मटकुरिया गोलीकांड में 15 साल बाद फैसला, पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक समेत 30 दोषी करार

धनबाद मटकुरिया गोलीकांड फैसला
धनबाद न्यायालय और पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक(फाइल फोटो)

Dhanbad Matkuria Firing Case: धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में करीब 15 वर्ष बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक समेत 30 आरोपियों को दंगा, सरकारी कार्य में बाधा और आगजनी के आरोप में दोषी ठहराते हुए अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई. हालांकि हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े आरोपों में साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया. सजा सुनाए जाने के बाद अदालत ने सभी दोषियों को जमानत भी दे दी.

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दंगा और आगजनी के आरोप हुए साबित

जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 353 और 435 के तहत सभी आरोपियों को दोषी माना. वहीं धारा 302, 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(ए) के तहत लगाए गए आरोप अदालत में साबित नहीं हो सके, जिसके चलते इन धाराओं से सभी आरोपियों को राहत मिल गई.

2011 में पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई थी हिंसा

यह मामला 27 अप्रैल 2011 का है, जब बीसीसीएल के क्वार्टरों को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद पूरे झारखंड में इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक विरोध देखने को मिला था.

दोषसिद्धि के बाद मिली जमानत

अदालत ने सजा सुनाने के साथ ही सभी 30 दोषियों को जमानत दे दी. करीब डेढ़ दशक तक चली सुनवाई के बाद इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया अपने अहम पड़ाव पर पहुंच गई है.

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लोक अभियोजक ने फैसले को बताया साक्ष्यों पर आधारित

लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय ने कहा कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया है. उन्होंने बताया कि हत्या और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, जबकि दंगा, सरकारी कार्य में बाधा और आगजनी के आरोप प्रमाणित हुए.

कांग्रेस ने फैसले का किया स्वागत

कांग्रेस नेता जोगिंदर सिंह जोगी ने अदालत के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय दिया है तथा न्यायपालिका के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए.

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दतिया उपचुनाव में BJP ने आशुतोष तिवारी पर लगाया दांव, नरोत्तम मिश्रा को झटका

दतिया उपचुनाव बीजेपी उम्मीदवार.
आशुतोष तिवारी

Datia By Election: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया है. टिकट की घोषणा के साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी पर विराम लग गया. माना जा रहा था कि इस सीट से भाजपा एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा को मैदान में उतारेगी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने संगठन से जुड़े आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया.

टिकट घोषणा के बाद समर्थकों का विरोध

आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा होते ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने नाराजगी जाहिर की. कई कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर टिकट बदलने की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि पार्टी ने फैसला नहीं बदला तो वे आगे की रणनीति पर विचार करेंगे. कुछ समर्थकों ने भाजपा छोड़ने तक की बात भी कही.

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Datia By Election: ‘नरोत्तम मिश्रा मेरे अभिभावक हैं’

उम्मीदवार घोषित होने के बाद आशुतोष तिवारी ने प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और उनका आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा उनके राजनीतिक अभिभावक हैं. तिवारी के अनुसार, मिश्रा ने उन्हें चुनाव में पूरा सहयोग और प्रचार करने का भरोसा भी दिया है.

2023 में हार गए थे नरोत्तम मिश्रा

दतिया विधानसभा सीट पर वर्ष 2023 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को करीब 7,500 वोटों से हराया था. इसके बाद से भाजपा इस सीट को दोबारा अपने कब्जे में लेने की रणनीति बना रही है.

राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने से खाली हुई सीट

कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद दतिया सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है. अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी. सजा के बाद उनकी सदस्यता चली गई. हालांकि उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पहुंचा था मामला

यह मामला मूल रूप से दतिया का है. गवाहों को प्रभावित किए जाने के आरोपों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष इसकी सुनवाई दिल्ली स्थानांतरित कर दी थी. मामला वर्ष 1998 से 2011 के बीच बैंक रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर अवैध ब्याज भुगतान हासिल करने से जुड़ा है.

