Ranchi news : नामकुम थाना के हाजत में चार मार्च को हत्या के आरोपी जगाईं मुंडा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर आदिवासी मूलवासी संघर्ष समिति ने गंभीर सवाल उठाए हैं. इस मामले पर चर्चा के लिए समिति की एक बैठक केंद्रीय कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की गई.
हाजत में हुई मौत को बताया गंभीर मामला
बैठक में समिति के अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस हाजत के अंदर किसी आरोपी की फांसी लगाकर मौत हो जाना सामान्य घटना नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि जगाईं मुंडा ने वास्तव में खुदकुशी की या फिर इसके पीछे कोई और कारण है, यह पूरी तरह जांच का विषय है. समिति का मानना है कि इस मामले की पारदर्शी जांच होना जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
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पहले कभी नहीं हुई ऐसी घटना
समिति के सचिव नान्हे कच्छप ने कहा कि नामकुम थाना में इस तरह की घटना पहली बार सामने आई है, जिससे लोगों में चिंता और आक्रोश दोनों है. उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में हुई मौत को हल्के में नहीं लिया जा सकता और इसके हर पहलू की गंभीरता से जांच होनी चाहिए.
केंद्र और राज्य सरकार से CBI जांच की मांग
बैठक में मौजूद सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई. समिति ने सरकार और वरीय प्रशासनिक अधिकारियों से आग्रह किया कि पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराई जाए, ताकि निष्पक्ष तरीके से सच्चाई सामने आ सके.
बैठक में प्रदीप तिर्की, अमर कुमार महतो, लक्ष्मण लकड़ा, चामू बेक, मदन टूटी, पास्कल लकड़ा, अनिल लकड़ा, सुरेश महतो, प्रकाश लकड़ा, थियोफिल सांगा और बसंत मुंडा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.
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