PM Kisan Yojana : भागलपुर के गोराडीह प्रखंड के नदियामा पंचायत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अनियमितता सामने आई है. जांच में पता चला कि परिवार के हर सदस्य को लाभ दिलाया गया, साथ ही नाते-रिश्तेदार और झारखंड में रहने वाले कुछ परिवार को भी लाभुक बनाया गया. मतदाता सूची की तुलना में दोगुना लाभुक पंजीकृत पाए गए. यह मामला कृषि विभाग की तीन सदस्यीय टीम की जांच में सामने आया. टीम ने कहा कि नियम के मुताबिक एक परिवार का केवल एक सदस्य ही योजना का लाभ ले सकता है. जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला कृषि पदाधिकारी ने डीबीटी पोर्टल के आंकड़े मंगवाए हैं.
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जिला कृषि पदाधिकारी ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद ने डीबीटी पोर्टल के प्रभारी पदाधिकारी, पटना को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के शुरू से लेकर 2022-23 तक की सूची मंगवाई. जांच टीम को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. यह रिपोर्ट आगामी कार्रवाई में आधार बनेगी और जिम्मेदारों की पहचान करेगी.
जांच टीम का गठन और सदस्य
जिलाधिकारी के आदेश पर जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है. इसमें अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर राम जीवन सिंह, उप परियोजना निदेशक आत्मा विपुलजी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी सबौर संजीव कुमार पाल शामिल हैं. टीम ने पंचायत का निरीक्षण किया और जांच रिपोर्ट तैयार कर दो दिनों में सौंपने का आश्वासन दिया.
मतदाता सूची और पंजीकरण में भारी अंतर
एग्री स्टैक योजना के तहत किसान रजिस्ट्री और ई-केवाइसी की समीक्षा में पता चला कि नदियामा पंचायत में 7000 मतदाता होने के बावजूद 11606 किसान पंजीकृत हैं. इस असमानता से स्पष्ट हुआ कि तत्कालीन किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक ने लापरवाही बरती और फर्जी पंजीकरण किया. पंचायत में 12 वार्ड हैं और 2021 की मतदाता सूची में 6392 जबकि वर्तमान में 6459 मतदाता हैं.
किसान सलाहकार और समन्वयक की भूमिका
जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन कृषि समन्वयक राजीव कुमार और किसान सलाहकार रामाकांत मंडल योजना में शामिल थे. रामाकांत मंडल ने 31 दिसंबर 2024 को त्यागपत्र दे दिया था. राजीव कुमार को निलंबित कर मुख्यालय अनुमंडल कृषि कार्यालय कहलगांव में तैनात किया गया. दोनों की भूमिका और जिम्मेदारी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है.
अनियमितताओं के खुलासे और एफआईआर आदेश
जांच में पता चला कि दस घरों में हर सदस्य को लाभुक बनाया गया. जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं, ताकि योजना में हुई अनियमितताओं का जिम्मेदार पकड़ा जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
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