इस खबर में क्या है?
Bhagalpur News : शहर के बहुप्रतीक्षित भोलानाथ आरओबी निर्माण में एक बार फिर रेलवे हिस्सा बाधा बन गया है. पुल निर्माण निगम द्वारा गार्डर लांचिंग की पूरी स्कीम तैयार कर मालदा रेलवे डिविजन को भेज दी गयी है, लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिलने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है. इससे परियोजना की रफ्तार धीमी पड़ गयी है और निर्माण एजेंसी की चिंता बढ़ गयी है.
भोलानाथ अंडरपास और बौंसी रेल पुल के बीच गार्डर लांचिंग का कार्य होना है. इस हिस्से में फाउंडेशन का निर्माण पूरा कर लिया गया है. यहीं से रेलवे की दो महत्वपूर्ण रेल लाइन गुजरती हैं, जिसके ऊपर आरओबी का ढांचा तैयार किया जाना है.
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मंजूरी के लिए सात दिनों से रेलवे कार्यालय के चक्कर
पुल निर्माण निगम के अधिकारियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से निगम का कर्मी मालदा रेलवे डिविजन कार्यालय जाकर लगातार मंजूरी के लिए प्रयास कर रहा है. शुरुआत में रेलवे अधिकारियों ने पत्र नहीं मिलने की बात कही. बाद में पत्र की जानकारी देने पर जांच और खोजबीन का हवाला देकर मामला लंबित रखा गया.
स्थिति तब और उलझ गयी, जब निगम कर्मी खुद आवश्यक पत्र लेकर कार्यालय पहुंचा. इसके बाद मामला डिविजन और जोनल स्तर के बीच लंबित बताया जाने लगा. मंजूरी नहीं मिलने के कारण गार्डर लांचिंग शुरू नहीं हो पा रही है.
निगम और रेलवे अधिकारियों के बीच बढ़ा विवाद
सूत्रों की मानें तो इस मामले को लेकर पुल निर्माण निगम और रेलवे इंजीनियरों के बीच टेलीफोन पर तीखी बहस तक हो गयी. निगम की ओर से यहां तक कहा गया कि यदि रेलवे खुद गार्डर लांचिंग कराना चाहता है तो अपनी टीम भेज दे, निगम पूरा खर्च वहन करेगा. बावजूद इसके रेलवे की ओर से कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
इधर, रेलवे हिस्से में निर्माण एजेंसी अपनी तैयारी पूरी होने का दावा कर रही है. अब केवल रेलवे की हरी झंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा है.
तय समय से पीछे चल रही परियोजना
भोलानाथ आरओबी परियोजना पहले ही अपनी निर्धारित समयसीमा से करीब एक साल पीछे चल रही है. अप्रैल में तय दूसरी डेडलाइन भी पूरी नहीं हो सकी. लगातार देरी से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और लोग जल्द निर्माण पूरा होने की मांग कर रहे हैं.
भोलानाथ आरओबी : अब तक का कार्य
लागत : 86.17 करोड़ रुपये
फाउंडेशन : 96 प्रतिशत
सब स्ट्रक्चर : 76 प्रतिशत
सुपर स्ट्रक्चर : 55 प्रतिशत
अप्रोच रोड निर्माण : शून्य
अब तक भुगतान : 35.54 करोड़ रुपये
जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम चरण में
आरओबी निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली गयी है. प्रशासन ने चिह्नित रैयतों के मुआवजे की राशि तय कर उन्हें नोटिस भेज दिया है. आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा भुगतान किया जायेगा. अधिकारियों को उम्मीद है कि जमीन संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य में और तेजी आयेगी.
वरीय परियोजना अभियंता ने क्या कहा
पुल निर्माण निगम कार्य प्रमंडल, भागलपुर के वरीय परियोजना अभियंता ज्ञानचंद्र दास ने बताया कि रेलवे हिस्से में गार्डर लांचिंग की स्कीम भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि मंजूरी नहीं मिलने से काम प्रभावित हो रहा है और लगातार रेलवे अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है. रेलवे की अनुमति मिलते ही गार्डर लांचिंग शुरू कर दी जायेगी.
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