इस खबर में क्या है?
Bhagalpur News: भागलपुर में ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है. जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे, जिनका संचालन जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं करेंगी. गोराडीह प्रखंड में जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने पहले केंद्र का उद्घाटन कर योजना की शुरुआत की.
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गोराडीह से हुई योजना की शुरुआत
गोराडीह प्रखंड में खुले जीविका-सुधा बिक्री केंद्र का संचालन ज्योति जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य चंदा देवी करेंगी. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत उन्हें केंद्र संचालन के लिए द्वितीय और तृतीय किस्त मिलाकर 60 हजार रुपये का अनुदान दिया गया है. इस राशि से बिक्री केंद्र के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं.
चंदा देवी ने कहा कि इस केंद्र से उन्हें स्थायी आजीविका का साधन मिला है और अब गांव में ही रोजगार का अवसर उपलब्ध होगा.
जिले की 200 से अधिक पंचायतों में हुआ चयन
सुधा और जीविका के संयुक्त प्रयास से भागलपुर जिले की हर पंचायत में ऐसे बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे. अब तक 200 से अधिक पंचायतों में जीविका दीदियों का चयन किया जा चुका है.
इस पहल का उद्देश्य एक ओर ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाना है, वहीं दूसरी ओर गांवों तक सुधा के दूध और दुग्ध उत्पादों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करना है.

75 हजार की पूंजी से चलेगा बिक्री केंद्र
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चयनित महिला को 60 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा. इसके अलावा लाभार्थी को 15 हजार रुपये स्वयं अंशदान करना होगा. इस तरह कुल 75 हजार रुपये की पूंजी से बिक्री केंद्र स्थापित किया जाएगा.
इस राशि का उपयोग डीप फ्रीजर, विजी कूलर, परिवहन सहायता और डेयरी उत्पादों की खरीद सहित अन्य जरूरी पूंजीगत खर्चों में किया जाएगा.

किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं.
- पंचायत क्षेत्र में स्वयं की या किराये की दुकान होना जरूरी है.
- दुकान का न्यूनतम क्षेत्रफल 70 वर्ग फुट होना चाहिए.
- दुकान में बिजली और सड़क संपर्क की सुविधा अनिवार्य होगी.
- आवेदक जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला होनी चाहिए.
- संकुल संघ करेगा चयन
इच्छुक महिलाएं अपनी पंचायत के माध्यम से आवेदन करेंगी. प्राप्त आवेदनों के आधार पर संबंधित जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ (CLF) पात्र महिलाओं का चयन करेगा.
जिला प्रशासन का मानना है कि इस योजना से महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण रोजगार और डेयरी उत्पादों की स्थानीय उपलब्धता तीनों को मजबूती मिलेगी.
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