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Sunday, November 30, 2025
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भागलपुर के सन्हौला में जीविका दीदियों की रैली, मतदाताओं से किया मतदान का आग्रह

भागलपुर के सन्हौला में जीविका दीदियों की रैली
भागलपुर के सन्हौला में जीविका दीदियों की रैली.

Bihar Election 2025: स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के साथ मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को 155-कहलगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सन्हौला प्रखंड में जीविका दीदियों द्वारा मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई.
अभियान में बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ शामिल हुईं जिन्होंने नारे लगाते हुए ग्रामीणों से मतदान के प्रति जागरूक होने की अपील की. “वोट डालने जाना है, अपना फर्ज निभाना है” और “पहले मतदान, फिर जलपान” जैसे नारों से पूरा गांव गूंज उठा.

घर-घर जाकर दीदियों ने मतदाताओं को किया जागरूक

जीविका दीदियों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से संपर्क किया और मतदान तिथि, केंद्र और सुविधाओं की जानकारी दी.
उन्होंने कहा कि चुनाव पाँच वर्ष में एक बार आता है, इसलिए अपने योग्य प्रतिनिधि को चुनने का यह अवसर किसी भी हालत में नहीं चूकना चाहिए. दीदियों ने कहा — “आपका एक वोट बिहार की तकदीर बदल सकता है.”

मतदान के प्रति ली प्रतिबद्धता की शपथ

अभियान के दौरान जीविका दीदियों ने 11 नवंबर को शत-प्रतिशत मतदान करने का संकल्प लिया.
साथ ही अपने परिवार और समाज के सभी योग्य मतदाताओं को भी मतदान के लिए प्रेरित करने की शपथ ली.

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सबौर में रंगोली बनाकर मतदान का संदेश दिया

सबौर प्रखंड में जीविका महिला ग्राम संगठन की दीदियों ने मतदाता जागरूकता अभियान चलाया.
इस दौरान दीदियों ने रंग-बिरंगी रंगोली बनाकर मतदान के लिए प्रेरणादायक संदेश दिए — “मतदान करें, देश गढ़ें” और “एक वोट, एक जिम्मेदारी.”

शत-प्रतिशत मतदान के लिए लिया संकल्प

इस अवसर पर जीविका दीदियों ने 11 नवंबर को स्वयं मतदान करने और दूसरों को भी मतदान हेतु प्रेरित करने का संकल्प लिया.
उन्होंने ग्रामीणों को मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं जैसे रैंप, पेयजल, शौचालय और सहायता कर्मियों की व्यवस्था की जानकारी दी.

ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

दीदियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं से व्यक्तिगत बातचीत की और उन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व से अवगत कराया.
उन्होंने कहा कि सही सोच और सही निर्णय ही राज्य का भविष्य तय करता है.

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एक मिनट, एक अंगुली और 5 साल, डीएम ने कहा —इतना समय दीजिए और मताधिकार का प्रयोग कीजिए

समाहरणालय परिसर से मशाल जुलूस निकाला गया
भागलपुर समाहरणालय परिसर से मशाल जुलूस निकाला गया.

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा आम निर्वाचन-2025 के तहत जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के साथ-साथ मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी के उद्देश्य से बुधवार शाम करीब छह बजे समाहरणालय परिसर से मशाल जुलूस निकाला गया.
डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी की अगुवाई में यह जुलूस डीआरडीए परिसर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए घंटाघर चौक तक पहुंचा, जहां नागरिकों को मतदान के प्रति प्रेरित किया गया.

अधिकारियों और कर्मियों की बड़ी भागीदारी

इस जुलूस में स्वीप कोषांग के वरीय पदाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त शुभम कुमार, सहायक समाहर्ता जतिन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा, डीआरडीए निदेशक दुर्गा शंकर सहित समाहरणालय और अन्य विभागों के कर्मी एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए.
मशाल जुलूस के दौरान “लोकतंत्र का पर्व, मतदान जरूर करें” और “एक वोट, एक जिम्मेदारी” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा. प्रतिभागियों ने हाथों में मशाल लिए लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया.

डीएम ने मतदाताओं से की अपील

मौके पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य इस बार जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि “भागलपुर की जनता हमेशा लोकतंत्र के प्रति जागरूक रही है, और इस बार भी निश्चित रूप से अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.”
डीएम ने बताया कि 11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा. मतदाताओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं — पेयजल, शौचालय, बिजली, रैंप और सहायता कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.

