Health Budget : सरकार ने 2026–27 के बजट में स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए 1.06 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया है. यह राशि पिछले साल के मुकाबले करीब 10% ज्यादा है, जिससे साफ है कि हेल्थ सेक्टर प्राथमिकता में है. फिलहाल भारत अपने जीडीपी का लगभग 3.3% स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च कर रहा है.
दुनिया के बड़े देशों से तुलना करें तो अमेरिका स्वास्थ्य पर सबसे आगे है और अपनी जीडीपी का 16–17% इस पर लगाता है. रूस करीब 5% से ज्यादा और चीन लगभग 5% के आसपास खर्च करता है.
पाकिस्तान का खर्च काफी कम
स्वास्थ्य बजट के मामले में पाकिस्तान कई देशों से पीछे है. उसका हेल्थ स्पेंड जीडीपी के 1% के आसपास या उससे भी कम है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025–26 में पाकिस्तान का हेल्थ बजट पहले के मुकाबले घटाया गया.
स्वास्थ्य योजनाओं के लिए बड़े प्रावधान
सरकार ने अलग-अलग स्वास्थ्य कार्यक्रमों और संस्थानों के लिए फंड तय किए हैं:
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक
- मेडिकल रिसर्च और ICMR के लिए करीब 4,800 करोड़ रुपये
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बजट में बढ़ोतरी
- आयुष्मान भारत योजना के लिए अतिरिक्त फंड
- डिजिटल हेल्थ और टेली-मेंटल हेल्थ सेवाओं के लिए अलग आवंटन
- एम्स दिल्ली के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान
इसके साथ ही आयुर्वेद संस्थानों के विस्तार, बायोफार्मा निवेश और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर भी जोर है.
सरकार ने कई गंभीर बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने का फैसला लिया है, जिससे इलाज का खर्च कम होने की उम्मीद है. आने वाले समय में देशभर में क्षेत्रीय मेडिकल हब भी विकसित किए जाएंगे.
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