्र अंतर्गत ओवरब्रिज के नीचे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रक्सौल से मोतिहारी की ओर जा रही एक लग्जरी कार अचानक आग का गोला बन गई. देखते ही देखते चलती कार में भीषण आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर खाक हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार में अचानक धुआं उठता देख चालक को खतरे का आभास हुआ. चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कार से कूदकर अपनी जान बचाई. हालांकि, आग इतनी तेजी से फैली कि कार को बचाया नहीं जा सका.
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी. इस घटना से आसपास के इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बनी रही.
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ.
पटना NEET छात्रा मौत के मामले में थाना प्रभारी और दारोगा सस्पेंड.
PatnaNEET Student Death Case : पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है. इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना SSP कार्यालय ने चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के दारोगा हेमंत झा को निलंबित कर दिया है.
पटना: NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर चित्रगुप्त नगर थाना में तैनात अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाना के अवर निरीक्षक हेमंत झा को निलंबित कर दिया गया है.#NEET#neetstudent#BiharNewspic.twitter.com/PKPQNEbxmn
जांच में यह साफ हुआ है कि घटना की जानकारी मिलने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया. मामले को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया. हैरानी की बात यह रही कि घटना के तीन दिन बाद तक न तो हॉस्टल को सील किया गया, न ही छात्रा का कमरा, बिस्तर या कपड़े सुरक्षित किए गए. बाद में जब कार्रवाई शुरू हुई, तब तक अहम सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका बढ़ चुकी थी. इतना ही नहीं, वरीय अधिकारियों को भी शुरुआत में सही जानकारी नहीं दी गई, जिससे जांच प्रभावित हुई.
शनिवार को सामने आए दो अहम तथ्य
PatnaNEET Student Death Case
मामले में शनिवार को दो बड़े खुलासे हुए. पहला, फॉरेंसिक टीम ने SIT को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी. रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की पुष्टि की गई है. अब इस सैंपल का मिलान गिरफ्तार आरोपियों के साथ-साथ SIT द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्धों के डीएनए से कराया जाएगा.
दूसरा अहम खुलासा पटना एम्स से जुड़ा है. फॉरेंसिक साइंस विभाग के प्रमुख डॉ. विनय कुमार ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष मेडिकल टीम पहले ही गठित की जा चुकी है. हालांकि SIT की ओर से अधूरे दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने के कारण जांच प्रक्रिया में देरी हो रही है.
फिलहाल जांच लगातार जारी है. अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस जटिल मामले में दोषियों तक कब और कैसे पहुंच पाती है.
T20 World Cup 2026 : टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है. दुबई में शुक्रवार को ICC चेयरमैन जय शाह समेत शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी के बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को एक ईमेल भेजकर टूर्नामेंट से बाहर किए जाने की जानकारी दी गई. यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट के लिए किसी झटके से कम नहीं माना जा रहा है.
समय पर जवाब न देना पड़ा भारी
ICC के मुताबिक बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से यह स्पष्ट पूछा गया था कि टीम भारत में होने वाले मुकाबलों के लिए तैयार है या नहीं. इसके लिए बोर्ड को 24 घंटे की समय-सीमा दी गई थी, लेकिन तय वक्त में कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला.
The ICC has announced that Scotland will replace Bangladesh at the ICC Men’s T20 World Cup 2026.
Bangladesh will no longer compete in the upcoming ICC Men’s T20 World Cup, after the Bangladesh Cricket Board (BCB) refused to participate in the tournament per the published match… pic.twitter.com/Lo2hSljw1v
इसके उलट, बोर्ड ने ढाका में मीडिया को संबोधित कर अपना पक्ष रख दिया, जिसे ICC ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना. नियमों के अनुसार पहले ICC को जानकारी देना जरूरी था. इसी लापरवाही के चलते ICC ने कड़ा रुख अपनाया और बांग्लादेश की जगह दूसरी टीम को मौका देने का निर्णय लिया.
सुरक्षा चिंता बनी विवाद की जड़
बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टीम को भारत न भेजने की सलाह दी थी. हालांकि ICC ने कई बार आश्वासन दिया कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे. इसके बावजूद बांग्लादेश बोर्ड अपने फैसले पर अड़ा रहा, जिसका खामियाजा उसे टूर्नामेंट से बाहर होकर भुगतना पड़ा.
