Bhagalpur News : नशा मुक्ति दिवस 2025 के अवसर पर बुधवार को सैंडिश कंपाउंड, भागलपुर में प्रभात फेरी का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया. रैली को सहायक आयुक्त मध्य निषेध, अपर समाहर्ता और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम पटना स्थित अधिवेशन भवन में आयोजित किया गया, जिसमें मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव मुख्य अतिथि थे. इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण समीक्षा भवन, भागलपुर में किया गया, जहां बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, अधिकारी, जीविका दीदी, स्कूली छात्र-छात्राएं और आम लोग जुड़े.
पूर्व में आयोजित वाद-विवाद, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को स्मृति चिन्ह और पुरस्कार प्रदान किए गए. वहीं, मद्यनिषेध अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वाली जीविका दीदी, विभागीय कर्मी और पुलिस पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नशा मुक्त समाज की दिशा में जागरूकता फैलाने, नशे के दुष्परिणामों से बचने और लोगों को स्वस्थ जीवन अपनाने का संकल्प लिया.
ट्रैफिक जाम पर ‘ऑपरेशन क्लीयर’ — विक्रमशिला सेतु समेत पूरे शहर में प्रशासन का कड़ा एक्शन
जाम से त्रस्त भागलपुर — मीटिंग के बाद प्रशासन ने सड़क और पुल पर सख्ती शुरू की
विक्रमशिला सेतु बना जाम का जंजाल, अब प्रशासन ने खेला बड़ा दांव
ओवरलोडिंग–ओवरटेकिंग पर टारगेट — जुर्माना, लाइसेंस रद्द और 24×7 निगरानी लागू
भागलपुर में ट्रैफिक इमरजेंसी — जिला प्रशासन ने बनाया जाम मुक्त रोडमैप
समीक्षा भवन से निकला कड़ा आदेश — आज से जाम रोकने की नई व्यवस्था लागू
विक्रमशिला सेतु पर अब ‘नो मर्सी’ — नियम तोड़ने वालों पर सीधी कार्रवाई
हाईवे और पुल पर ब्रेकडाउन से राहत — अब स्थायी क्रेन और तीन शिफ्ट में ड्राइवर
शहर की सड़कें होंगी जाम मुक्त — प्रशासन ने समयसीमा के साथ दिया एक्शन प्लान
ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव — एनएच और शहर दोनों पर सख्त निगरानी शुरू
Bihar Traffic : भागलपुर शहर और एनएच पर लगातार बढ़ रहे जाम से यातायात व्यवस्था चरमराने लगी थी. समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने सख़्त रुख अपनाया है. समीक्षा भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई और सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए.
विक्रमशिला सेतु, खगड़िया–कुर्सेला मार्ग और कहलगांव–भागलपुर पथ को जाम मुक्त करने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए.
विक्रमशिला पुल पर ओवरटेकिंग और ओवरलोडिंग पर कड़ा पहरा
बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की. दो दिनों से लगातार जाम की समस्या पर विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारी वाहनों की अनियमित आवाजाही यातायात अव्यवस्था का प्रमुख कारण बन रही है. जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि विक्रमशिला सेतु से 1–2 किमी पहले ही ओवरलोडिंग जांच अनिवार्य रूप से की जाए.
ओवरटेकिंग पर पूरी तरह रोक लगाने के साथ ही आदेश दिए गए—
पुल पर ओवरटेकिंग करने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा
दोषी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे
सेतु पर जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाने को कहा गया, जिन पर लिखा होगा —
आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं.
ओवरटेकिंग पर जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी.
ओवरलोडिंग पर ₹10,000 जुर्माना तय करने का निर्देश दिया गया और बस यूनियन से एमओयू तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने को कहा गया.
क्रेन, ड्राइवर और कंट्रोल सिस्टम — ब्रेकडाउन होने पर तुरंत राहत
एनएच-80 के कार्यपालक अभियंता को आदेश दिया गया कि विक्रमशिला पुल के दोनों छोर पर स्थायी क्रेन तैनात की जाए.
ब्रेकडाउन वाहनों को तुरंत हटाने की व्यवस्था
तीन शिफ्टों में ड्राइवर की तैनाती
ड्राइवरों के संपर्क नंबर सभी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे
खनिज विभाग द्वारा जप्त 50–52 भारी वाहनों को आज रात तक हटाने की सख्त समयसीमा तय की गई.
