इस खबर में क्या है?
Jamshedpur News : जमशेदपुर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए नगर निकाय और पेयजल विभाग सक्रिय हो गए हैं. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है. पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के अधिकारियों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में कुल 2,680 चापाकलों की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है. यह अभियान मई 2026 से शुरू होकर जनवरी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा, ताकि गर्मी के दौरान लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े.
ब्लॉकों के हिसाब से तय हुआ मरम्मत कार्य
विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाई है. गोलमुरी-जुगसलाई, घाटशिला, चाकुलिया और बहरागोड़ा जैसे इलाकों में 420-420 चापाकलों को ठीक करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं मुसाबनी, डुमरिया, धालभूमगढ़ और गुड़ाबांदा क्षेत्रों में 220-220 चापाकलों की मरम्मत की योजना है. कोशिश यह है कि गर्मी के चरम से पहले अधिकतम खराब चापाकलों को चालू कर दिया जाए.
झारखंड की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
मानगो में त्वरित कार्रवाई से लोगों को राहत
मानगो नगर निगम क्षेत्र में करीब 168 चापाकल मौजूद हैं. हालांकि मरम्मत के लिए स्थायी एजेंसी का चयन अभी जारी है, फिर भी प्रशासन अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान कर रहा है. वार्ड संख्या 9 के सुकना बस्ती में खराब डीप बोरिंग मोटर को बदलकर लगभग 1000 लोगों को तत्काल राहत दी गई. जिन इलाकों में पानी की समस्या ज्यादा है, वहां टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की व्यवस्था की जा रही है.
जेएनएसी ने बनाया त्वरित मरम्मत तंत्र
जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के अंतर्गत आने वाले 650 चापाकलों की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की गई है. अधिकारियों के अनुसार, किसी भी खराब चापाकल की सूचना मिलने के बाद 24 से 48 घंटे के भीतर उसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है. विभाग ने साफ किया है कि जल संकट के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इसे भी पढ़ें-टाटा स्टील टिनप्लेट डिवीजन में वार्षिक शटडाउन शुरू, नए लक्ष्य से पहले मशीनों की बड़ी मरम्मत
इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर में घर-घर PNG पहुंचाने की तैयारी तेज, केंद्र ने प्रोजेक्ट को मिशन मोड में डाला

