इस खबर में क्या है?
Bihar Breaking News: बिहार में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के मामलों को लेकर निगरानी एजेंसियों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है. इसी क्रम में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक कार्यपालक अभियंता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है. शनिवार सुबह पटना और जमुई में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई.
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण कार्य प्रमंडल झाझा में तैनात कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है. शुरुआती जांच में उनकी वैध कमाई की तुलना में करोड़ों रुपये की अतिरिक्त संपत्ति मिलने की बात सामने आई है.
आय से 81 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति का आरोप
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में यह बात सामने आई कि अभियंता ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की है. एजेंसी के मुताबिक यह संपत्ति उनकी घोषित आय से करीब 81.5 प्रतिशत अधिक आंकी गई है.

इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. इसके बाद विशेष निगरानी अदालत, पटना से सर्च वारंट मिलने पर कार्रवाई शुरू की गई.
पटना और जमुई में एक साथ रेड
EOU की अलग-अलग टीमों ने पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों की निगरानी में कई जगहों पर छापेमारी की.
कार्रवाई जिन ठिकानों पर की गई, उनमें शामिल हैं:
- पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित ज्योतिपुरम इलाके का फ्लैट.
- कंकड़बाग के पूर्वी इंदिरा नगर रोड नंबर-4 स्थित आवास.
- जमुई में केकेएम कॉलेज के पास किराये का मकान.
- झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल कार्यालय.
दस्तावेज और निवेश की चल रही जांच
छापेमारी के दौरान जांच टीम बैंक खातों, जमीन, निवेश और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है. सूत्रों का कहना है कि कई अहम रिकॉर्ड एजेंसी के हाथ लग सकते हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.
हालांकि आर्थिक अपराध इकाई की ओर से फिलहाल आधिकारिक रूप से बरामद सामान या दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है. अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी.
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण कार्य विभाग में भी हलचल तेज हो गई है. विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
बिहार में पिछले कुछ समय से आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सरकारी अधिकारियों और इंजीनियरों पर लगातार कार्रवाई हो रही है. ऐसे में EOU की यह रेड भी भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है.
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