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सभी मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं

उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष मतदाताओं के लिए अलग-अलग कतारें होंगी, वहीं दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी को कोई असुविधा न हो.
डीएम ने अपील की — “एक मिनट, एक उंगली और पांच साल — बस इतना समय दीजिए और अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य कीजिए. आपका वोट लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है.”

कार्यक्रम का समापन और शपथ

कार्यक्रम के अंत में स्वीप कोषांग की ओर से उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे स्वयं मतदान करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे. मशाल जुलूस के समापन पर अधिकारियों ने आगामी चुनाव में शांति और निष्पक्षता बनाए रखने का संकल्प दोहराया.

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Kolkata Metro : मैदान स्टेशन की सुरंग में पानी के रिसाव से दो घंटे बाधित रही मेट्रो सेवा

मैदान स्टेशन की सुरंग में पानी का रिसाव
मैदान स्टेशन की सुरंग में पानी का रिसाव.

Kolkata Metro : मैदान मेट्रो स्टेशन की सुरंग में पाइप से पानी का रिसाव होने के कारण मंगलवार दोपहर ब्लू लाइन की सेवाएं दो घंटे तक बाधित रहीं. दोपहर 3:19 बजे से सेंट्रल और टॉलीगंज के बीच मेट्रो परिचालन रोक दिया गया. वहीं, महानायक उत्तम कुमार से शहीद खुदीराम और सेंट्रल से दक्षिणेश्वर के बीच ट्रेनें सामान्य रूप से चलती रहीं.

सूत्रों की मानें, तो मैदान स्टेशन के पास स्थित ड्रेनेज पाइप में लीकेज आने से यह समस्या हुई. सूचना मिलते ही इंजीनियरिंग टीम मौके पर पहुंची और तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया. करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रिसाव पर नियंत्रण पा लिया गया और शाम चार बजे के बाद सेवा सामान्य रूप से शुरू कर दी गई.

मेट्रो के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एस. एस. कन्नन ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अस्थायी रूप से परिचालन रोका गया था. अब ब्लू लाइन के सभी सेक्शन पर सेवाएं सुचारू रूप से जारी हैं.

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सड़कों और हाईवे से हटाए जाएं आवारा मवेशी
सड़कों और हाईवे से हटाए जाएं आवारा मवेशी.

Supreme Court: सिनेमा हॉल में फिल्म देखना आम जनता के लिए मनोरंजन का सबसे लोकप्रिय तरीका है. लेकिन आजकल यह अनुभव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दर्शकों की जेब पर भारी पड़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों में फूड और ड्रिंक की ऊंची कीमतों को लेकर गंभीर चिंता जताई है. अदालत ने कहा कि पानी, कॉफी और पॉपकॉर्न जैसी बुनियादी चीजों के लिए अत्यधिक शुल्क लेना अनुचित है और इससे आम दर्शक सिनेमा हॉल से दूरी बनाने पर मजबूर होंगे.

मल्टीप्लेक्स में आजकल एक छोटी बोतल पानी के लिए 100 रुपये, कॉफी के लिए 700 रुपये, पॉपकॉर्न के छोटे टब के लिए 500 रुपये और कोल्ड ड्रिंक 400 रुपये में बेची जा रही है. यह कीमतें सिनेमाघरों के बाहर मिलने वाले दामों से कई गुना अधिक हैं. उदाहरण के लिए, बाहर कोल्ड ड्रिंक केवल 50 रुपये में उपलब्ध है. दर्शकों का कहना है कि फिल्म टिकट की कीमत चाहे 400 से 1200 रुपये तक हो, लेकिन इंटरवल में मिलने वाले स्नैक्स और ड्रिंक इतने महंगे होना पूरी तरह से असहनीय है.

मामला क्या है?

यह मामला कर्नाटक सरकार द्वारा फिल्म टिकट की अधिकतम कीमत तय करने के आदेश से जुड़ा है. राज्य सरकार ने मल्टीप्लेक्स में टिकट की अधिकतम कीमत 200 रुपये निर्धारित की थी, ताकि आम दर्शक भी फिल्म का आनंद ले सकें. इस आदेश को मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हाईकोर्ट में चुनौती दी. हाईकोर्ट ने टिकट कीमत पर अस्थायी रोक लगाई, लेकिन साथ ही कुछ शर्तें रखीं, जैसे टिकट का ऑडिट, खरीदारों का रिकॉर्ड रखना और समय-समय पर खातों का सत्यापन.

अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जहां केवल टिकट की कीमत ही नहीं, बल्कि फूड और ड्रिंक की ऊंची कीमतों पर भी सुनवाई हो रही है. अदालत यह देख रही है कि क्या मल्टीप्लेक्स द्वारा मनमाने दाम वसूलना दर्शकों के हित के खिलाफ है या नहीं.

महंगे स्नैक्स और ड्रिंक पर जनता की नाराजगी

सिनेमा देखने वाले दर्शक लगातार मल्टीप्लेक्स की ऊंची कीमतों से परेशान हैं. सोशल मीडिया पर लोग इस पर खुलकर गुस्सा जता रहे हैं. मुंबई के व्यापार विश्लेषक हिमेश मांकड़ ने एक्स (पुराना ट्विटर) पर लिखा कि मल्टीप्लेक्स चेन आम आदमी की सिनेमा देखने की आदत को खत्म कर रही हैं. फिल्म निर्माता करण जौहर ने कहा कि अब एक परिवार के लिए फिल्म देखने का खर्च लगभग 10,000 रुपये तक पहुंच गया है.

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की रिपोर्ट के अनुसार, मल्टीप्लेक्स में औसतन एक व्यक्ति को फिल्म देखने में 1,800 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जिसमें टिकट, स्नैक्स और अन्य शुल्क शामिल हैं. महामारी के बाद दर्शकों की संख्या में 15% की गिरावट इस वजह से आई है.

सुप्रीम कोर्ट का रुख

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सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा, “पानी के लिए 100 रुपये और कॉफी के लिए 700 रुपये लेना क्या वाजिब है? दरें तय होनी चाहिए. अगर यह जारी रहा, तो लोग सिनेमा हॉल जाना बंद कर देंगे.”

मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दावा किया कि ताज होटल में भी कॉफी के लिए 1,000 रुपये वसूले जाते हैं, और यह ग्राहक की पसंद का मामला है. इस पर न्यायमूर्ति नाथ ने कहा कि ताज होटल में हर कोई नहीं जाता, लेकिन सामान्य मल्टीप्लेक्स तक पहुंचने वाले दर्शक को भी इस तरह की कीमतों का सामना नहीं करना चाहिए.

कर्नाटक सरकार का पक्ष

कर्नाटक सरकार ने अदालत को बताया कि यह कदम मनोरंजन को आम दर्शकों के लिए सुलभ बनाने और मनमानी कीमतों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया. सरकार ने यह भी बताया कि कोर्ट के अस्थायी नियंत्रण का उद्देश्य उपभोक्ताओं के संभावित रिफंड को सुनिश्चित करना है. उदाहरण के लिए, यदि कोई दर्शक 1,000 रुपये का टिकट खरीदता है और सरकार केस जीतती है, तो उसे 800 रुपये वापस मिल सकेंगे.

उद्योग और जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर बहस तेज है. दर्शक और विशेषज्ञ दोनों ही मांग कर रहे हैं कि मल्टीप्लेक्स फूड और ड्रिंक की कीमतें नियंत्रित करें. मुंबई के एक व्यापार विश्लेषक ने कहा कि इस तरह की ऊंची कीमतें दर्शकों की संख्या घटा रही हैं और सिनेमा हॉल की आमदनी प्रभावित हो रही है.

दर्शकों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट इस मामले में फैसला करने जा रहा है कि क्या मल्टीप्लेक्सों में फूड और ड्रिंक की कीमतों पर नियंत्रण लगाया जाए और इसे आम दर्शकों के लिए सुलभ बनाया जाए.

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ED Action: ईडी ने जेएससीए अध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव को भेजा समन, 11 नवंबर को हाजिरी देने का निर्देश

ईडी ने जेएससीए अध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव को भेजा समन
ईडी ने जेएससीए अध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव को भेजा समन

ED Action: झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और जेएससीए के अध्यक्ष अजयनाथ शाहदेव पर ईडी ने कार्रवाई शुरू कर दी है. बुधवार को उन्हें समन भेजा गया है और 11 नवंबर को रांची स्थित ईडी कार्यालय में हाजिरी देने का निर्देश दिया गया है. उन पर आरोप है कि जेएससीए स्टेडियम निर्माण के दौरान अनियमितताएं हुई थीं.