स्कॉटलैंड की खुली किस्मत
इस फैसले से स्कॉटलैंड क्रिकेट को अप्रत्याशित फायदा मिला है. हालांकि क्रिकेट स्कॉटलैंड ने कहा है कि उन्हें अभी आधिकारिक पत्र नहीं मिला है, लेकिन माना जा रहा है कि औपचारिक घोषणा जल्द हो जाएगी.
नए शेड्यूल के तहत स्कॉटलैंड को ग्रुप स्टेज में वेस्टइंडीज, इटली, इंग्लैंड और नेपाल से भिड़ना है. उनका पहला मुकाबला 7 फरवरी को वेस्टइंडीज से, दूसरा 9 फरवरी को इटली से और तीसरा 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता में होगा. नेपाल के साथ मैच 17 फरवरी को मुंबई में खेला जाएगा.
ICC का सख्त संदेश
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि ICC नियमों और अनुशासन के मामले में किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है. प्रोटोकॉल तोड़ना और समय पर जवाब न देना बांग्लादेश को भारी पड़ गया. अब नजरें इस पर होंगी कि स्कॉटलैंड इस सुनहरे मौके का कितना फायदा उठा पाता है.
हार के बाद तेजस्वी यादव पहली बार RJD दफ्तर पहुंचे.
Tejashwi Yadav : बिहार विधानसभा चुनाव के बाद लंबे समय तक शांत रहने वाले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब फिर सक्रिय दिख रहे हैं. जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर राजद कार्यालय में पहुंचे तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं को जोश से भर दिया और साथ ही सत्ता पक्ष और चुनाव प्रक्रिया पर तीखी आलोचना की. उनका कहना था कि चुनाव के परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे, लेकिन जनता का भरोसा अभी भी पार्टी के साथ है.
चुनाव में मशीन और धन का दबदबा
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव नतीजे जनता की असफलता नहीं, बल्कि सिस्टम की ताकत का प्रतीक हैं. उन्होंने कहा, “इस बार जनता हारी है और मशीन-तंत्र जीता है.” उनका आरोप था कि आधुनिक राजनीति में लोकतंत्र को अब धन और मशीन तंत्र में बदल दिया गया है.
तेजस्वी ने कहा कि पूरे चुनाव में सिस्टम, मीडिया और मशीनरी उनके खिलाफ काम कर रही थी. बावजूद इसके, 1.9 करोड़ लोगों ने राजद गठबंधन को समर्थन दिया. उन्होंने दावा किया कि बिहार की करीब 60% जनता मौजूदा सरकार से नाराज है और बदलाव चाहती है.
साथ ही तेजस्वी ने पार्टी के भीतर कुछ नेताओं की बयानबाजी का भी जिक्र किया और साफ किया कि संगठन में अनुशासन बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है.
संघर्ष जारी रहेगा
कार्यकर्ताओं से बातचीत में तेजस्वी ने कहा, “जहां कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद नहीं झुके, वहां तेजस्वी भी कभी पीछे नहीं हटेगा.” उन्होंने सरकार को 100 दिनों का अल्टीमेटम दिया और कहा कि वे चुप हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि सरकार महिलाओं और युवाओं के लिए अपने वादे पूरा करे.
तेजस्वी का यह संदेश साफ करता है कि विपक्ष आगामी समय में पूरी ताकत के साथ सक्रिय रहेगा.
Chaibasa Naxal Encounter : झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहा अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोल्हान–सारंडा क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के 17 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया है.
झारखंड पुलिस, कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई सटीक खुफिया सूचना के आधार पर अंजाम दी. राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 22 और 23 जनवरी को हुई मुठभेड़ में मारे गए सभी 17 नक्सलियों की पहचान कर ली गई है.
टॉप नक्सली लीडर भी थे शामिल
पुलिस के मुताबिक, मारे गए नक्सलियों में संगठन के कुख्यात और शीर्ष कमांडर मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया और अश्विन शामिल हैं. ये सभी लंबे समय से कोल्हान और सारंडा के जंगलों में सक्रिय थे और सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ राष्ट्र विरोधी साजिशों की योजना बना रहे थे.