वैकल्पिक रूट और सड़क कार्य में तेजी
यातायात दबाव कम करने के लिए निर्देश दिए गए—
सुलतानगंज–मुंगेर मार्ग को भारी वाहनों के लिए जल्द खोला जाए.
घोघा–मिर्जाचौकी और घोघा–भागलपुर पथ का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाए.
जिलाधिकारी ने एनटीपीसी कहलगांव को CSR मद के तहत विक्रमशिला पुल पर CCTV कैमरे और एक क्रेन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. एनटीपीसी ने बैठक में बताया कि 15 दिसंबर तक CCTV स्थापना हेतु राशि जारी कर दी जाएगी.
Bhagalapur News : गुरुवार को गोराडीह उपकेंद्र से जुड़े दो दर्जन से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति तीन घंटे के लिए बंद रहेगी. दोपहर 12 बजे से निर्धारित शटडाउन के दौरान लाइन मेंटेनेंस और पेड़ों की कटाई का कार्य किया जाएगा.
एचटी लाइन और जंपर का मेंटेनेंस
बिजली विभाग के अनुसार गोराडीह व माछीपुर फीडर पर एचटी लाइन और जंपर की तकनीकी मरम्मत की जाएगी. मेंटेनेंस कार्य को सुरक्षित तरीके से पूरा करने के लिए बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से रोकी जा रही है.
15 तकनीकी कर्मी लगाये जाएंगे
सहायक अभियंता परियोजना ने बताया कि मेंटेनेंस कार्य में कुल 15 तकनीकी कर्मियों की तैनाती की गई है. निर्धारित समय सीमा में सभी कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि उपभोक्ताओं को अधिक समय तक असुविधा न हो.
दोपहर 12 बजे से तीन घंटे का शटडाउन
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित अवधि के दौरान बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां कर लें. दोपहर 12 बजे से तीन घंटे तक चलने वाले इस शटडाउन के बाद बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी.
Bhagalpur Sports : खेल विभाग बिहार, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण पटना और जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय राज्य स्तरीय अंतर-प्रमंडल अंडर-19 बालक क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल आज सैनडिस कंपाउंड में खेला गया. फाइनल में मगध प्रमंडल ने तिरहुत प्रमंडल को मात देकर खिताब अपने नाम किया.
प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि वरीय पुलिस अधीक्षक भागलपुर हृदय कांत, जिला क्रिकेट संघ के सचिव जयशंकर ठाकुर, संयुक्त सचिव सुबीर मुखर्जी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. चयनकर्ताओं और अंपायरों ने खिलाड़ियों की हर गेंद और शॉट पर नजर रखी.
टॉस और पहले गेंदबाजी का फैसला
मगध प्रमंडल के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करने उतरी तिरहुत टीम 20 ओवर में केवल 117 रन पर ढेर हो गई. तिरहुत की ओर से अभिनव कुमार ने 39 गेंदों में 31 रन, आलोक सिंह ने 19 गेंदों में 17 रन और मणिकांत ने 8 गेंदों में 19 रन बनाकर टीम को 117 रन तक पहुँचाया.
मगध की शानदार बल्लेबाजी
मगध के बल्लेबाजों ने 19.3 ओवर में 4 विकेट गंवाकर 118 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया. आदर्श कुमार ने 59 गेंदों में 62 रन, आयुष कुमार ने 36 गेंदों में 30 रन और समीर मेहता ने 4 गेंदों में 8 रन बनाए.
गेंदबाजी में तिरहुत का योगदान
तिरहुत टीम की ओर से आलोक कुमार सिंह ने 2 ओवर में 16 रन देकर 2 विकेट, मणिकांत ने 4 ओवर में 21 रन देकर 1 विकेट और शिवम कुमार ने 4 ओवर में 22 रन देकर 1 विकेट लिया.
निर्णायक और स्कोरर
मैच में निर्णायक की भूमिका निभाई सुनील कुमार और राजेश कुमार (पटना) ने. स्कोरर के रूप में अंकित राज और हिमांशु ने जिम्मेदारी निभाई.
बरामद कैश के साथ जीआरपी प्रभारी (Photo ; Etv Bharat)
Bihar Youth Detained With Cash: पश्चिम बंगाल जा रही ट्रेन पकड़ने पहुंचे एक युवक को कोडरमा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने बड़ी रकम के साथ पकड़ा. युवक के बैग से 40 लाख रुपये नकद मिलने के बाद उससे पूछताछ की गई और पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. अब पूरी राशि को आयकर विभाग को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर गुप्त सूचना के बाद धराया युवक
मंगलवार को जीआरपी को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बड़ी रकम लेकर कोलकाता की ओर रवाना होने वाला है. इसके बाद स्टेशन परिसर में गश्त बढ़ाई गई और शाम करीब 4:30 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर संदिग्ध दिखने पर युवक को एक बैग के साथ रोका गया. पूछताछ के दौरान उसने बैग में 25 लाख रुपये होने की बात कही, लेकिन तलाशी लेने पर रकम 40 लाख निकली.
