Bhagalpur News : भागलपुर जिले में एक अधिवक्ता को डिजिटल माध्यम से डराकर रुपये ऐंठने की कोशिश का मामला सामने आया है. हालांकि समय रहते सतर्कता बरतने से बड़ा नुकसान होने से बच गया.
जानकारी के अनुसार अधिवक्ता के मोबाइल पर एक मैसेजिंग ऐप के जरिए कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताया और बातचीत के दौरान अधिवक्ता का नाम लेकर भरोसा बनाने की कोशिश की. कॉलर के नंबर पर वर्दीधारी की तस्वीर भी लगी हुई थी, जिससे मामला पूरी तरह वास्तविक लग रहा था.
बेटे को फंसाने का झांसा देकर मांगी एक लाख की रकम
कॉलर ने दावा किया कि अधिवक्ता का बेटा बेंगलुरु में एक गंभीर आपराधिक मामले में फंस गया है और मामले को निपटाने के लिए तुरंत एक लाख रुपये की जरूरत है. इस बात से अधिवक्ता घबरा गए और घर में पैसे की व्यवस्था को लेकर चर्चा करने लगे. इसी दौरान उनके एक परिचित को पूरे मामले की जानकारी मिली, जिन्होंने इसे साइबर ठगी का प्रयास बताते हुए तुरंत साइबर थाना जाने की सलाह दी.
साइबर थाना पहुंचते ही खुली ठगी की पोल
इसके बाद अधिवक्ता साइबर थाना पहुंचे, जहां मौजूद कर्मियों ने तुरंत कॉल करने वाले से संपर्क साधा. जैसे ही ठग को शक हुआ कि उसका खेल खुल चुका है, उसने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कॉल काट दिया. इस घटना ने साइबर ठगी के नए तरीके को उजागर कर दिया.
पुलिस ने की सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के किसी भी कॉल पर भरोसा न करें. किसी भी परिस्थिति में बिना सत्यापन के पैसे का लेन-देन न करें और तुरंत पुलिस या साइबर थाना को सूचना दें.
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