खुफिया इनपुट से शुरू हुआ विशेष ऑपरेशन
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी को सूचना मिली थी कि टॉप नक्सली अनल उर्फ पतिराम मांझी और अनमोल अपने दस्ते के साथ छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडीह और बहदा गांव के आसपास मौजूद हैं. इसके बाद झारखंड पुलिस और कोबरा बटालियन-209 ने संयुक्त रूप से विशेष अभियान शुरू किया.
22 और 23 जनवरी को वनग्राम कुमडीह के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच कई चरणों में भीषण मुठभेड़ हुई. नक्सलियों की अंधाधुंध फायरिंग का सुरक्षाबलों ने संयम और साहस के साथ जवाब दिया.
हथियार बरामद
AK-47 / AKM – 4
इंसास – 4
SLR – 3
0.303 राइफल – 3
भारी मात्रा में कारतूस
अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री
सर्च ऑपरेशन में हथियारों का जखीरा बरामद
मुठभेड़ के बाद तय एसओपी के तहत बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 17 नक्सलियों के शव बरामद किए गए. साथ ही अत्याधुनिक हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और नक्सलियों के दैनिक उपयोग का सामान भी जब्त किया गया.
अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से कोल्हान–सारंडा क्षेत्र में माओवादी संगठन की कमर टूट गई है. शीर्ष नेतृत्व के कमजोर पड़ने से इलाके में शांति, सुरक्षा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी.
मुठभेड़ में मारे गए नक्सली
क्रम
नक्सली का नाम
पद / कैडर
घोषित इनाम
1
अनिल उर्फ पतिराम मांझी
CCM
₹1 करोड़ (झारखंड), ₹1.20 करोड़ (ओडिशा), ₹15 लाख (NIA)
2
अनमोल उर्फ सुषांत
BJSAC
₹25 लाख (झारखंड), ₹65 लाख (ओडिशा)
3
अमित मुंडा
RCM
₹15 लाख (झारखंड), ₹43 लाख (ओडिशा), ₹4 लाख (NIA)
4
पिंटू लोहरा
SZC
₹5 लाख
5
लालजीत उर्फ लालू
SZC
₹5 लाख
6
समीर सोरेन
SZC
₹5 लाख
7
राका उर्फ पावेल
SZC
₹32 लाख (ओडिशा)
8
राजेश मुंडा
ACM
—
9
बुलबुल अलदा
ACM
—
10
बबिता
ACM
—
11
पुर्णिमा
ACM
—
12
सुरजमुनी
कैडर
₹1 लाख
13
जोंगा
कैडर
—
14
सोमबारी पूर्ति
कैडर
—
15
सोमा होनहागा
कैडर
—
16
मुक्ति होनहागा
कैडर
—
17
सरिता
कैडर
—
नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील
झारखंड पुलिस ने साफ कहा है कि राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे. साथ ही हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले नक्सलियों के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने का अवसर खुला है.
पटलबाबू व मिरजानहाट फीडर की बिजली रविवार को रहेगी बाधित.
Bhagalpur News : भागलपुर शहर के दो प्रमुख बिजली फीडर पटलबाबू और मिरजानहाट की बिजली आपूर्ति रविवार को मरम्मत कार्य के कारण बाधित रहेगी. सहायक अभियंता प्रणव मिश्रा ने बताया कि पटलबाबू फीडर अंतर्गत आने वाले करीब 15 ट्रांसफॉर्मरों की बिजली दिन के 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रखी जाएगी.
उन्होंने बताया कि गुड़हट्टा चौक से नवाबबाग तक खुले तारों को कवर्ड वायर में बदलने का कार्य किया जाएगा. इस कारण मोजाहिदपुर पावर हाउस की 33 हजार वोल्ट लाइन भी एक घंटे के लिए 11 बजे से 12 बजे तक बंद रहेगी, जिससे लहेरी टोला तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी.
