इस खबर में क्या है?
FIFA World Cup 2026: आगामी फीफा विश्व कप 2026 की नवीनतम जानकारियों के मुताबिक, खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर वियाग्रा (सिल्डेनाफिल) का सेवन कर पाएंगे. इस कदम का लक्ष्य खेल में कोई गलत फायदा उठाना बिल्कुल नहीं है, वरन मेक्सिको सिटी के अत्यधिक ऊंचे वातावरण से मानव शरीर को होने वाली समस्याओं से बचाना है.
अत्यधिक ऊंचाई पैदा करेगी फुटबॉलर्स के लिए मुश्किलें
दरअसल मेक्सिको और इंग्लैंड का मैच मेक्सिको सिटी स्थित एज़्टेका स्टेडियम में आयोजित होगा. सागर तल से तकरीबन 2,240 मीटर (लगभग 7,350 फीट) ऊपर बने इस मैदान पर हवा में ऑक्सीजन काफी कम होती है. इस वजह से खिलाड़ियों को हांफने, शीघ्र थकने और अपने स्वाभाविक खेल को दिखाने में रुकावट जैसी गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ सकता है.
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🚨JUST IN: England players will be allowed to use Viagra to help deal with Mexico’s altitude, with Estadio Azteca being 7,350 feet above sea level
— Polymarket Sports (@PolymarketSport) July 3, 2026
Viagra can reduce fatigue related to physical exertion at high altitude pic.twitter.com/Hihg3xGcqY
जानिए सिल्डेनाफिल कैसे पहुंचाएगी खिलाड़ियों को आराम
वियाग्रा का मुख्य घटक सिल्डेनाफिल नसों को चौड़ा करता है, जिससे पूरे बदन में खून का बहाव सुचारू हो जाता है. यही वजह है कि शोधकर्ता निरंतर इस बात पर शोध कर रहे हैं कि कम ऑक्सीजन वाले पर्वतीय या ऊंचे स्थानों पर यह औषधि कितनी मददगार साबित होती है.
FIFA World Cup 2026 : क्या कहते हैं वाडा के दिशा-निर्देश
वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की वर्जित दवा श्रेणियों में वियाग्रा शामिल नहीं है. इस कारणवश डॉक्टर की सलाह पर खिलाड़ी मैच के दिनों में भी इसका सेवन करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं.
England will be allowed to use viagra to help with the altitude vs. Mexico 💀
— FanDuel Sportsbook (@FDSportsbook) July 3, 2026
No, this is not a joke. pic.twitter.com/aJd8z7q9nb
क्या इंग्लिश खिलाड़ी करेंगे इसका प्रयोग?
ब्रिटिश फुटबॉल एसोसिएशन ने अभी तक इस दवा के इस्तेमाल को लेकर कोई पुख्ता एलान नहीं किया है. खबरों के अनुसार यह केवल एक कानूनी और डॉक्टरी उपाय के तौर पर उपलब्ध रहेगा. टीम के रणनीतिकार वातावरण के इस असर से निपटने हेतु कई अन्य तौर-तरीकों का भी आकलन कर रहे हैं.
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मुख्य कोच थॉमस टुखेल की बढ़ी परेशानियां
इंग्लैंड टीम के हेड कोच थॉमस टुखेल ने माना कि मेक्सिको सिटी की भौगोलिक स्थिति उनके लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी. उनके मुताबिक, फीफा के व्यस्त शेड्यूल के चलते फुटबॉलर्स को वहां की जलवायु में ढलने और अभ्यास करने का पूरा वक्त ही नहीं मिला.
मेक्सिको को अपनी सरजमीं पर मिलेगा बड़ा लाभ
एज़्टेका मैदान पर मेक्सिको का पलड़ा हमेशा भारी रहता है. इस टूर्नामेंट में भी उनका खेल शानदार रहा है और उन्हें अपनी धरती का सीधा फायदा मिल रहा है. लिहाजा इंग्लैंड को बेहतरीन खेल योजना बनाने के साथ-साथ इस प्राकृतिक रुकावट को भी पार करना होगा.
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