30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को परिणाम

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा. मतगणना 3 अगस्त को होगी. इसी दिन बिहार और गुजरात की अन्य विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी घोषित किए जाएंगे.

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बांकीपुर से BJP ने बदला उम्मीदवार, अभिषेक कुमार की जगह नीरज कुमार सिन्हा को मिला टिकट

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा
बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा.

Bankipur BJP Candidate: बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवार में बड़ा बदलाव किया है. पार्टी ने पहले घोषित प्रत्याशी अभिषेक कुमार की जगह अब नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है. अभिषेक कुमार ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई, जिसके बाद भाजपा नेतृत्व ने तत्काल नया प्रत्याशी घोषित कर दिया.

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति के निर्णय के अनुसार, राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने शुक्रवार को पत्र जारी कर नीरज कुमार सिन्हा के नाम की घोषणा की. इसके साथ ही बांकीपुर सीट पर पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार बदल गया है.

पारिवारिक कारणों से अभिषेक कुमार ने वापस लिया नाम

भाजपा ने इससे पहले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, उन्होंने व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई. इसके बाद पार्टी ने बिना देरी किए नए उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाते हुए नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया.

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भाजपा के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पटना के मीठापुर बी एरिया के निवासी हैं. उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को हुआ था. स्वर्गीय ध्रुव कुमार और स्वर्गीय सरोज देवी के पुत्र नीरज कुमार सिन्हा अविवाहित हैं तथा स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं.

उन्होंने वर्ष 2006 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी. इसके बाद बूथ अध्यक्ष के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने राजनीति की शुरुआत की. बाद में वे नरेंद्र भारती मंडल के मंडल महामंत्री, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और दो बार मंडल अध्यक्ष रहे. वर्तमान में भी वे मंडल अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

संगठन में सक्रिय भूमिका का मिला पुरस्कार

नीरज कुमार सिन्हा का परिवार लंबे समय से जनसंघ और भाजपा की विचारधारा से जुड़ा रहा है. उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे. उनके सम्मान में ही मंडल का नाम ‘नरेंद्र भारती मंडल’ रखा गया था.

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पार्टी संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाने और जमीनी स्तर पर कार्य करने के बाद भाजपा ने उन्हें बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाकर बड़ा अवसर दिया है. अब उपचुनाव में नीरज कुमार सिन्हा भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरेंगे.

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स्नातक प्रथम सेमेस्टर की तीसरी मेरिट लिस्ट जारी, जानिए कब को होगा नामांकन

पूर्णिया विश्वविद्यालय यूजी तीसरी मेरिट लिस्ट
पूर्णिया विश्वविद्यालय.

Purnia University UG Admission 2026: पूर्णिया विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-30) में नामांकन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए तीसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है. इस सूची में चयनित अभ्यर्थी 10 और 11 जुलाई को सीमांचल के 55 अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में नामांकन करा सकेंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से निर्धारित तिथि के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कॉलेज पहुंचकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है.

मीडिया पदाधिकारी ने दी जानकारी

विश्वविद्यालय के मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि यूजी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए तीसरी मेरिट सूची प्रकाशित कर दी गई है. सूची में चयनित विद्यार्थियों को तय समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित कॉलेज में नामांकन कराना होगा. निर्धारित अवधि के बाद प्रवेश का दावा मान्य नहीं होगा.

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21 नए प्रखंड डिग्री कॉलेजों में भी जारी है प्रवेश

विश्वविद्यालय के अंतर्गत सीमांचल के 21 नवस्थापित राजकीय प्रखंड डिग्री महाविद्यालयों में भी नामांकन की प्रक्रिया जारी है. प्रत्येक कॉलेज में छह विषयों के लिए 48-48 सीटों पर विद्यार्थियों का नामांकन लिया जा रहा है.

