Indigo Flights: इंडिगो के ऑपरेशनल संकट ने बिहार में हवाई यात्रा को लगभग ठप कर दिया है. क्रू की भारी कमी के कारण अचानक उड़ान रद्द होने की ऐसी स्थिति बनी कि हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए. 36 घंटे के भीतर पटना, गया व दरभंगा में इंडिगो की सेवाएं चरमरा गईं और लोगों की यात्रा योजनाएँ पूरी तरह बिखर गईं. कई यात्री इलाज, नौकरी, परीक्षा और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए निकले थे लेकिन लौटकर बैठना पड़ा.
पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों का सैलाब, 29 में से सिर्फ 4 उड़ानें चलीं
शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर वह दृश्य देखने को मिला जो सामान्य दिनों में कभी नहीं दिखता. निर्धारित 29 उड़ानों में से केवल 4 संचालित हो सकीं, जबकि शेष 25 रद्द करनी पड़ीं. दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जाने वाली अधिकांश उड़ानें सूची से गायब रहीं. अहमदाबाद, चंडीगढ़, भुवनेश्वर और चेन्नई के लिए निर्धारित फ्लाइटें भी संचालित नहीं हो पाईं. सऊदी से आए यात्रियों को एयरलाइन ने साफ कहा कि 8 दिसंबर तक इंडिगो यहां से कोई सेवा नहीं दे पाएगी — इसके बाद लोगों के बीच और तनाव बढ़ गया.
किराया नियंत्रण से बाहर – दूसरी एयरलाइंस ने बढ़ा दिया चार्ज
उड़ानें कम होते ही दूसरी एयरलाइंस ने तत्काल किराया बढ़ाकर यात्रियों को मुश्किल में डाल दिया. पटना–दिल्ली का किराया 40 हजार तक, पटना–मुंबई 90 हजार तक, दरभंगा–दिल्ली 61,266 और दरभंगा–मुंबई 66,783 तक पहुंच गया. कई यात्रियों ने कहा कि उन्हें उड़ान रद्द होने का मैसेज एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मिला और नई टिकट इतनी महंगी है कि यात्रा संभव नहीं रह गई.
12–12 घंटे तक फंसे लोग, सूचना की पारदर्शिता नहीं
यात्रियों के लिए सबसे चिंता की बात यह रही कि उड़ानों के स्टेटस की जानकारी स्पष्ट तरीके से उपलब्ध नहीं कराई गई. पटना, गया और दरभंगा में लोग घंटों सीढ़ियों, फर्श और बेंचों पर बैठे अपडेट का इंतजार करते रहे. समय पर सूचना न मिलने के कारण कई बुजुर्ग, महिलाएँ और बच्चे भी भारी परेशानी में पड़े. पटना से मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और पुणे की प्रमुख उड़ानें पूरी तरह रद्द रहीं, जबकि कुछ फ्लाइटें कई घंटे देरी से चलीं — वह भी अंतिम क्षण में बताकर.
पीक ट्रैवल सीजन में बड़ा झटका
क्रिसमस, न्यू ईयर और शादी के चरम समय में इंडिगो का यह संकट बेहद गंभीर माना जा रहा है. यात्राओं की भारी मांग के बीच एक साथ दर्जनों उड़ानें रद्द होना यात्रियों और ट्रैवल सेक्टर दोनों के लिए नुकसानदायक है. इंडिगो पर अब एकाधिकार जैसी स्थिति में मनमानी और उचित प्रबंधन न करने की आलोचनाएँ भी होने लगी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में उड़ानों के सामान्य होने में समय लग सकता है.
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