Kolkata Stampede: कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेज कर दी है. मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व बर्धमान और हुगली जिले में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने तीन मृतकों के परिजनों को ₹25-25 लाख के चेक सौंपे और दुख की इस घड़ी में सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया.
मुख्यमंत्री सबसे पहले पूर्व बर्धमान जिले के माधवदीघी पहुंचे. यहां उन्होंने टोगोर भेज (37) और उनके 14 वर्षीय बेटे संदीप भेज के परिवार से मुलाकात की. इसके बाद वह हुगली जिले के आरामबाग पहुंचे, जहां हादसे में जान गंवाने वाली पियाली प्रमाणिक के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की
अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल, 19 की मौत के मामले में 7 गिरफ्तार
#WATCH | Howrah, West Bengal: Chief Minister Suvendu Adhikari met with the family of a victim of the Kolkata Durga Puja pandal incident.On October 17, 19 people were killed, and 25 others were injured in a stampede at the Chorbagan Durga Puja pandal in North Kolkata. https://t.co/tz2GCabsZP
— ANI (@ANI) October 20, 2026
‘सिर्फ बातें नहीं, जमीन पर काम करती है हमारी सरकार’
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अपनों को खोने के दुख की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने मुआवजे और सरकारी नौकरी के फैसले को अपनी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी बताया.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में ऐसे हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को जांच के आदेश के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ता था. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पहले किसी सरकार ने इस तरह संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख का मुआवजा और नौकरी देने की पहल की थी.
भगदड़ की जांच को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने दी जानकारी
चोरबागान भगदड़ की जांच को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव ने सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर जांच के लिए सेवारत हाईकोर्ट जज को नामित करने का अनुरोध किया था. हालांकि, मंगलवार को हाईकोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया.
मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि जांच कमेटी की अध्यक्षता किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को ही करनी चाहिए. इस घटनाक्रम के बाद मामले की जांच के लिए समिति गठित करने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित हो गया है.
SIT में कोलकाता पुलिस और नगर निगम का कोई प्रतिनिधि नहीं
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की संरचना को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हादसा कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हुआ था. ऐसे में इन दोनों संस्थाओं के किसी भी प्रतिनिधि को SIT में शामिल नहीं किया गया है.
दुर्गा पूजा पंडाल में 19 मौतों पर घिरी व्यवस्था, 12 हिरासत में; संकरे गेट पर भी सवाल
19 श्रद्धालुओं की मौत, 25 गंभीर रूप से घायल
चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर की शाम हुई भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि 25 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹25-25 लाख मुआवजा देने और प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को राज्य सरकार में ग्रुप-डी की नौकरी देने का ऐलान किया था.
मंगलवार को तीन मृतकों के परिजनों को चेक सौंपे जाने के साथ मुआवजा वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी. मुख्यमंत्री ने परिवारों से मिलकर संवेदना जताई और सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई.
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