अमित कुमार के रूप में हुई पहचान, दावा — “सोना-चांदी के कारोबार के लिए रकम ले जा रहा था”
पूछताछ में युवक की पहचान अमित कुमार (पिता – सुनील बरनवाल), ग्राम सिकंदरा, जिला जमुई, बिहार के रूप में हुई. उसने बताया कि वह सोना-चांदी के कारोबार से जुड़ा है और आभूषण खरीदने के उद्देश्य से रकम लेकर कोलकाता जा रहा था. उसके मुताबिक वह कोडरमा स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस पकड़ने वाला था.
कागजात दिखाने के लिए मिला था एक दिन का समय, लेकिन नहीं दे सका सबूत
युवक से रकम के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, जिस पर उसने 24 घंटे का समय मांगा. लेकिन समय सीमा पूरी होने के बाद भी वह रकम पर स्वामित्व या लेनदेन से जुड़ा कोई प्रमाण नहीं दे पाया.
जीआरपी थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अब उसे आयकर विभाग को सुपुर्द करने की तैयारी चल रही है.
दंडाधिकारी की उपस्थिति में जब्त नकदी आयकर विभाग को सौंपी जाएगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया वहीं से होगी.
राशि आयकर विभाग को सौंपने की प्रक्रिया में, आगे कानूनी कार्यवाही होगी
जीआरपी थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार के अनुसार युवक से मिली 40 लाख की नकदी अब दंडाधिकारी की उपस्थिति में आयकर विभाग को हस्तांतरित की जाएगी. वहीं आगे की कार्रवाई आयकर विभाग नियमों के अनुसार करेगा. फिलहाल युवक से धन स्रोत और लेनदेन का विवरण खंगाला जा रहा है.
Delhi Police : पश्चिमी दिल्ली में अपराध के खिलाफ चलाए गए व्यापक अभियान ने एक बार फिर पुलिस की मजबूत पकड़ का एहसास करा दिया. सिर्फ 24 घंटों की कार्रवाई में अपराधियों के नेटवर्क को झटका लगा और गुप्त ठिकानों से लेकर हॉटस्पॉट तक पुलिस की मौजूदगी हावी रही. अभियान का नतीजा — गिरफ्तारियां, जब्ती और नाकाबंदी के जरिए अपराधियों में डर और कानून-व्यवस्था में बड़ी मजबूती.
166 गिरफ्तार, 627 हिरासत — 24 घंटे में पूरी पश्चिम दिल्ली में अपराध पर कसा शिकंजा
दिल्ली के वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 24 नवंबर 2025 की शाम 6 बजे से 25 नवंबर 2025 की शाम 6 बजे तक ‘ऑपरेशन कवच 11.0’ चलाया. इस अवधि में 166 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, 627 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और 159 लोकेशन पर छापेमारी की गई. कार्रवाई के दौरान 276 चालान काटे गए, 2,784 क्वार्टर अवैध शराब और 48,250 रुपये नकद बरामद किए गए.
अभियान नशा तस्करी, अवैध शराब सप्लाई, अवैध हथियार, जुआ, BNSS व DP एक्ट उल्लंघन और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर केंद्रित रहा. यह ऑपरेशन सीधे जिला डीसीपी की निगरानी में 12 थानों और स्पेशल यूनिट्स की संयुक्त भागीदारी से चलाया गया — जिनमें स्पेशल स्टाफ/वेस्ट, एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड, एएटीएस/वेस्ट और टेक्निकल सर्विलांस यूनिट शामिल थे.
कार्रवाई जमीन पर — हॉटस्पॉट, झुग्गी बेल्ट, शराब रूट, औद्योगिक क्षेत्रों पर ताबड़तोड़ छापे
71 टीमों ने पल-पल की जानकारी के आधार पर नाकाबंदी, मोबाइल पेट्रोलिंग, ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल ट्रैकिंग के जरिए अपराध पर हमला बोला. सरप्राइज रेड्स, रात में गश्त और संवेदनशील गलियारों में पुलिस मौजूदगी से अपराधियों की सक्रियता पर रोक लगी. विवादों से बचने के लिए हर प्रमुख कार्रवाई की फोटो/वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और पूरे ऑपरेशन को गोपनीय लेकिन अनुशासित तरीके से अंजाम दिया गया.
