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Ranchi News: झारखंड में राशन वितरण व्यवस्था संभाल रहे हजारों पीडीएस डीलर लंबे समय से बकाया कमीशन नहीं मिलने के कारण गंभीर आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं. राज्यभर के करीब 25 हजार जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं का 50 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान अटका हुआ है. डीलरों का कहना है कि लगातार लंबित भुगतान की वजह से उनके सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है.
कई महीनों से नहीं मिला कमीशन
फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली मार्जिन मनी का भुगतान लंबे समय से लंबित है. डीलरों को प्रति किलो अनाज वितरण पर 1.50 रुपये की दर से कमीशन मिलना तय है, जिसमें आधा हिस्सा केंद्र सरकार और आधा हिस्सा राज्य सरकार वहन करती है.
एसोसिएशन का दावा है कि मार्च 2023 से लेकर अप्रैल 2026 तक के कई महीनों का भुगतान अब तक नहीं किया गया है. एनएफएसए के तहत करीब 12 महीने का भुगतान लंबित बताया जा रहा है, जबकि राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत भी कई महीनों का बकाया अभी तक जारी नहीं हुआ है.
आर्थिक तंगी से डीलर की मौत का मामला
पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला क्षेत्र में एक पीडीएस डीलर की आत्महत्या के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है. पुराना बनकाटी गांव के डीलर मृणाल कुमार ने कथित रूप से आर्थिक दबाव के कारण जान दे दी थी. बताया गया कि उन्होंने अपने पीछे छोड़े नोट में लंबे समय से कमीशन नहीं मिलने की बात लिखी थी. इस घटना के बाद डीलरों में नाराजगी और चिंता बढ़ गयी है.
सरकार से जल्द भुगतान की मांग
फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान महामंत्री ज्ञानदेव झा ने कहा कि राज्य के डीलर करीब 18 महीने के बकाया भुगतान के लिए लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई बार विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है. एसोसिएशन जल्द ही विभागीय सचिव से मुलाकात कर बकाया भुगतान की मांग उठायेगा.
विभाग ने केंद्र से मांगी राशि
झारखंड राज्य खाद्य निगम (JSFC) के अधिकारियों का कहना है कि डीलरों के बकाया भुगतान के लिए केंद्र सरकार से राशि की मांग की गयी है. अधिकारियों के अनुसार आवंटन मिलते ही लंबित भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. फिलहाल चालू वित्तीय वर्ष के लिए सीमित राशि उपलब्ध होने की बात कही जा रही है.

