Bihar News: बिहार में आर्थिक अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिजली विभाग के एक अधिकारी पर बड़ा शिकंजा कसा है. नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के जयनगर(मधुबनी) में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनोज कुमार रजक के ठिकानों पर एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की गई. इस कार्रवाई में संपत्तियों और निवेश का ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जो कई जिलों और राज्य से बाहर तक फैला हुआ बताया जा रहा है.
सात ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई, कई शहरों से जुड़े संपत्ति के कागजात मिले
EOU की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से एक ही समय पर सात अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की. जांच के दौरान जमीन और प्लॉट से जुड़े 17 दस्तावेज बरामद किए गए हैं. इन संपत्तियों का दायरा बिहार के अररिया, सुपौल, दरभंगा के अलावा पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक फैला हुआ बताया जा रहा है.
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प्रारंभिक आकलन के अनुसार इन संपत्तियों की बाजार कीमत 3 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. हालांकि एजेंसी का कहना है कि पूरी जांच के बाद वास्तविक मूल्य इससे ज्यादा भी निकल सकता है.
नकदी बरामद, बैंक खातों में जमा राशि की पड़ताल जारी
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को नकद राशि भी मिली है. करीब 1 लाख रुपये से अधिक कैश बरामद होने की बात सामने आई है. इसके साथ ही विभिन्न बैंक खातों में लाखों रुपये जमा होने के संकेत मिले हैं.
जांच एजेंसियां अब इन खातों के लेनदेन, जमा राशि के स्रोत और संभावित निवेश की कड़ियों को खंगाल रही हैं. माना जा रहा है कि बैंकिंग ट्रांजेक्शन से कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं.
भाई भी जांच के घेरे में, वाहन के इस्तेमाल पर उठे सवाल
इस मामले में इंजीनियर के परिवार के सदस्य भी जांच के दायरे में आ गए हैं. उनके भाई संजय रजक को सह अभियुक्त बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक उनके नाम से संचालित गैस एजेंसी से जुड़ी एक एसयूवी गाड़ी का उपयोग सरकारी कार्य में दिखाया गया.
आरोप है कि इस आधार पर भुगतान लिया गया, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है. जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की कड़ी दर कड़ी जांच कर रही हैं.
गोदाम, मकान और अन्य निर्माण कार्यों का मिला सुराग
तलाशी के दौरान संपत्तियों का दायरा और भी बड़ा निकलकर सामने आया है. सुपौल जिले के करजाईन क्षेत्र में तीन गोदाम बनाए जाने के प्रमाण मिले हैं. इसके अलावा निर्मली में भी एक गोदाम की जानकारी सामने आई है.
दरभंगा में एक आवासीय मकान का भी पता चला है, जिसे संपत्ति सूची में शामिल किया गया है. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन निर्माण कार्यों में कितनी लागत आई और इसका वित्तीय स्रोत क्या रहा.
देश के बाहर भी निवेश के संकेत, नेपाल में निर्माण कार्य जारी
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि संपत्ति का विस्तार देश की सीमा से बाहर तक हो सकता है. नेपाल के सुनसरी जिले में जमीन लेकर वहां मकान निर्माण का काम शुरू होने की जानकारी मिली है.
इसके अलावा अधिकारी की पत्नी के नाम पर दरभंगा-बिरौल रोड पर पेट्रोल पंप के लिए जमीन लीज पर लेने की प्रक्रिया भी सामने आई है. इससे निवेश के पैटर्न और संपत्ति विस्तार की रणनीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
आय से अधिक संपत्ति का केस, निगरानी अदालत से वारंट के बाद कार्रवाई
EOU ने इंजीनियर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है. प्रारंभिक जांच में यह अनुपात करीब 62 प्रतिशत से अधिक बताया गया है.
कार्रवाई से पहले मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी अदालत से सर्च वारंट प्राप्त किया गया था. इसके बाद ही अलग-अलग टीमों को बनाकर एक साथ छापेमारी की गई.
जांच जारी, आगे और खुलासों की संभावना
फिलहाल जब्त दस्तावेजों और संपत्तियों की विस्तृत जांच जारी है. एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की गई.
सूत्रों के मुताबिक जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं. फिलहाल इस कार्रवाई ने विभाग और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है.
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