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Bhagalpur News : उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा में गिरने के बाद सबसे बड़ा असर आवागमन पर पड़ा है. घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने पुल पर दोनों ओर से वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी. बड़े वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है, जबकि छोटे वाहनों को भी पुल से दूर रखा गया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कुछ दिनों तक इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहेगा. सोमवार से ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए वाहनों को सुल्तानगंज के रास्ते मुंगेर की ओर मोड़ दिया गया है. लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का ही उपयोग करें.
आधी रात हुआ हादसा, पहले से मिल रहे थे संकेत
जानकारी के अनुसार विक्रमशिला सेतु के पाया संख्या चार और पांच के बीच का स्लैब रात करीब 12.55 बजे गंगा में समा गया. इससे पहले रात करीब 11 बजे एक्सपेंशन ज्वाइंट में गैप बनने की सूचना एक वाहन चालक ने प्रशासन को दी थी. शुरुआत में यह गैप धीरे-धीरे बढ़ता गया और देर रात स्थिति गंभीर हो गई. अंततः स्लैब टूटकर नदी में गिर गया, जिससे दोनों ओर का संपर्क पूरी तरह समाप्त हो गया. राहत की बात यह रही कि उस समय कोई वाहन उस हिस्से से नहीं गुजर रहा था, इसलिए किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
रात में पहुंचे अधिकारी, मौके पर बढ़ी निगरानी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया. रात करीब दो बजे डीएम और एसएसपी समेत अन्य वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. पुल निर्माण निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए. क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास एसडीओ, ट्रैफिक डीएसपी और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति खतरे वाले हिस्से के पास न जा सके.
बस सेवाएं बंद, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
पुल का संपर्क टूटते ही भागलपुर से नवगछिया, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कोलकाता और खगड़िया जाने वाली बसों का परिचालन सुबह से बंद कर दिया गया. वहीं पूर्णिया से रांची, जमशेदपुर और धनबाद के लिए चलने वाली बस सेवाएं भी प्रभावित रहीं. इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग बस स्टैंड से ही वापस लौटने को मजबूर हुए.
आपूर्ति और दैनिक जीवन पर असर
गंगा पार से आने वाली सब्जियां, केला और अन्य कृषि उत्पाद भागलपुर नहीं पहुंच सके, जिससे बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है. इसके अलावा गंगा पार से पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा सके. नवगछिया और आसपास के जिलों में काम करने वाले लोगों को भी अपने कार्यस्थल तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
घटना स्थल पर जुटी भीड़, चर्चा का विषय बना पुल
सोमवार सुबह से ही विक्रमशिला सेतु के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी. पुल के नीचे और पहुंच मार्ग पर बड़ी संख्या में लोग स्थिति देखने पहुंचे. कई लोग मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते नजर आए. शहर में इस घटना को लेकर लगातार चर्चा होती रही और लोग पुल की स्थिति को लेकर चिंता जताते रहे.
मरम्मत में लगेगा समय, जांच जारी
प्रारंभिक आकलन के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने में करीब 15 दिन लग सकते हैं. हालांकि अंतिम निर्णय तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा. फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
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