वहीं मिरजानहाट फीडर की बिजली भी दिन के 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगी. इस दौरान हुसैनाबाद पन्ना मिल रोड क्षेत्र में तार बदलने का कार्य किया जाएगा.
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से असुविधा के लिए खेद जताते हुए सहयोग की अपील की है.
Bhagalpur News : बिहार के भागलपुर में आगामी 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड में मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा. इस संदर्भ में आज शनिवार को पुलिस जवानों, गृह रक्षकों, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड द्वारा प्रदर्शित परेड का पूर्वाभ्यास संपन्न हुआ.
पूर्वाभ्यास के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद कुमार यादव ने बारी-बारी से परेड की सलामी ली और संयुक्त रूप से परेड का निरीक्षण किया.
इस अवसर पर परेड की कमेंट्री संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता तथा आकाशवाणी भागलपुर के राकेश मुरारका एवं अनिमा कुमारी द्वारा की गई.
परेड में नगर पुलिस अधीक्षक श्री शैलेंद्र सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार, नगर पुलिस उपाधीक्षक अजय कुमार चौधरी, डीएसपी पुलिस हेडक्वार्टर 1 मो. अयूब खान, डीएसपी पुलिस लाइन एस. एन. जयसवाल, निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण दुर्गा शंकर, निदेशक एनईपी अमर कुमार मिश्रा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी विकास कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
संपूर्ण परेड का नेतृत्व प्रथम परेड कमांडर भारतीय पुलिस सेवा प्रशिक्षु अधिकारी सायम रजा एवं द्वितीय परेड कमांडर बिहार पुलिस सेवा प्रशिक्षु उपाधीक्षक सुश्री प्रेरणा सिंह ने किया.
इस परेड में कुल 13 प्लाटून ने भाग लिया, जो आगामी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारी का प्रतीक है.
Bhagalpur News : गणतंत्र दिवस को लेकर नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. 26 जनवरी को शहर के विभिन्न निगम परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसका शेड्यूल जारी कर दिया गया है.
नगर निगम कार्यालय में पूर्वाह्न 10.30 बजे मेयर डॉ. बसुंधरा लाल ध्वजारोहण करेंगी, जबकि डिप्टी मेयर तातारपुर गोदाम में झंडोत्तोलन करेंगे.
नगर आयुक्त अपने आवासीय परिसर में झंडोत्तोलन करेंगे. स्थायी समिति सदस्य एवं वार्ड संख्या 19 की पार्षद डॉ. प्रीति शेखर गोल कोठी स्थित चिल्ड्रेन पार्क में सुबह 9 बजे ध्वजारोहण करेंगी.
वार्ड संख्या 21 के पार्षद संजय कुमार सिन्हा जोनल कार्यालय संख्या-02 में सुबह 8 बजे, जबकि वार्ड संख्या 43 की पार्षद अरशदी बेगम लाजपत पार्क मैदान में सुबह 8.15 बजे झंडोत्तोलन करेंगी.
इसी तरह, वार्ड संख्या 41 की पार्षद संध्या गुप्ता और वार्ड संख्या 51 की पार्षद दीपिका कुमारी सिकंदपुर गोदाम में सुबह 8.30 बजे ध्वजारोहण करेंगी.
वहीं वार्ड संख्या 27 के पार्षद निकेश कुमार जलशोधन संस्थान, बरारी में सुबह 7.45 बजे तथा वार्ड संख्या 13 के पार्षद रंजीत कुमार भूतनाथ ट्रांसफर स्टेशन में प्रातः 9.15 बजे झंडोत्तोलन करेंगे.
Bhagalpur : बिहार ग्रामीण बैंक के कर्मचारी और अधिकारी 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल करने जा रहे हैं. हड़ताल का मुख्य कारण बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग है.
फेडरेशन के क्षेत्रीय सचिव और सहायक महासचिव आकाश आनंद ने कहा कि अगर सरकार इस मांग पर विचार नहीं करती है, तो भविष्य में यह हड़ताल अनिश्चितकालीन रूप ले सकती है.
क्षेत्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ सदस्य समीर अंबष्ट ने सभी सदस्यों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि इससे सरकार को बैंक कर्मचारियों की शक्ति का अहसास होगा.