जमशेदपुर कोर्ट का मामला अब ईडी देखेगा

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ईडी ने जमशेदपुर कोर्ट में दर्ज मामले को टेकओवर कर लिया है. यह मामला स्टेडियम निर्माण से जुड़ी अनियमितताओं से संबंधित है, जो पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी के कार्यकाल का बताया जा रहा है. रांची अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में उनकी ही पहल का योगदान माना जाता है.

जेएससीए 2025 चुनाव में जीत दर्ज की थी

साल 2025 के जेएससीए चुनाव में अजयनाथ शाहदेव की टीम ने जीत हासिल की थी. उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एसके बेहरा को पराजित किया. उनकी टीम में पूर्व क्रिकेटर सौरभ तिवारी और शहबाज नदीम भी शामिल थे. शाहदेव पहले कांग्रेस टिकट पर हटिया विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन बीजेपी के नवीन जायसवाल से हार का सामना करना पड़ा.

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Bihar Election 2025: पहले चरण में सम्राट, तेजस्वी, विजय सहित 14 मंत्रियों की जीत-हार का फैसला कल, 121 सीटों पर वोटिंग

14 मंत्रियों की जीत-हार का फैसला कल
14 मंत्रियों की जीत-हार का फैसला कल.

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए मतदाताओं का उत्साह चरम पर है. कल सुबह 7 बजे से 121 विधानसभा क्षेत्रों में वोटिंग शुरू होगी, जहां करोड़ों वोटर अपने पसंदीदा प्रत्याशियों का फैसला करेंगे. इस फेज में कई बड़े नेताओं और मंत्रियों की किस्मत का भी फैसला होना है.

पहले फेज में इन नेताओं की किस्मत का होगा फैसला

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कल होने वाली वोटिंग में तारापुर से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, लखीसराय से डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, राघोपुर से तेजस्वी यादव, महुआ से तेज प्रताप यादव, छपरा से खेसारी लाल यादव, अलीनगर से मैथिली ठाकुर, महनार से जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, पारू से रालोमो अध्यक्ष मदन चौधरी, सहरसा से आईआईपी के इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता, बक्सर से पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा, सीवान के रघुनाथपुर से ओसामा शहाब और परसा से करिश्मा राय के राजनीतिक भविष्य का फैसला मतदाता करेंगे.

पहले फेज में मैदान में 14 मंत्री

इस चरण में कुल 14 मंत्री भी चुनावी दौड़ में हैं. एनडीए की ओर से भाजपा 48 और जदयू 57 उम्मीदवार मैदान में हैं, इसके अलावा लोजपा (रामविलास) के 14 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 2 उम्मीदवार भी शामिल हैं. महागठबंधन की ओर से राजद 73, कांग्रेस 24, भाकपा माले 14, वीआईपी 5, माकपा 3, भाकपा 5 और आईआईपी 3 उम्मीदवारों की किस्मत भी मतदाता तय करेंगे.

मतदान का समय और क्षेत्र

चुनाव आयोग ने पहले चरण की वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित की है. हालांकि कुछ क्षेत्रों में समय में मामूली बदलाव हो सकता है. इस चरण में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना और भोजपुर जिलों में मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे.

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Jamshedpur News: टाटा स्टील में विभागवार एथिक्स कोऑर्डिनेटर नियुक्त, 8 अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

टाटा स्टील में विभागवार एथिक्स कोऑर्डिनेटर नियुक्त
टाटा स्टील में विभागवार एथिक्स कोऑर्डिनेटर नियुक्त.

Jamshedpur News: टाटा स्टील ने अपने विभिन्न विभागों में एथिक्स कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति की है. कंपनी ने संगठन में पारदर्शिता और नैतिक आचरण को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है. इस प्रक्रिया के तहत फाइनांसियल कंट्रोल और बिजनेस एनालिटिक्स प्रमुख संदीप भट्टाचार्य ने आठ अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में एथिक्स संयोजक की जिम्मेदारी दी है.

इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

कंपनी की ओर से जारी सूची के अनुसार—

  • रोहिणी घोष, चीफ मार्केटिंग फाइनेंस, होंगी डिवीजनल एथिक्स कोऑर्डिनेटर.
  • अमर अग्रवाल, हेड टीसीओई इनडायरेक्ट टैक्स, कोलकाता के कोऑर्डिनेटर बनाए गए हैं.
  • शोभा अग्रवाल, हेड फाइनेंस एंड अकाउंट कंप्लायंस एनालिटिक्स एंड कैपिटल, जमशेदपुर के लिए जिम्मेदार होंगी.
  • योगांता गुप्ता, हेड फाइनेंस एंड अकाउंट ओएमक्यू, रॉ मैटेरियल डिवीजन की देखरेख करेंगी.
  • सुब्रत कुमार पारही, हेड बिजनेस फाइनेंस अपस्ट्रीम मेरामंडली, को मेरामंडली यूनिट का दायित्व दिया गया है.
  • नीतिन चंद्र, हेड फाइनेंस एंड अकाउंट कलिंगानगर, कलिंगानगर यूनिट के कोऑर्डिनेटर होंगे.
  • गिलियन एन. मिरांडा, हेड फाइनेंस ग्लोबल वायर्स इंडिया, पीसीएस की जिम्मेदारी निभाएंगी.
  • नोबोनिता दास, हेड इनोवेंचर, मुंबई हेड ऑफिस के एथिक्स कोऑर्डिनेटर होंगी.

कंपनी का उद्देश्य पारदर्शिता को मजबूत करना

टाटा स्टील प्रबंधन का कहना है कि एथिक्स कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति संगठन के सभी स्तरों पर ईमानदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है.
कंपनी का उद्देश्य अपने कर्मचारियों और अधिकारियों में नैतिक कार्यसंस्कृति को और अधिक सशक्त बनाना है.

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बिहार चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर — BJP विधायक ललन कुमार ने छोड़ी पार्टी, RJD में हुए शामिल

BJP विधायक ललन कुमार ने छोड़ी पार्टी, RJD में हुए शामिल
BJP विधायक ललन कुमार ने छोड़ी पार्टी, RJD में हुए शामिल.

Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है. बुधवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पीरपैंती (सुरक्षित) सीट से विधायक ललन कुमार ने पार्टी छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की सदस्यता ग्रहण कर ली. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने उन्हें पटना स्थित आरजेडी कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई. इसके बाद ललन कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से भी मुलाकात की.

“तेजस्वी ही वर्तमान हैं, तेजस्वी ही भविष्य”

आरजेडी में शामिल होने के बाद ललन कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वे तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी के साथ नजर आए. उन्होंने पोस्ट में लिखा—

“राष्ट्रीय जनता दल का कारवां आगे बढ़ रहा है, और आज से मैं भी इस यात्रा का हिस्सा हूं. तेजस्वी मय बिहार बनाना है, यह हमारा संकल्प है. तेजस्वी ही वर्तमान हैं, तेजस्वी ही भविष्य.”

टिकट कटने से नाराज थे ललन कुमार

सूत्रों के अनुसार, इस बार बीजेपी ने पीरपैंती सीट से मुरारी पासवान को उम्मीदवार घोषित किया था, जिससे ललन कुमार नाराज थे. टिकट कटने के बाद से ही उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी. बीते कुछ महीनों में उनके बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट से भी असंतोष साफ झलक रहा था.

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बीजेपी छोड़ने के बाद अपने फेसबुक पोस्ट में ललन कुमार ने लिखा था—

“भाजपा के साथ मेरी राजनीतिक यात्रा यहीं समाप्त होती है. मैंने पार्टी के प्रति पूर्ण निष्ठा से काम किया, पर अब लगता है कि पार्टी को मुखर दलित नेतृत्व की आवश्यकता नहीं रही.”
राजनीतिक विश्लेषक इसे बीजेपी के भीतर दलित नेतृत्व की उपेक्षा पर ललन कुमार का सीधा संकेत मान रहे हैं.

तेजस्वी यादव बोले—बिहार को नई दिशा देने वालों का स्वागत

आरजेडी में शामिल करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा—

“हम उन सभी लोगों का स्वागत करते हैं जो बिहार को नई सोच और दिशा देना चाहते हैं. ललन कुमार जैसे प्रतिबद्ध और सामाजिक न्याय के पक्षधर नेता पार्टी की ताकत बढ़ाते हैं. मिलकर हम नया बिहार बनाएंगे.”

आरजेडी का मानना है कि इस कदम से दलित वर्ग और स्थानीय वोट बैंक में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी.

बदलेगा राजनीतिक समीकरण

ललन कुमार के आरजेडी में जाने से भागलपुर, अंग और सीमांचल क्षेत्र की राजनीति पर असर पड़ सकता है. 2015 और 2020 दोनों चुनावों में पीरपैंती सीट पर बीजेपी को जीत मिली थी, लेकिन इस बार समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं. आरजेडी को उम्मीद है कि ललन कुमार का जुड़ना उसके लिए सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रभाव दोनों बढ़ाएगा.