ऑपरेशन का पूरा परिणाम — किस श्रेणी में कितनी कार्रवाई
श्रेणी
दर्ज मामले
गिरफ्तार
NDPS
3
3 (4.171 किलो गांजा, 11 ग्राम स्मैक बरामद)
एक्साइज एक्ट
28
28 (2,784 क्वार्टर अवैध शराब)
आर्म्स एक्ट
15
15 (15 चाकू, 1 स्कूटी, 1 बाइक जब्त)
जुआ एक्ट
7
13 (₹12,800 बरामद)
कोटपा चालान
—
276 चालान (₹48,250 वसूला)
BNSS/DP एक्ट
—
107 संयुक्त गिरफ्तारियां
वाहन चोरी
4
5 वाहन बरामद
DP एक्ट की धारा 66
—
69 वाहन जब्त
बैड कैरेक्टर/हिस्ट्रीशीटर निगरानी
—
174
‘ऑपरेशन कवच’ आगे भी जारी — पुलिस का संदेश साफ
अभियान के बाद पश्चिमी जिले में अपराधियों की गतिविधियों पर स्पष्ट असर दिखाई दिया. तस्करी नेटवर्कों पर चोट, हिस्ट्रीशीटरों पर निगरानी और समस्या क्षेत्रों में पुलिस मौजूदगी बढ़ने से सुरक्षा मजबूत हुई है. पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे ताकि कानून-व्यवस्था मजबूत रहे और नागरिक बेखौफ महसूस करें.
UP Crime History : पहले 90 के दशक में उत्तर प्रदेश की सड़कों पर कदम रखते ही जिस नाम का खौफ लोगों की धड़कनें बढ़ा देता था, आज उस अध्याय को अपराध जगत की सबसे खतरनाक कहानियों में गिना जाता है. उम्र सिर्फ 24 साल… लेकिन इतनी कि पूरी यूपी पुलिस उसकी परछाई से डरती थी. वह सिर्फ अपराधी नहीं था, बल्कि वह डॉन जिसे खत्म करने के लिए राज्य में पहली बार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का जन्म हुआ. उसका नाम था — श्रीप्रकाश शुक्ला.
कौन था श्रीप्रकाश शुक्ला, जो अपराध की दुनिया में ‘खौफ’ बन गया
6 अक्टूबर 1973 को गोरखपुर में जन्मे श्री प्रकाश शुक्ला का बचपन आम छात्रों जैसा था. पढ़ाई, खेलकूद, ब्रांडेड कपड़े और बंदूकों का शौक — इन्हीं के बीच उसकी जिंदगी चल रही थी. कहा जाता है कि दिखने में स्मार्ट और स्टाइलिश यह युवक यूनिवर्सिटी तक पहुंचने से पहले ही जुर्म की दुनिया में उतर चुका था. साल 1993 में पहला बड़ा अपराध — राकेश तिवारी की हत्या, जो उसके अनुसार बहन की छेड़छाड़ का बदला था. बस वहीं से उसकी कहानी बदल गई… पुलिस फाइलों में नाम जुड़ा और जंगल राज का नया चेहरा उभरकर सामने आया.
कहते हैं कि बिहार और यूपी के बीच उसकी दहशत की सीमा ऐसी थी कि गांवों-कस्बों में लोग उसका नाम लेने से भी डरते थे. उसके पास हर वक्त AK-47 रहती थी, और उसके गिरोह में 2–3 से ज्यादा सदस्य कभी नहीं — ताकि राज पुलिस की पहुंच से दूर रहे.
6 करोड़ में सीएम की सुपारी — डर वहीं खत्म हुआ, जहां सरकार की नींद उड़ी
90 के दशक में उत्तर प्रदेश का अपराध जगत अपने चरम पर था. अपहरण, रंगदारी और उगाही के मामलों में उसका नाम फ़ाइलों में सबसे ऊपर दर्ज होता था. कहते हैं कि जब कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने और अपराध जगत पर नकेल कसना शुरू किया, तो शुक्ला के मंसूबों पर चोट पड़ी. इसी दौरान उसने 6 करोड़ रुपये में तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह की हत्या की सुपारी ले ली — और यहीं से मामला राज्य सुरक्षा के दायरे से निकलकर राष्ट्रीय खतरे में बदल गया.
