इस खबर में क्या है?
Suvendu Adhikari Oath Ceremony Brigade : पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन बड़े बदलाव और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर दर्ज हुआ. रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के दिन कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल समारोह में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली. पहली बार राज्य की सत्ता संभालने वाली सरकार का शपथ ग्रहण किसी बंद सरकारी परिसर के बजाय खुले मैदान में कराया गया. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह सहित एनडीए के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे. सुबह से ही बंगाल के अलग-अलग जिलों से लोग मैदान पहुंचने लगे थे और पूरे इलाके में राजनीतिक उत्सव जैसा माहौल दिखाई दे रहा था.
LIVE: শপথ গ্রহণ অনুষ্ঠান | ব্রিগেড প্যারেড গ্রাউন্ড, কলকাতা। https://t.co/7yIHkuNMFH
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) May 9, 2026
परंपरा से अलग अंदाज में आयोजित हुआ कार्यक्रम
अब तक पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के सभी बड़े कार्यक्रम राजभवन या सरकारी परिसरों तक सीमित रहते थे, लेकिन इस बार आयोजन को सार्वजनिक स्वरूप दिया गया. विशाल मंच, बड़ी एलईडी स्क्रीन और हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने समारोह को चुनावी रैली जैसा रूप दे दिया. राज्यपाल आरएन रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी. उनके साथ भाजपा के पांच नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली.
#WATCH | Kolkata | Prime Minister Narendra Modi greets the public during the swearing-in ceremony of the new West Bengal government
— ANI (@ANI) May 9, 2026
(Video Source: PM Modi social media) pic.twitter.com/csvbAiqjHC
समारोह के दौरान मंच पर मौजूद नेताओं ने इसे बंगाल की राजनीति में नये दौर की शुरुआत बताया. भाजपा समर्थक पार्टी के झंडे और बैनर लेकर मैदान में मौजूद रहे. कई लोग सुबह से ही अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए पहुंच गये थे. मैदान के चारों ओर सुरक्षा घेरा और विशेष प्रवेश द्वार बनाये गये थे.
प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचते ही गूंजा पूरा मैदान
कार्यक्रम शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शुभेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य खुली जीप में मैदान के भीतर पहुंचे. इस दौरान हजारों लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाते और नारे लगाते दिखाई दिये. प्रधानमंत्री लगातार लोगों का अभिवादन करते रहे, जबकि शुभेंदु अधिकारी समर्थकों की ओर हाथ उठाकर प्रतिक्रिया देते नजर आये.
We have fought an extremely difficult election where nearly 30 lakh genuine voters were allegedly disenfranchised from the electoral rolls. Throughout this entire process, we witnessed what we believe was deeply partisan conduct by several government agencies as well as the…
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) May 9, 2026
जीप से उतरने के बाद भी नेताओं ने पैदल चलते हुए मंच तक का रास्ता तय किया. मंच तक पहुंचने के दौरान कई बार नेताओं ने लोगों की ओर हाथ जोड़कर अभिवादन किया. पूरे मैदान में भाजपा समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी और लगातार जयकारे लग रहे थे.
शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों को दी गयी विशेष जगह
भाजपा ने कार्यक्रम में उन परिवारों को भी बुलाया था, जिनके सदस्य राजनीतिक हिंसा में मारे गये थे. उनके लिए मंच के पास अलग से बैठने की व्यवस्था की गयी थी. कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने इन परिवारों का उल्लेख करते हुए उन्हें संघर्ष का प्रतीक बताया.
समारोह स्थल पर बंगाल की स्थानीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली. मैदान में अलग-अलग जगह पारंपरिक खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाये गये थे. लोगों के बीच झालमुड़ी और मिठाइयों की काफी मांग दिखाई दी. आयोजन स्थल के आसपास भाजपा के पोस्टर, झंडे और स्वागत बैनर लगे थे.
#WATCH | Kolkata | BJP leader Dilip Ghosh takes oath as a minister in the West Bengal government pic.twitter.com/K7MBBkSpW9
— ANI (@ANI) May 9, 2026
पूरे इलाके को बनाया गया हाई सिक्योरिटी जोन
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कोलकाता पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं. मैदान और आसपास के इलाकों में हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी थी. निगरानी के लिए बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
वीवीआईपी मेहमानों की आवाजाही के लिए अलग रूट बनाये गये थे. कार्यक्रम स्थल के पास अस्थायी हेलीपैड भी तैयार किया गया था. मैदान में मौजूद भीड़ तक मंच की गतिविधियां पहुंचाने के लिए कई बड़ी स्क्रीन लगायी गयी थीं. ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए शहर के कई इलाकों में विशेष व्यवस्था लागू रही.
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई बड़ी हस्तियां रहीं मौजूद
समारोह में भाजपा सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के अलावा उद्योग जगत, धार्मिक संगठनों और फिल्म जगत से जुड़े लोग भी पहुंचे थे. भाजपा ने इस आयोजन को केवल संवैधानिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे अपने राजनीतिक प्रभाव के प्रदर्शन के तौर पर भी पेश किया.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि खुले मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में भाजपा की नयी राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है. पार्टी ने इस आयोजन के जरिये यह संदेश देने की कोशिश की कि बंगाल में उसकी मौजूदगी अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुकी है.
#WATCH | Kolkata | PM Modi felicitates and takes blessings of Makhanlal Sarkar, one of the most senior workers of the BJP in West Bengal.
— ANI (@ANI) May 9, 2026
In 1952, Makhanlal Sarkar was arrested in Kashmir while accompanying Syama Prasad Mukherjee during the movement to hoist the Indian… pic.twitter.com/gpmLISKYZ5
ब्रिगेड परेड ग्राउंड क्यों माना जाता है खास
कोलकाता का ब्रिगेड परेड ग्राउंड लंबे समय से बड़े राजनीतिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है. शहर के बीचोंबीच स्थित यह मैदान ऐतिहासिक और राजनीतिक दोनों कारणों से चर्चित माना जाता है.
ब्रिगेड परेड ग्राउंड की प्रमुख विशेषताएं :
- यह मैदान कोलकाता के सबसे बड़े खुले सार्वजनिक स्थलों में गिना जाता है.
- इसका रखरखाव भारतीय सेना की पूर्वी कमान के अधीन होता है.
- यहां वर्षों से बड़ी राजनीतिक रैलियां और जनसभाएं आयोजित होती रही हैं.
- बंगाल की लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां यहां शक्ति प्रदर्शन कर चुकी हैं.
- लाखों लोगों की भीड़ समाने की क्षमता के कारण इसे बड़े आयोजनों के लिए अहम स्थल माना जाता है.
- ऐतिहासिक रूप से भी इस मैदान का शहर की पहचान से गहरा जुड़ाव रहा है.
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