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कांके में आपदा पीड़ित परिवारों को मिली राहत — विधायक ने 29 लाख रुपये के चेक वितरित किए

कांके में आपदा पीड़ित परिवारों को मिली राहत
कांके में आपदा पीड़ित परिवारों को मिली राहत.

Ranchi News : कांके प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में मंगलवार को एक राहत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार बैठा ने मुख्यमंत्री राहत कोष से विभिन्न प्राकृतिक और स्थानीय आपदाओं में प्रभावित परिवारों को कुल 29 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की.

आपदा प्रभावित परिवारों को मिली आर्थिक मदद

विधायक सुरेश कुमार बैठा और अंचल अधिकारी अमित भगत ने उन परिवारों को चेक सौंपे जिनके सदस्य सर्पदंश, वज्रपात, डूबने या सड़क दुर्घटना में मारे गए थे. प्रत्येक परिवार को निर्धारित राशि का चेक दिया गया ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक रूप से संभल सकें.

दस्तावेज़ों का भी हुआ वितरण

कार्यक्रम में लाभुकों को दाखिल-खारिज शुद्धि प्रमाणपत्र, पंजी-II में सुधार, लगान रसीद, अनुमति वाद निपटान, जाति, आवासीय, आय प्रमाणपत्र और पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए. अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन की ओर से सभी लंबित मामलों का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है.

सरकार है संवेदनशील: विधायक

विधायक सुरेश कुमार बैठा ने कहा कि सरकार हर उस परिवार के साथ खड़ी है, जिसने किसी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा में अपने प्रियजनों को खोया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत राशि के वितरण में किसी प्रकार की देरी या लापरवाही न हो.

मौके पर कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित

इस कार्यक्रम में प्रमुख सोमनाथ मुंडा, बीडीओ विजय कुमार, उपप्रमुख अजय बैठा, रवींद्र प्रसाद, सोमा उरांव, लालचंद सोनी, गौरीशंकर महतो, अर्जुन मुंडा, और अशोक महतो सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे. सभी ने राहत पाने वाले परिवारों को हिम्मत बनाए रखने की सलाह दी.

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चुनार स्टेशन पर ट्रेन से कटे 6 यात्री
चुनार स्टेशन पर ट्रेन से कटे 6 यात्री.

Mirzapur : मिर्जापुर जिले के चुनार रेलवे जंक्शन पर बुधवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ. जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:15 बजे कुछ यात्री गोमो-प्रयागराज एक्सप्रेस से उतरने के बाद रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर तीन से गुजर रही नेताजी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12311) मुख्य लाइन पर आ गई और कई यात्री उसकी चपेट में आ गए.

गलत दिशा से ट्रैक पार करते वक्त हुआ हादसा

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब कुछ यात्री गलत दिशा से ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहे थे. इस दौरान नेताजी एक्सप्रेस अचानक सामने आ गई. बताया गया कि अफरा-तफरी में कई लोग पटरी पर फिसल गए और ट्रेन की चपेट में आ गए. मौके पर ही कुछ लोगों की मौत हो गई. हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छह लोगों की मौत की पुष्टि की गई है.

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मृतकों की पहचान और प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना में मारे गए यात्रियों की पहचान अभी पूरी तरह से नहीं हो पाई है. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय कुमार गौड़ ने बताया कि मृतकों में पांच लोग मिर्जापुर जिले के और एक सोनभद्र जिले का निवासी था. सभी यात्री गंगा स्नान के लिए आए थे. मंत्री ने इस दर्दनाक हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है.

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया—भयावह था दृश्य

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया. ट्रेन की चपेट में आने वाले यात्रियों के शव क्षत-विक्षत हालत में पटरी पर बिखरे पड़े थे. सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत-बचाव कार्य शुरू किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने SDRF और NDRF की टीमों को मौके पर सहायता के लिए भेजने के भी निर्देश दिए हैं. इसके अलावा, घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है.

बिलासपुर में भी एक दिन पहले बड़ा रेल हादसा

उधर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार शाम एक बड़ी दुर्घटना हुई थी. इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. यह हादसा उस समय हुआ जब गेवरा से बिलासपुर जा रही मेमू ट्रेन लाल सिग्नल पार कर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पैसेंजर ट्रेन का एक डिब्बा मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया. इस घटना में मेमू ट्रेन के लोको पायलट विद्या सागर की भी मृत्यु हो गई.

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