इस खबर में क्या है?
Akshaya Tritiya 2026: 19 अप्रैल, रविवार को अक्षय तृतीया का शुभ अवसर है. यह दिन हिंदू और जैन परंपराओं में विशेष महत्व रखता है और इसे ऐसा मुहूर्त माना जाता है जब किया गया निवेश लंबे समय तक लाभ देता है. इसी वजह से इस मौके पर सोना खरीदने की परंपरा काफी प्रचलित है. लोग इसे समृद्धि का प्रतीक मानते हैं और शुभ शुरुआत के तौर पर खरीदारी करते हैं. लेकिन बढ़ती मिलावट और धोखाधड़ी के मामलों के बीच बिना जानकारी के सोना खरीदना जोखिम भरा साबित हो सकता है. ऐसे में जरूरी है कि खरीदारी से पहले कुछ बुनियादी बातों को अच्छी तरह समझ लिया जाए.
खरीदारी से पहले इन पहचान चिन्हों को जरूर देखें
सोने की असलियत पहचानने के लिए सरकार ने हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया है. ज्वेलरी लेते समय इन तीन बिंदुओं की जांच करना बेहद जरूरी है:
- BIS का चिन्ह: त्रिकोण आकार का यह मार्क यह बताता है कि उत्पाद को भारतीय मानक ब्यूरो से प्रमाणन मिला हुआ है.
- शुद्धता का कोड:
- 22K916: लगभग 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना, जो गहनों में सामान्य रूप से उपयोग होता है.
- 18K750: करीब 75 प्रतिशत शुद्धता का संकेत.
- HUID कोड: 6 अंकों का यूनिक पहचान नंबर, जिससे हर आभूषण की अलग ट्रैकिंग संभव होती है.
मोबाइल के जरिए भी कर सकते हैं पुष्टि
अब ग्राहक खुद भी सोने की सच्चाई जान सकते हैं. इसके लिए एक आसान डिजिटल तरीका मौजूद है:
- अपने स्मार्टफोन में BIS Care App इंस्टॉल करें.
- ऐप में ‘Verify HUID’ फीचर खोलें.
- ज्वेलरी पर दर्ज कोड डालें.
- स्क्रीन पर ज्वेलर की डिटेल, हॉलमार्किंग की तारीख और कैरेट की जानकारी तुरंत मिल जाएगी.
अन्य तरीकों से भी जांच संभव
अगर आप और पुख्ता जांच करना चाहते हैं, तो ये विकल्प अपनाए जा सकते हैं:
- कैरेट मीटर (XRF तकनीक): यह मशीन बिना नुकसान पहुंचाए धातु की वास्तविक संरचना बता देती है.
- मैग्नेट जांच: असली सोना चुंबक की तरफ आकर्षित नहीं होता, इसलिए खिंचाव दिखे तो सतर्क हो जाएं.
बिल को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
खरीदारी के बाद सबसे अहम दस्तावेज टैक्स इनवॉइस होता है, जिसे लेना बिल्कुल न भूलें. इसमें निम्न जानकारी साफ-साफ दर्ज होनी चाहिए:
- शुद्धता और कुल वजन (ग्राम में).
- उस दिन का लागू रेट और मेकिंग चार्ज.
- HUID कोड और GST का पूरा विवरण.
निवेश के उद्देश्य को समझें
अक्षय तृतीया पर लोग अक्सर भावनात्मक रूप से सोना खरीद लेते हैं, लेकिन इसे निवेश की तरह देखना जरूरी है. अगर उद्देश्य निवेश है तो गोल्ड कॉइन, गोल्ड ETF या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प भी देखें, जहां मेकिंग चार्ज नहीं लगता. ज्वैलरी खरीदना भावनात्मक और उपयोग के लिए सही है, लेकिन रिटर्न के लिहाज से हर बार सबसे बेहतर विकल्प नहीं होता.
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन सही जानकारी के बिना किया गया निवेश नुकसान भी दे सकता है. मेकिंग चार्ज, हॉलमार्क, कैरेट, बिल और निवेश के उद्देश्य इन 5 बातों का ध्यान रखकर आप न सिर्फ शुभ खरीदारी कर सकते हैं बल्कि समझदारी से अपना पैसा भी सुरक्षित रख सकते हैं.
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