इस खबर में क्या है?
Ranchi News: झारखंड सरकार ने निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए करियर उन्नति का बड़ा रास्ता खोल दिया है. अब लंबे समय से एक ही पद पर कार्य कर रहे ग्रुप ‘घ’ कर्मियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. इस फैसले के बाद राज्यभर में हजारों कर्मचारियों के बीच नई उम्मीद जगी है और इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
अब क्लर्क और सहायक पदों तक पहुंचेगा रास्ता
नई व्यवस्था के तहत चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों को अब लिपिकीय श्रेणी में जाने का अवसर दिया जाएगा. इसमें मुख्य रूप से निम्न वर्गीय लिपिक (एलडीसी) जैसे पद शामिल हैं.
वहीं, सचिवालय में कार्यरत कर्मियों के लिए कनीय सचिवालय सहायक बनने का रास्ता खोला गया है. इससे कर्मचारियों को न सिर्फ नई जिम्मेदारियां मिलेंगी, बल्कि उनके कार्यक्षेत्र और पद की स्थिति में भी सुधार होगा.
परीक्षा के जरिए होगा चयन
सरकार ने पदोन्नति प्रक्रिया को पूरी तरह परीक्षा आधारित रखा है. इसके लिए सीमित प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जाएगी, जो ऑनलाइन माध्यम से होगी.
इस व्यवस्था का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, ताकि योग्य उम्मीदवारों को ही आगे बढ़ने का अवसर मिल सके. कुल रिक्तियों के एक हिस्से को इसी माध्यम से भरा जाएगा.
2026 के लिए नई गाइडलाइन लागू
कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए नई नियमावली जारी कर दी है. ‘सीमित प्रतियोगिता ऑनलाइन परीक्षा नियमावली 2026’ के तहत पात्रता, परीक्षा प्रक्रिया और चयन से जुड़े सभी बिंदुओं को स्पष्ट किया गया है.
इससे उम्मीदवारों को पहले से तैयारी करने में आसानी होगी और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी.
योग्यता के आधार पर मिलेगा मौका
सरकार ने अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता भी तय की है. सचिवालय में कनीय सहायक बनने के लिए स्नातक डिग्री अनिवार्य रखी गई है.
वहीं, अन्य कार्यालयों में लिपिक पद के लिए इंटरमीडिएट या 10+2 पास होना जरूरी होगा. इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि पदोन्नति के बाद कर्मचारी नई जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से संभाल सकें.
लंबे समय से इंतजार कर रहे कर्मियों को राहत
इस फैसले से उन कर्मचारियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो वर्षों से एक ही पद पर काम कर रहे थे. अब उनके पास आगे बढ़ने का स्पष्ट रास्ता होगा.
इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित होंगे.
पारदर्शिता के साथ बढ़ेगी प्रशासनिक क्षमता
ऑनलाइन परीक्षा और स्पष्ट नियमों के जरिए सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है. इससे पक्षपात की गुंजाइश कम होगी और मेरिट के आधार पर चयन सुनिश्चित किया जा सकेगा.
सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से न केवल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और मजबूत होगी.
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