इन प्रखंडों में खुले हैं नए राजकीय डिग्री कॉलेज

पूर्णिया जिला

  • जलालगढ़
  • कृत्यानंदनगर
  • रूपौली
  • अमौर
  • श्रीनगर

अररिया जिला

  • जोकीहाट
  • सिकटी
  • पलासी
  • नरपतगंज
  • भरगामा

कटिहार जिला

  • डंडखोरा
  • हसनगंज
  • कोढ़ा
  • समेली
  • कुरसेला
  • मनसाही
  • अमदाबाद

किशनगंज जिला

  • दिघलबैंक
  • कोचाधामन
  • टेढ़ागाछ

नामांकन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • तीसरी मेरिट लिस्ट में चयनित अभ्यर्थी 10 और 11 जुलाई को ही नामांकन कराएं.
  • सभी आवश्यक मूल प्रमाणपत्र और उनकी छायाप्रति साथ लेकर जाएं.
  • निर्धारित समय सीमा के भीतर नामांकन नहीं कराने पर सीट पर दावा समाप्त हो सकता है.
  • संबंधित कॉलेज द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा.

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घर के पीछे पेड़ से लटका मिला 55 वर्षीय व्यक्ति का शव, मौत की वजह की जांच में जुटी पुलिस

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जांच में जुटी पुलिस, सांकेतिक तस्वीर.

Purnia News: जिले के सरसी थाना क्षेत्र के मलनिया बथान टोला में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 55 वर्षीय व्यक्ति का शव घर के पीछे पेड़ से लटका मिला. घटना की सूचना मिलते ही सरसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

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घर के पीछे पेड़ से लटका मिला शव

मृतक की पहचान मलनिया बथान टोला निवासी देबू रबानी (55) के रूप में हुई है. ग्रामीणों के अनुसार वह घर में अकेले रहते थे. शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर घर के पीछे पेड़ से लटक रहे शव पर पड़ी, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ जुट गई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा

सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस का कहना है कि फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है.

सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे तीनों बेटे

स्थानीय लोगों के मुताबिक, देबू रबानी के तीन बेटे हैं, लेकिन वे अलग-अलग स्थानों पर रहते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पिता की मौत की सूचना दिए जाने के बावजूद तीनों में से कोई भी घटनास्थल या पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचा. इसे लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

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हर पहलू से जांच कर रही पुलिस

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है. पारिवारिक परिस्थितियों, अकेलेपन और अन्य कारणों की भी पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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भागलपुर एनसीसी के 5 कैडेट्स को मिली स्कॉलरशिप, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर किया गया सम्मानित

भागलपुर एनसीसी छात्रवृत्ति समारोह
भागलपुर एनसीसी के 5 कैडेट्स को मिली स्कॉलरशिप.

Bhagalpur NCC: 47 बिहार बटालियन एनसीसी मुख्यालय में गुरुवार को कमान अधिकारी कर्नल जितेंद्र सिंह राना की अध्यक्षता में एएनओ (एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर) और सीटीओ (केयर टेकर ऑफिसर) की समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक में एनसीसी प्रशिक्षण को और प्रभावी बनाने, कैडेट्स के कल्याण तथा प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई. इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच कैडेट्स को छात्रवृत्ति देकर सम्मानित भी किया गया.

एनसीसी प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर

बैठक में कर्नल जितेंद्र सिंह राना ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों में चल रहे एनसीसी प्रशिक्षण की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनाने, कैडेट्स के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देने और बटालियन की गतिविधियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने का निर्देश दिया.

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पांच मेधावी कैडेट्स को मिली छात्रवृत्ति

बैठक के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच कैडेट्स को छात्रवृत्ति प्रदान की गई. सम्मानित होने वालों में सार्जेंट मनीष कुमार, कैडेट श्रुति शर्मा, कैडेट तनु कुमारी, कैडेट नंदनी कुमारी और कैडेट आकांक्षा कुमारी शामिल हैं. कमान अधिकारी ने सभी कैडेट्स की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया.

