Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट 2026 पेश किए जाने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है. बजट को लेकर सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के नेता इसे विकासोन्मुख और दूरदर्शी बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने कई बिंदुओं पर सवाल खड़े किए हैं. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की.
रोहिणी आचार्य का बजट पर जबरदस्त हमला
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में बजट की तुलना पुराने सामान को नए पैकेज में पेश करने से की. उन्होंने लिखा कि बजट में अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने का कोई ठोस खाका नजर नहीं आता. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि डिजिटल कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने की बात तो कही गई है, लेकिन देश के शिक्षित और अशिक्षित युवाओं के लिए वास्तविक रोजगार के अवसर कैसे पैदा होंगे और किन क्षेत्रों में जॉब क्रिएशन होगा, इस पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.
पुराने सामान को नए डिब्बे में नए लेबल के साथ परोसने जैसा ही है बजट ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) February 1, 2026
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी कैसे होगी ? इस पर बजट में कोई स्पष्टता नहीं है , डिजिटल कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने की बात की गयी है , मगर देश की शिक्षित व् गैर – शिक्षित… pic.twitter.com/5tdOo1uwt7
बिहार से जुड़े मुद्दों पर जताई निराशा
रोहिणी ने आगे लिखा कि देश के सबसे गंभीर मुद्दों में शामिल रोजगार और क्षेत्रीय जरूरतों पर बजट पर्याप्त स्पष्टता नहीं देता. खासकर बिहार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के लिए बाढ़ प्रबंधन, बाढ़ रोकथाम, बाढ़ के बाद पुनर्वास और सिंचाई ढांचे के विकास हेतु लंबे समय से विशेष पैकेज की मांग की जा रही है, लेकिन इस बजट में ऐसे किसी विशेष प्रावधान का न होना निराशाजनक है. उन्होंने इसे बिहार की जरूरतों की अनदेखी करार दिया.
बीजेपी ने किया सराहना, सम्राट चौधरी ने ये कहा
जहां विपक्ष हमलावर है, वहीं भाजपा और एनडीए के नेता बजट की जमकर तारीफ कर रहे हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बजट को विकसित भारत के विजन की दिशा में अहम कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट उस सोच को दर्शाता है जिसमें भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की ठोस तैयारी झलकती है.
सम्राट चौधरी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया है. उन्होंने कहा कि बजट में उन सेक्टरों पर विशेष ध्यान दिया गया है जो देश की आर्थिक मजबूती और भविष्य की प्रगति के लिए जरूरी हैं.
राजनीतिक बहस तेज
बजट के बाद बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. एक तरफ इसे विकास का रोडमैप बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे अधूरा और दिशाहीन बता रहा है. आने वाले दिनों में बजट को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं, क्योंकि रोजगार, क्षेत्रीय विकास और राज्य-विशेष पैकेज जैसे मुद्दे बिहार की राजनीति में हमेशा से अहम रहे हैं.
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