Family Pension Rules: परिवार पेंशन को लेकर केंद्र सरकार ने नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. अब तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों को भी पारिवारिक पेंशन का लाभ देने का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही महिला सरकारी कर्मचारियों को भी अपने पति के बजाय बेटे या बेटी को परिवार पेंशन के लिए नामित करने की अधिक स्वतंत्रता दी गयी है. केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार, 17 अगस्त को पेंशन नियमों में किए गए बदलावों की जानकारी दी.
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Family Pension Rules: तलाकशुदा बेटियों के लिए बदला पारिवारिक पेंशन का नियम
सरकार ने पारिवारिक पेंशन के नियमों को बदलते हुए तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों को भी इसके दायरे में शामिल करने का प्रावधान किया है. ये बदलाव 26 सितंबर 2020, 25 मई 2022, 27 फरवरी 2023 और मार्च 2025 में जारी किए गए आदेशों के जरिए किए गए.
इन बदलावों का उद्देश्य परिवार पेंशन के नियमों को बदलती सामाजिक जरूरतों के अनुरूप बनाना है.
महिला कर्मचारी अब बेटे या बेटी को कर सकेंगी नामित
परिवार पेंशन के नियमों में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बदलाव किया गया है. अब उन्हें पति के बजाय अपने बेटे या बेटी को पेंशन के लिए नामित करने की अधिक स्वतंत्रता दी गयी है.
इससे परिवार पेंशन से जुड़े मामलों में महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए विकल्प बढ़े हैं.
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कर्मचारी की सेवा के दौरान मौत पर 50 प्रतिशत तक पेंशन
सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को बढ़ी हुई दर से परिवार पेंशन देने का प्रावधान है. इसके तहत अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत तक परिवार पेंशन 10 साल की अवधि के लिए दी जा सकती है.
सरकार का कहना है कि कर्मचारी की असमय मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण उद्देश्य है.
बढ़ी हुई परिवार पेंशन के लिए 7 साल की शर्त खत्म
सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर बढ़ी हुई परिवार पेंशन के लिए न्यूनतम सात साल की सेवा की शर्त भी हटा दी गयी है.
इस बदलाव के पीछे सरकार का तर्क है कि कम उम्र में सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता की अधिक जरूरत होती है. ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए सात साल की सेवा की शर्त हटायी गयी है.
बुजुर्गों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नियमों में बदलाव
जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की बड़ी आबादी भले ही 40 वर्ष से कम उम्र की हो, लेकिन देश में बुजुर्ग नागरिकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में सरकार का फोकस बुजुर्गों का जीवन आसान बनाने के साथ उनके अनुभव और क्षमता का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर है.
उन्होंने कहा कि बदलती सामाजिक जरूरतों के अनुसार पेंशन नियमों में सुधार की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
डिजिटल तकनीक से पेंशन लेना हुआ आसान
पेंशन से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी आसान बनाने पर जोर दिया गया है. पेंशन फॉर्म और प्रक्रियाओं को सरल किया गया है, जिससे अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम हो सके.
इसके अलावा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए पेंशन से जुड़ी सेवाएं लेना आसान हुआ है.
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