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अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का आह्वान

कर्नल राना ने एएनओ, सीटीओ और इंस्ट्रक्शनल स्टाफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एनसीसी का उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है. उन्होंने अधिकारियों से कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया.

बैठक में बड़ी संख्या में अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में बटालियन के प्रशासनिक और प्रशिक्षण स्टाफ ने भी भाग लिया. इस दौरान छह जेसीओ, चार एनसीओ, तीन जीसीआई, चार एएनओ, 18 सीटीओ तथा एक ट्रेनिंग क्लर्क मौजूद रहे.

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नेपाल में झमाझम बारिश का असर, गंडक नदी का बढ़ा जलस्तर, बिहार में बढ़ा बाढ़ का खतरा

वाल्मीकीनगर बराज से पानी डिस्चार्ज
गंडक नदी(फाइल फोटो)

Bihar Flood News: नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है. गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद वाल्मीकीनगर बराज से चरणबद्ध तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है. जल संसाधन विभाग ने तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है. हालांकि, फिलहाल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बताया गया है.

वाल्मीकीनगर बराज से बढ़ाया गया पानी का डिस्चार्ज

बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह वाल्मीकीनगर बराज से करीब 79,900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. जलप्रवाह बढ़ने पर सुबह 10 बजे डिस्चार्ज बढ़ाकर करीब 86,000 क्यूसेक कर दिया गया. इसके बाद दोपहर 12 बजे तक बराज से करीब 90,600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.

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लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के कारण गंडक नदी के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है.

तटीय इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी

नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंडक के तटीय इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है. विभागीय अधिकारियों की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. प्रशासन का कहना है कि फिलहाल कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.

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बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है परेशानी

अधिकारियों के अनुसार गंडक नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है. हालांकि नेपाल में लगातार बारिश होने और बराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. इसे देखते हुए संबंधित इंजीनियरों और अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं.

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शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, समान वरीयता और अपग्रेड वेतन देने का आदेश

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झारखंड हाईकोर्ट की (फाइल फोटो)

Jharkhand High Court : झारखंड हाईकोर्ट ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से नियुक्त शिक्षकों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि एक ही चयन प्रक्रिया से नियुक्त शिक्षकों को समान वरीयता, अपग्रेड वेतन और अन्य सभी सेवा लाभ दिए जाएं. हाईकोर्ट ने आदेश के अनुपालन के लिए सरकार को 12 सप्ताह का समय दिया है.

2016 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है मामला

यह मामला स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 के तहत हुई नियुक्तियों से संबंधित है. इस भर्ती प्रक्रिया में कुछ अभ्यर्थियों की नियुक्ति वर्ष 2019 में हुई थी, जबकि कुछ चयनित उम्मीदवारों को प्रशासनिक कारणों से बाद में नियुक्ति मिली. सभी की नियुक्ति एक ही विज्ञापन और एक ही चयन प्रक्रिया के आधार पर हुई थी.

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याचिकाकर्ताओं का कहना था कि नियुक्ति में हुई देरी उनकी वजह से नहीं थी, इसलिए उन्हें भी वर्ष 2019 में नियुक्त शिक्षकों के समान सेवा वरीयता और वेतन संबंधी लाभ मिलने चाहिए.

नियुक्ति की तारीख के आधार पर नहीं हो सकता भेदभाव

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि एक ही चयन प्रक्रिया से नियुक्त कर्मचारियों के बीच केवल नियुक्ति की तारीख के आधार पर अंतर करना न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक विलंब का खामियाजा अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए. इस दौरान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कई पूर्व निर्णयों का भी हवाला दिया गया.

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राज्य सरकार को 12 सप्ताह में आदेश लागू करने के निर्देश

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने याचिकाओं को स्वीकार कर लिया. अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि पात्र शिक्षकों को समान वरीयता, अपग्रेड वेतन और अन्य सभी सेवा लाभ 12 सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराए जाएं. साथ ही निर्धारित समय-सीमा में आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया.