सीएम के पास जब यह इनपुट पहुंचा, तभी उत्तर प्रदेश में पहली बार स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) की नींव रखी गई. ऑपरेशन सिर्फ उसके अंत के लिए शुरू हुआ — और अब पुलिस भी जानती थी कि यह उनका सबसे कठिन मिशन होने वाला है.
आखिरकार खात्मा — लेकिन अब तक का सबसे खर्चीला एनकाउंटर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार श्री प्रकाश शुक्ला तक पहुंचने के लिए चलाया गया अभियान बेहद महंगा और लंबा था — करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आती है. उसका लो-प्रोफाइल गैंग स्ट्रक्चर, हर बार लोकेशन बदलना और सिक्योरिटी मेकैनिज़्म पुलिस के लिए पहेली बना हुआ था.
सितंबर 1998 — वह दिल्ली में बीजेपी नेता साक्षी महाराज पर हमले की तैयारी में था. तभी STF की सटीक ट्रैकिंग शुरू हुई. 23 सितंबर 1998 — गाजियाबाद में स्पेशल टास्क फोर्स ने मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया. इसके साथ समाप्त हुई उस बाहुबली की कहानी जिसने अपनी छोटी उम्र में अपराध के इतिहास को सबसे काली इबारत दी.
Bihar News: गृह विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही सम्राट चौधरी ने संकेत दे दिया कि बिहार में कानून-व्यवस्था अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगी. पुलिस मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने साफ कहा कि अपराध और अव्यवस्था पर समझौते की कोई गुंजाइश नहीं होगी. 1972 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब कोई गैर-मुख्यमंत्री सीधे गृह मंत्रालय की कमान संभाल रहा है — और पहले ही दिन लिए गए फैसलों ने प्रशासन में हलचल ला दी.
महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्ती — पिंक पुलिस की तैनाती तय
सम्राट चौधरी ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य में एंटी रोमियो स्क्वाड यूपी मॉडल की तर्ज पर लागू किया जाएगा. स्कूल और कॉलेज के छुट्टी समय के आसपास पिंक पुलिस की तैनाती होगी और छेड़छाड़ जैसे मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की कार्रवाई होगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि— युवती, छात्रा या महिला के साथ बदसलूकी होने पर केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि मामले में लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मी पर भी कार्रवाई की जाएगी.
डिजिटल अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड पर रोक के लिए व्यापक अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं. गृहमंत्री ने निर्देश जारी किए कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट, अभद्र भाषा, भड़काऊ कंटेंट और अश्लील तस्वीर/वीडियो साझा करने वालों की पहचान तुरंत की जाए और कार्रवाई में देरी न हो. जेल प्रशासन को भी कड़ा निर्देश दिया गया है — जेल के अंदर मोबाइल मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी. वहीं डॉक्टर की मंजूरी के बिना कैदियों के लिए बाहर से खाना भेजने पर रोक रहेगी.
400 माफियाओं की संपत्ति जब्ती पर तैयारी तेज
संगठित अपराध को तोड़ने के लिए सम्राट चौधरी ने बड़े स्तर पर ऑपरेशन शुरू कराया है. बालू, शराब और जमीन से जुड़े लगभग 400 माफियाओं की संपत्ति जब्त करने की सूची तैयार है. दो अपराधियों की संपत्ति जब्ती को अदालत से अनुमति भी मिल चुकी है. गृह मंत्री ने चेतावनी दी — “बिहार में अपराध करके करोड़ों की संपत्ति खड़ी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा. स्पीडी ट्रायल चलेगा और सजा सुनिश्चित होगी.”
कानून-व्यवस्था सुधार के लिए रणनीति तैयार
पदभार ग्रहण के बाद सम्राट चौधरी ने पांच पूर्व डीजीपी और निगरानी ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक की. बैठक में अपराध नियंत्रण, स्पेशल कोर्ट की संख्या बढ़ाने, जेल मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करने और आर्म्स एक्ट मामलों में समयबद्ध सजा सुनिश्चित करने पर विस्तृत सुझाव मिले. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी महत्वपूर्ण सुझाव लागू किए जाएंगे और पुलिस तंत्र को और प्रभावी बनाया जाएगा.
बिहार में सुशासन बनाए रखने का संकल्प
अयोध्या राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से बात करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून का राज और सुशासन कायम रहेगा. यूपी मॉडल पर चर्चा पर उन्होंने कहा कि “बिहार अपना मॉडल भी उतनी ही प्रभावशीलता के साथ लागू करेगा.”
