Ranchi News : झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) को आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया है. प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद सेवाकाल में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों के साथ-साथ बीएड और डीएलएड योग्यता रखने वाले कई शिक्षक भी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे.
25 हजार से अधिक शिक्षकों को मिल सकता है लाभ
विभागीय पहल के बाद राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत लगभग 25 हजार प्रशिक्षित शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना है. अब तक नियमों में स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन प्रक्रिया से बाहर रह जाते थे. संशोधन के बाद इन शिक्षकों के लिए JTET में शामिल होने का अवसर उपलब्ध होगा.
आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का भी प्रस्ताव
शिक्षा विभाग ने जैक को परीक्षा आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने का सुझाव भी दिया है. फिलहाल आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून तय है, लेकिन विभाग चाहता है कि इसे बढ़ाकर 20 जुलाई किया जाए ताकि नए पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी जरूरत
देशभर के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किए जाने के बाद इस विषय का महत्व और बढ़ गया है. शीर्ष अदालत ने 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करने की समय-सीमा निर्धारित की है. ऐसे में जो शिक्षक वर्तमान नियमों की वजह से आवेदन नहीं कर पा रहे थे, उनके लिए नियमों में बदलाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
किन शिक्षकों को हो रही थी परेशानी
राज्य में वर्ष 1994 और 1999 के दौरान नियुक्त कई अप्रशिक्षित शिक्षकों को बाद में सेवाकालीन प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन मौजूदा JTET नियमावली में उनके आवेदन की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी. इसी तरह डीइपी उत्तीर्ण और छह माह का ब्रिज कोर्स पूरा करने वाले पारा शिक्षकों को भी आवेदन में दिक्कतें आ रही थीं.
इसके अलावा राज्य गठन के बाद नियुक्त ऐसे शिक्षक भी आवेदन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे थे, जिन्होंने बीएड या डीएलएड की योग्यता प्राप्त की है. कक्षा एक से पांच में कार्यरत बीएड प्रशिक्षित तथा कक्षा छह से आठ में कार्यरत डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए भी नियमों में स्पष्ट प्रावधान नहीं था.
उम्र सीमा में भी मिलेगी राहत
प्रस्तावित संशोधन के तहत आवेदन प्रणाली में तकनीकी बदलाव किए जाएंगे. विभाग ने जैक को निर्देश दिया है कि सेवाकालीन प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक, डीइपी और ब्रिज कोर्स पूरा कर चुके पारा शिक्षक तथा बीएड-डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों को आवेदन का अवसर दिया जाए. साथ ही अधिकतम आयु सीमा को बढ़ाकर 60 वर्ष तक करने का भी निर्णय लिया गया है.
इसे भी पढ़ें-