शिक्षकों के लिए अहम माना जा रहा फैसला

हाईकोर्ट के इस फैसले से उन शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें एक ही भर्ती प्रक्रिया में चयनित होने के बावजूद बाद में नियुक्ति मिली थी. कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला समान अवसर और समान सेवा लाभ के सिद्धांत को मजबूत करता है तथा प्रशासनिक देरी का नुकसान कर्मचारियों पर नहीं डालने का स्पष्ट संदेश देता है.

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बिहार सीएम सम्राट चौधरी(फाइल फोटो)

Bihar Pension News: बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े लाखों लोगों को बड़ी राहत दी है. राज्य के 97.84 लाख वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं के बैंक खातों में 1100-1100 रुपये की पेंशन राशि भेज दी गई है. सरकार का कहना है कि अब पेंशन वितरण की प्रक्रिया को नियमित कर दिया गया है, ताकि लाभार्थियों को हर महीने समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.

अब हर महीने 10 तारीख तक खाते में आएगी पेंशन

राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था लागू की है. इसके तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्येक महीने की 10 तारीख तक राशि भेज दी जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और निराश्रित महिलाओं को समय पर आर्थिक सहयोग मिल सकेगा.

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पेंशन राशि में हुआ बड़ा इजाफा

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है. पहले लाभार्थियों को हर महीने 400 रुपये मिलते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है. बढ़ी हुई राशि का लाभ राज्य के लाखों पात्र लोगों को मिल रहा है.

सीएम ने दी जानकारी, जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक समय पर पेंशन पहुंचाना है. उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा.

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वंचित पात्र लोगों को भी मिलेगा योजना का लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो पात्र लोग अभी तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें भी जल्द शामिल किया जाएगा. इसके लिए पंचायत स्तर पर लाभार्थियों की पहचान का अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति योजना से वंचित न रहे.

लाखों परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार का कहना है कि पेंशन राशि में बढ़ोतरी और हर महीने तय समय पर भुगतान की व्यवस्था से लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा. इससे जरूरतमंद लोगों की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी.

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एयरपोर्ट क्षेत्र के 845 भवन मालिकों के लिए 7 दिन की मोहलत, दस्तावेज नहीं दिखाने पर होगी कार्रवाई

भागलपुर एयरपोर्ट क्षेत्र में 845 भवनों को नगर निगम का नोटिस.
Bhagalpur airport

Bhagalpur Airport News: भागलपुर हवाई अड्डा क्षेत्र में बने 845 भवनों को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. निगम की ओर से सभी संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर अपने भवन का स्वीकृत नक्शा अथवा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. तय समय सीमा में दस्तावेज जमा नहीं करने वालों के खिलाफ अवैध निर्माण मानते हुए कार्रवाई की जाएगी.

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अवैध निर्माण की आशंका में भेजे गए नोटिस

नगर निगम की अतिक्रमण शाखा के प्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि फिलहाल सभी 845 भवनों को अवैध निर्माण की आशंका के आधार पर नोटिस जारी किया गया है. दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह तय होगा कि संबंधित भवन वैध हैं या नहीं. जिन लोगों के पास स्वीकृत भवन नक्शा या भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की एनओसी उपलब्ध होगी, उनके निर्माण को वैध माना जाएगा.

दस्तावेज नहीं देने वालों पर चलेगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

अतिक्रमण शाखा ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सात दिनों के भीतर आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं करने वाले भवनों को अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा जाएगा. इसके बाद नगर निगम नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा. प्रशासन का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी.

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जहां संभव होगा, वहां मिलेगी नक्शा स्वीकृत कराने की सुविधा

नगर निगम का कहना है कि जिन भवनों का नक्शा नियमानुसार स्वीकृत कराया जा सकता है, उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जाएगा. हालांकि, जो निर्माण नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाएंगे या जिनके मालिक निर्धारित समय में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है.

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