Guptadham Accident : सावन की दूसरी सोमवारी पर गुप्ता धाम में जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच बड़ा हादसा हो गया. बड्डी थाना क्षेत्र के पनारी घाट से गुप्ता धाम जाने वाले पहाड़ी रास्ते पर पैर फिसलने और भीड़ में अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरने से तीन कांवरियों की मौत हो गई. हादसे में मृतकों की पहचान भोजपुर और औरंगाबाद जिले के रहने वाले श्रद्धालुओं के रूप में हुई है.
पुलिस और प्रशासन की टीम ने करीब 24 घंटे तक अभियान चलाकर तीनों शवों को खाई से बाहर निकाला. हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया.
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पहले हादसे में भोजपुर के कांवरिये की गई जान
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम गुप्ता धाम जाने के दौरान भोजपुर जिले के तरारी थाना क्षेत्र के करथ गांव निवासी 50 वर्षीय मुमताज अंसारी का पैर पहाड़ी रास्ते पर फिसल गया. संतुलन बिगड़ने के बाद वह गहरी खाई में जा गिरे.
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद श्रद्धालुओं ने पनारी घाट पर तैनात पुलिसकर्मियों को सूचना दी. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद मुमताज अंसारी को खाई से बाहर निकाला. हालांकि तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
Guptadham Accident : भीड़ के बीच दो और कांवरिये खाई में गिरे
मुमताज अंसारी के शव को परिजनों को सौंपने के बाद पुलिस को इसी पहाड़ी रास्ते पर दो और कांवरियों के खाई में गिरने की सूचना मिली. दोनों की पहचान औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव निवासी 35 वर्षीय शंभू मेहता और अमरपुरा गांव निवासी प्रयाग मेहता के रूप में हुई.
बताया गया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच दोनों अपना संतुलन खो बैठे और खाई में जा गिरे. शंभू मेहता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रयाग मेहता गंभीर रूप से घायल हो गए. खाई की गहराई और दुर्गम रास्ते के कारण दोनों को बाहर निकालने में काफी समय लगा. रेस्क्यू के दौरान प्रयाग मेहता ने भी दम तोड़ दिया.
करीब 24 घंटे चला शवों को निकालने का अभियान
बड्डी थानाध्यक्ष रामवृक्ष कुमार के अनुसार, तीनों कांवरियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. मुमताज अंसारी का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है. वहीं शंभू मेहता और प्रयाग मेहता के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सासाराम भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई.
पुलिस ने हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी है.
दूसरी सोमवारी पर करीब तीन लाख श्रद्धालु पहुंचे थे गुप्ता धाम
सावन की दूसरी सोमवारी पर गुप्ता धाम में जलाभिषेक के लिए करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण करमचट डैम, उगहनी घाट और पनारी घाट समेत कई स्थानों पर दबाव बढ़ गया था.
गुप्ता धाम पहुंचने के लिए दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालु पनारी घाट वाले रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. पहाड़ी और संकरे रास्ते पर अचानक भीड़ बढ़ने से श्रद्धालुओं को चढ़ाई के दौरान काफी परेशानी हुई.
हर साल होते हैं हादसे, फिर भी नहीं थम रही लापरवाही
पनारी घाट से गुप्ता धाम जाने वाला पहाड़ी रास्ता पहले भी हादसों के कारण चर्चा में रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, हर साल श्रद्धालुओं के खाई में गिरने की घटनाएं सामने आती हैं. पुलिस और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को इस खतरनाक रास्ते पर सावधानी बरतने की चेतावनी भी दी जाती है.
इसके बावजूद भीड़ के दबाव और सावधानी में कमी के कारण हादसे हो जाते हैं. सोमवार को हुई तीन मौतों ने एक बार फिर गुप्ता धाम जाने वाले इस दुर्गम रास्ते पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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