TMBU Guest Teachers Protest : टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ ने शनिवार को नई नियुक्ति नियमावली 2026 की प्रतियां जलाकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. संघ ने बिहार के विश्वविद्यालयों में नियमित सहायक प्राध्यापकों और संविदा आधारित फिक्स्ड टर्म फैकेल्टी की बहाली के लिए बनाए गए इस नए नियम को यूजीसी मानकों के पूरी तरह विपरीत बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारियों ने इस नियमावली को तुरंत वापस लेने तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों में पहले से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों को स्थायी करने की मांग रखी.
शिक्षक संगठन का कहना है कि नियुक्तियां यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार की गई पुरानी नियमावली 2020 के तहत ही की जानी चाहिए. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान डॉ पवन कुमार, डॉ आनंद कुमार, डॉ सर्पराज रामानंद सागर, डॉ प्रियतम कुमार, डॉ धीरेंद्र कुमार, डॉ आलोक कुमार, डॉ प्रभात कुमार, डॉ मौसमी कुमारी, डॉ आलोका कुमारी, डॉ आरती वर्मा, डॉ श्वेता रानी, डॉ किरण कुमारी, डॉ मधुमाला सिन्हा, डॉ आदित्य नारायण, डॉ संजीव कुमार, डॉ सितांशु कुमार, डॉ उज्जवल कुमार, डॉ गुंजन कुमारी और डॉ प्रकाश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
नए नियमों में यूजीसी गाइडलाइंस की पूरी अनदेखी: अध्यक्ष
संगठन के अध्यक्ष डॉ आनंद आजाद ने आरोप लगाया कि पूर्व की नियमावली में तय अधिकतम उम्र सीमा 55 साल को घटाकर 43 साल करना यूजीसी के नियमों का सरेआम उल्लंघन है. उन्होंने मांग की कि लोक भवन द्वारा तैयार इस नई नियमावली 2026 में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन समेत नेट, जेआरएफ, पीएचडी, रिसर्च पेपर और शिक्षण अनुभव को जोड़कर बनाई जाने वाली एपीआई स्कोर व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से खत्म किया जाना चाहिए.
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TMBU Guest Teachers Protest : हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा शिक्षक संघ
अतिथि शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले को लेकर कानूनविदों और वरिष्ठ वकीलों से मशविरा किया जा रहा है और जल्द ही इस नई नियमावली को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी. इसके तुरंत बाद बिहार के तमाम विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ पटना में एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें रणनीति तैयार कर राजधानी की सड़कों पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.
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