Black Friday Explosion : अगर आप लंबे समय से Samsung Galaxy S24 Ultra के सस्ता होने का इंतज़ार कर रहे थे, तो अब इसका सबसे बड़ा मौका आ गया है. Amazon पर चल रही Black Friday Sale में स्मार्टफोन्स पर ताबड़तोड़ डिस्काउंट मिल रहा है, जिसमें कई प्रीमियम डिवाइसेस की कीमत भारी गिरावट के साथ दिख रही है. फ्लैगशिप कैटेगरी में आने वाला S24 Ultra भी इस सेल में ऐसा दाम पर उपलब्ध है, जिसे देखकर कोई भी खरीदार रुक नहीं पाएगा.
इस मॉडल पर कुछ मामूली नहीं, बल्कि पूरे ₹50,000 तक की शानदार छूट दी जा रही है. अगर आप इसे खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो ऑफर की पूरी डिटेल नीचे जरूर देखें.
Galaxy S24 Ultra पर अब तक का सबसे बड़ा डिस्काउंट
Black Friday Sale के दौरान Amazon पर Samsung Galaxy S24 Ultra के 12GB + 256GB वेरिएंट की कीमत पर भारी कटौती की गई है. सामान्य दिनों में ₹1,34,999 में बिकने वाला यह स्मार्टफोन अब ₹84,999 में मिल रहा है, यानी ग्राहक को पूरे ₹50,000 की बचत होगी. खरीदार चाहें तो इसे 6 महीने की No-Cost EMI पर भी ले सकते हैं, जिससे भारी कीमत चुकाने का बोझ भी कम हो जाएगा.
Samsung Galaxy S24 Ultra की मुख्य खूबियां
फोन में 6.8-इंच Quad HD+ Dynamic AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 2600 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलती है.
स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8 Gen 3 प्रोसेसर है, जो Android 15 आधारित One UI 7 पर चलता है.
Disclaimer: इस खबर में बताए गए ऑफर्स और कीमतें अमेज़न पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई हैं. स्मार्टफोन खरीदने से पहले प्लेटफॉर्म पर दिए गए बैंक ऑफर्स, कूपन और किसी भी अतिरिक्त डिस्काउंट की जांच अवश्य कर लें. समय और स्टॉक के हिसाब से कीमतों में बदलाव संभव है, जिसके लिए हैलोसिटीज24 किसी भी स्थिति में जिम्मेदार नहीं होगा.
CBSE Sample Paper 2026: सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 2026 नजदीक आते ही तैयारियों की गति तेज होती जा रही है. इसी बीच बोर्ड ने कक्षा 10 और 12 दोनों के लिए आधिकारिक सैंपल पेपर अपलोड कर दिए हैं. इस साल परीक्षा देने वाले छात्र अब सीधे वेबसाइट के माध्यम से अपने विषयों के सैंपल पेपर डाउनलोड कर सकते हैं. सैंपल पेपर देखकर छात्रों को प्रश्नों की संरचना, अंक वितरण और प्रश्नों की कठिनाई के स्तर के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जिससे परीक्षा की तैयारी और आसान हो जाएगी. इस रिपोर्ट में हम 12वीं के संस्कृत विषय के सैंपल पेपर का विस्तृत पैटर्न समझते हैं.
CBSE 2026 Sanskrit Sample Paper: संस्कृत पेपर का नया पैटर्न और मॉडल प्रश्न
Class 12 Sanskrit Sample Paper 2026 — कैसा होगा पेपर
संस्कृत विषय का कुल प्रश्नपत्र 80 अंकों का निर्धारित किया गया है. पेपर में कुल 18 प्रश्न शामिल रहेंगे, जिनमें संस्कृत साहित्य से लेकर व्याकरण, श्लोक और गद्यांश आधारित सवाल शामिल होंगे. सैंपल पेपर यह संकेत देता है कि परीक्षा में व्याकरण और श्लोकों से जुड़े प्रश्नों का वजन इस बार काफी अधिक होगा. इसलिए छात्रों के लिए बेहतर होगा कि वे नियमित अभ्यास करते हुए प्रत्येक अध्याय को अच्छी तरह कवर करें.
साथ ही, सैंपल पेपर ये सुझाव भी देता है कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने से छात्रों को संरचना और पैटर्न समझने में मदद मिलेगी. लगातार अभ्यास करने वाले विद्यार्थियों के अंक सुरक्षित रहने की संभावना अधिक होगी.