Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में आर्म्स एक्ट से जुड़े एक पुराने मामले का ट्रायल लंबे समय से अधर में लटका हुआ है. वर्ष 2003 में दर्ज इस मामले में अभियोजन पक्ष के कई महत्वपूर्ण गवाह अब तक अदालत में बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं. लगातार हो रही देरी के कारण मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.
12 में से केवल तीन गवाहों का दर्ज हुआ बयान
मामला काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां दो दशक पहले हथियार बरामदगी के बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. अभियोजन पक्ष ने इस मामले में कुल 12 पुलिसकर्मियों को गवाह बनाया था. हालांकि इतने वर्षों के बाद भी केवल तीन गवाहों की ही गवाही पूरी हो सकी है. शेष नौ गवाहों के अदालत में उपस्थित नहीं होने से ट्रायल की प्रक्रिया बाधित बनी हुई है.
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प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
मामले की प्रगति नहीं होने पर सहायक लोक अभियोजक ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक हस्तक्षेप का अनुरोध किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित गवाहों को कई बार नोटिस और समन जारी किये गये, लेकिन इसके बावजूद उनकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी. ऐसे में अधिकारियों से आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गयी है.
कई अधिकारी और कर्मी नहीं हो रहे उपस्थित
अदालत में गवाही के लिए जिन पुलिसकर्मियों की उपस्थिति अपेक्षित है, उनमें तत्कालीन थानाध्यक्ष, अनुसंधान अधिकारी, सहायक अवर निरीक्षक तथा आरक्षी स्तर के कर्मी शामिल हैं. इनमें से कई वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत हैं. अभियोजन पक्ष का मानना है कि सभी गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद ही मामले की सुनवाई निर्णायक चरण में पहुंच सकेगी.
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