Income Tax Form 121: 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब पुराने Form 15G और 15H को पूरी तरह हटा दिया गया है और उनकी जगह नया Form 121 पेश किया गया है. इसका उद्देश्य टैक्स डिक्लेरेशन को सरल बनाना है ताकि अलग-अलग फॉर्म्स भरने की झंझट खत्म हो जाए. सालाना टैक्स लायबिलिटी शून्य (Zero) वाले सभी टैक्सपेयर चाहे उनकी उम्र 25 हो या 75, अब सिर्फ Form 121 भरकर TDS बचा सकते हैं. यह बदलाव खासकर सीनियर सिटीजन और कम आय वाले लोगों के लिए लाभकारी है.
Form 121 से बचा जा सकेगा TDS
Form 121 का इस्तेमाल कई तरह की इनकम पर TDS कटौती रोकने के लिए किया जा सकेगा. इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बैंक डिपॉजिट और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाला ब्याज
- PF निकासी और पेंशन की राशि
- रेंट (किराया), डिविडेंड और म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई
- इंश्योरेंस कमीशन और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी से मिलने वाला पैसा
नया UIN सिस्टम और कामकाज
Form 121 (Part A) भरने के बाद इसे लेने वाला संस्थान, जैसे बैंक, हर फॉर्म के लिए 26-अंकों का Unique Identification Number (UIN) जारी करेगा. इस नंबर में आपकी जानकारी, टैक्स साल और बैंक का TAN नंबर शामिल होगा. बैंक को हर तिमाही सरकार को रिपोर्ट करनी होगी कि उसे आपका डिक्लेरेशन मिल चुका है, भले ही टैक्स काटा गया हो या नहीं.
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