Bihar: बिहार में उद्योग और रोजगार को लेकर सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है. अगले पांच साल में राज्य में 50 लाख करोड़ रुपये निवेश लाने और करीब एक करोड़ लोगों को रोजगार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है. उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बिहार में निवेश का माहौल तेजी से मजबूत हो रहा है और अब राज्य को बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार का कहना है कि साफ नीतियों और सुरक्षित वातावरण के कारण निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है.
747 निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा
उद्योग मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक राज्य को 747 निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इनमें से 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि बियाडा के माध्यम से कई निवेशकों को जमीन भी उपलब्ध करायी गयी है. इससे आगे और निवेश आने की संभावना जतायी गयी है. इसके साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार होने की उम्मीद भी व्यक्त की गयी है.
सड़क, कॉरिडोर और बिजली परियोजनाओं पर जोर
सरकार की ओर से औद्योगिक विकास के लिए आधारभूत ढांचे को भी तेजी से मजबूत किया जा रहा है. इसके तहत सड़क, एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और हवाई कनेक्टिविटी पर काम किया जा रहा है. उद्योग मंत्री ने कहा कि भागलपुर के पीरपैंती में बड़ा पावर प्लांट बन रहा है. इसके अलावा औरंगाबाद और बक्सर में भी बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है. सरकार इन परियोजनाओं को निवेश के लिए जरूरी आधार के रूप में देख रही है.
नई औद्योगिक नीतियों के सहारे आगे बढ़ने की तैयारी
राज्य सरकार ने ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ के लक्ष्य के साथ नई योजनाएं लागू की हैं. बिहार को टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए भी काम किया जा रहा है. इसी उद्देश्य से तीन बड़े स्तर की समितियां बनायी गयी हैं. निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां लागू की गयी हैं. इनमें निवेश प्रोत्साहन पैकेज, सेमीकंडक्टर नीति, टेक्सटाइल और बायोफ्यूल से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं.
स्टार्टअप और पटना की परियोजनाओं पर भी फोकस
राज्य में स्टार्टअप सेक्टर को लेकर भी गतिविधियां तेज हुई हैं. मंत्री के अनुसार अब तक 1653 स्टार्टअप्स का चयन किया जा चुका है, जिनमें से 1456 को आर्थिक सहायता दी गयी है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है. पटना के लिए पीपीपी मॉडल पर तीन फाइव स्टार होटल, इलेक्ट्रॉनिक पार्क और लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने की योजना है. सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के बड़े निवेश केंद्रों में शामिल करना है.
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