मीडिया प्रभारी और उप महासचिव राकेश कुमार ने बताया कि हड़ताल में बड़ी संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे और इस कार्यक्रम को सफल बनाने की पूरी तैयारी की गई है.
UGC New Guidelines 2026 : देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 15 जनवरी 2026 से यूजीसी का नया रेगुलेशन “Promotion of Equity in Higher Education Institutions 2026” लागू हो चुका है. इस नए नियम के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है. हर कुछ घंटों में इस मुद्दे पर नए पोस्ट और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
सोशल मीडिया पर राय दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है. कुछ लोग इसे समानता की दिशा में जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स का कहना है कि यह नियम एकतरफा है और इससे असंतुलन पैदा हो सकता है.
UGC New Guidelines Dispute: विवाद की जड़ क्या है?
यूजीसी के नए नियम को लेकर उठ रहे विरोध के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं. इन्हीं बिंदुओं को लेकर छात्र और शिक्षक सबसे ज्यादा चिंता जता रहे हैं.
UGC releases the University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026.
स्टूडेंट्स और शिक्षकों का कहना है कि Equity Squads की व्यवस्था से कैंपस में निगरानी जैसा माहौल बन सकता है. उन्हें डर है कि इससे छोटी-छोटी बातों पर शिकायतें और जांच की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिससे अकादमिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी.
UGC New Guidelines 2026
झूठे मामलों का डर
नए नियमों के तहत फर्जी या गलत आरोप लगने की आशंका भी जताई जा रही है. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का कहना है कि किसी पर भी भेदभाव का आरोप लगाया जा सकता है, जिससे उसकी पढ़ाई, करियर और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है.
‼️महत्वपूर्ण सूचना‼️ हमने UGC regulations के खिलाफ Email मुहिम चलाई है! इसमें हम UGC और शिक्षा मंत्रालय को Emails भेजेंगे, कि वो अपनी इस विभाजनकारी guidelines को वापिस ले!
इसके लिए हमने एक QR कोड बनाया है, जिसमें सारा content automated है! आपको सिर्फ scan और send करना है!#UGCpic.twitter.com/8AQx41qinQ
यूजीसी के नए रेगुलेशन को लेकर X पर विरोध और समर्थन दोनों देखने को मिल रहे हैं. कुछ यूजर्स इस नियम के खिलाफ ईमेल अभियान चला रहे हैं, वहीं कई छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता खुलकर अपनी राय रख रहे हैं.
एक यूजर ने लिखा कि उसके बच्चे का भविष्य किसी भी हालत में खतरे में नहीं पड़ना चाहिए और यूजीसी को यह नियम वापस लेना चाहिए. वहीं एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि सवर्ण वर्ग में जन्म लेने वालों को इस नियम का विरोध करना चाहिए.
सोशल मीडिया पर #StopDiscrimination और #NoToUGCDiscrimination जैसे हैशटैग भी ट्रेंड कर रहे हैं.
Nishikant Dubey On X: भाजपा सांसद का बयान
यूजीसी नियमों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनकर सवर्ण समाज को सर्वोच्च न्यायालय से मान्यता दिलाकर 10 प्रतिशत आरक्षण दिया, यही सत्य है, उनके रहते सवर्ण जाति के बच्चों को कोई भी नुकसान नहीं होगा. बाबा साहब आंबेडकर के बनाए संविधान के आर्टिकल 14 का अनुपालन संविधान की मूल भावना है.”
मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनकर सवर्ण समाज को सर्वोच्च न्यायालय से मान्यता दिलाकर 10 प्रतिशत आरक्षण दिया,यही सत्य है,उनके रहते सवर्ण जाति के बच्चों को कोई भी नुक़सान नहीं होगा,बाबा साहब अम्बेडकर जी के बनाए संविधान के आर्टिकल 14 का अनुपालन संविधान की मूल भावना है,इससे कोई भी छेडछाड…
फिलहाल यूजीसी के नए नियम को लेकर देशभर में चर्चा और बहस जारी है. जहां एक ओर इसे समानता को मजबूत करने वाला कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग और प्रभाव को लेकर आशंकाएं भी सामने आ रही हैं. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तेज होने की संभावना है.