ITR Filing Deadline : इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की डेडलाइन अब बेहद करीब है. टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त 2026 तक अपना ITR दाखिल करना होगा. समय सीमा के बाद रिटर्न भरने पर लागू नियमों के अनुसार लेट फीस और ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है.
अगर ITR फाइल करने, e-Verification, रिफंड, रेक्टिफिकेशन या रिटर्न की प्रोसेसिंग से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स के लिए 24×7 हेल्पलाइन सुविधा शुरू की है. यह सुविधा 31 अगस्त की रात 11:59 बजे तक उपलब्ध रहेगी.
31 अगस्त के बाद ITR भरने पर कितना लगेगा जुर्माना?
समय सीमा के भीतर ITR दाखिल नहीं करने वाले टैक्सपेयर्स Belated Return के जरिए बाद में रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. हालांकि, इसमें लेट फीस का भुगतान करना पड़ सकता है.
तलाकशुदा बेटियों को भी पारिवारिक पेंशन, जितेंद्र सिंह बोले- बदलती जरूरतों के अनुसार सुधर रहे नियम
इनकम टैक्स विभाग के नियमों के मुताबिक, अगर कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक है तो देरी से ITR दाखिल करने पर अधिकतम 5,000 रुपये तक लेट फीस लग सकती है. वहीं, कुल आय 5 लाख रुपये तक होने की स्थिति में लेट फीस 1,000 रुपये तक हो सकती है. देरी की स्थिति में लागू ब्याज भी देना पड़ सकता है.
ITR Filing में दिक्कत हो तो मिलेगी 24×7 मदद
ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख नजदीक आने के बीच इनकम टैक्स विभाग ने e-Filing और Centralized Processing Center (CPC) की सपोर्ट लाइन को 24 घंटे उपलब्ध कराया है.
यह विशेष सुविधा 24 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे शुरू हुई थी और 31 अगस्त 2026 की रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी. टैक्सपेयर्स ITR फाइलिंग, रिफंड, इंटीमेशन, रेक्टिफिकेशन और रिटर्न प्रोसेसिंग से संबंधित समस्याओं के लिए सहायता ले सकते हैं.
पेट्रोल एक्सपोर्ट पर टैक्स जीरो, डीजल-ATF भी सस्ते; जानें नई दरें
ITR ऑनलाइन कैसे दाखिल करें?
ITR फाइल करने के लिए टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स e-Filing पोर्टल पर जाकर अपने अकाउंट में लॉगिन करना होगा. इसके बाद ये स्टेप फॉलो करें:
- e-File सेक्शन में जाएं.
- Income Tax Returns विकल्प चुनें.
- इसके बाद File Income Tax Return पर क्लिक करें.
- संबंधित Assessment Year का चुनाव करें.
- अपनी आय और स्थिति के अनुसार सही ITR फॉर्म चुनें.
- पोर्टल पर पहले से उपलब्ध जानकारी को ध्यान से जांचें.
- आय, बैंक अकाउंट, TDS, टैक्स क्रेडिट, निवेश और डिडक्शन की जानकारी का मिलान करें.
- सभी जानकारी सही होने पर ITR सबमिट करें.
Assessment Year 2026-27 के लिए लागू पात्रता के अनुसार ITR-1 से ITR-7 तक अलग-अलग रिटर्न फॉर्म उपलब्ध हैं.
ITR फाइल करने के बाद e-Verify जरूरी
ITR सबमिट करने के बाद केवल रिटर्न दाखिल करना पर्याप्त नहीं है. टैक्सपेयर्स को अपने ITR का e-Verification भी करना होता है. इसके लिए उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
निर्धारित प्रक्रिया के तहत ITR-V के जरिए भी वेरिफिकेशन किया जा सकता है. रिटर्न का समय पर वेरिफिकेशन नहीं होने पर उसकी प्रोसेसिंग प्रभावित हो सकती है.
Refund और ITR Status ऐसे करें चेक
ITR दाखिल करने के बाद टैक्सपेयर्स e-Filing पोर्टल पर अपने रिटर्न का स्टेटस देख सकते हैं. इसके लिए Know Your ITR Status विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है.
अगर रिटर्न प्रोसेस होने के बाद टैक्स क्रेडिट या किसी अन्य जानकारी में गलती दिखाई देती है, तो मामले के अनुसार Rectification Request दाखिल की जा सकती है.
आखिरी दिन ITR भरने से बचें
31 अगस्त की डेडलाइन का इंतजार करना टैक्सपेयर्स के लिए परेशानी बढ़ा सकता है. अंतिम समय में पोर्टल पर ज्यादा ट्रैफिक, दस्तावेजों की कमी या AIS, Form 26AS, TDS और बैंक संबंधी जानकारी में अंतर जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.
इसलिए जिन टैक्सपेयर्स ने अभी तक ITR दाखिल नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द अपनी सभी जानकारी और दस्तावेज जांचकर रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए. ITR जमा करने के बाद उसका e-Verification भी समय पर जरूर पूरा करें.
इसे भी पढ़ें-



