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Bihar Cabinet: बिहार में नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक सक्रियता तेज दिखाई दे रही है. 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी लगातार फैसलों की रफ्तार बढ़ाए हुए हैं. इसी क्रम में अब तीसरी कैबिनेट बैठक 6 मई को मुख्यमंत्री सचिवालय में बुलाई गई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई नई योजनाओं और नीतिगत प्रस्तावों को हरी झंडी मिलने की संभावना है. इससे पहले हुई दो कैबिनेट बैठकों में भी बड़े स्तर पर निर्णय लिए जा चुके हैं.
29 अप्रैल की बैठक में बड़े फैसले
29 अप्रैल को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी. इनमें राज्य की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण प्रमुख रहा. इसके अलावा पटना के मैंगल्स रोड पर साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए करीब 51 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई. साथ ही कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर भी सरकार ने सहमति जताई.
पहली बैठक में विकास योजनाओं पर फोकस
22 अप्रैल को हुई पहली कैबिनेट बैठक में 22 एजेंडों पर निर्णय लिया गया था. इसमें नगर विकास विभाग की ओर से 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का फैसला लिया गया. महिला पुलिसकर्मियों को 1500 स्कूटी और 3200 पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल देने की योजना को भी मंजूरी मिली. इसके अलावा सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने और मुंगेर के तारापुर में पर्यटन व धार्मिक सुविधाओं के विस्तार पर सहमति बनी.
दिल्ली में लगातार बैठकें
इधर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे पर हैं, जहां उन्होंने कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की. इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, अश्विनी वैष्णव, ललन सिंह और नित्यानंद राय शामिल रहे. संभावना है कि वे आज शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं.
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