CM Nitish: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक बुलाई है, जिसके बाद सत्ता के गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं. मुख्य सचिवालय में होने वाली इस बैठक को राजनीतिक नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है. बैठक में सभी मंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल रहेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों और फैसलों पर मुहर लग सकती है. यही वजह है कि इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
क्या यह मौजूदा कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक है?
सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी चल रही है कि यह बैठक नीतीश कुमार के मौजूदा कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक हो सकती है. इसी अटकल ने बिहार की राजनीति में उत्सुकता और बढ़ा दी है. हालांकि इसको लेकर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि अब तक सामने नहीं आई है, लेकिन बैठक के समय और मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए इसकी चर्चा लगातार हो रही है.
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नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं. इसके बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है. जानकारी के मुताबिक, 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं. इसके बाद उनके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की भी संभावना जताई जा रही है.
बिहार में सत्ता परिवर्तन की चर्चा क्यों तेज हुई
राजनीतिक गलियारों में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा सत्ता परिवर्तन को लेकर है. माना जा रहा है कि एनडीए के भीतर नेतृत्व को लेकर नई रणनीति पर काम हो रहा है. इसी वजह से यह अटकल भी तेज है कि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नए चेहरे को आगे किया जा सकता है.
इस चर्चा के बीच भाजपा के कई नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं. इनमें सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल और विजय कुमार सिन्हा के नाम प्रमुख रूप से लिए जा रहे हैं. हालांकि अब तक किसी भी नाम पर आधिकारिक सहमति या घोषणा नहीं हुई है. फिलहाल यह पूरा मामला चर्चाओं और राजनीतिक संकेतों के आधार पर ही देखा जा रहा है.
नए मुख्यमंत्री को लेकर कब तक साफ हो सकती है तस्वीर
सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल के आसपास नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इसके बाद 14 अप्रैल को एनडीए की बैठक में नए नेता के नाम पर चर्चा और चयन की प्रक्रिया हो सकती है. यह भी कहा जा रहा है कि 16 अप्रैल के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है.
हालांकि इन तमाम बातों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन जिस तरह लगातार राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, उससे यह जरूर संकेत मिल रहे हैं कि बिहार की राजनीति आने वाले दिनों में किसी बड़े मोड़ की ओर बढ़ सकती है. अब सबकी नजर बुधवार की कैबिनेट बैठक और उसके बाद होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई है.
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