इस खबर में क्या है?
FIFA World Cup 2026: एक समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से मैच जीत जाएगा, लेकिन दूसरे हाफ में फ्रांस ने ऐसा पलटवार किया कि मुकाबला आखिरी मिनटों तक सांसें थाम देने वाला बन गया. फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के प्लेऑफ में कुल 10 गोल देखने को मिले और अंत में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया. मुकाबले के हीरो बुकायो साका रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाई, जबकि इंजरी टाइम में जूड बेलिंगहैम ने आखिरी गोल कर इंग्लैंड की जीत पक्की कर दी.
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England are #FIFAWorldCup Bronze Final winners 🏴
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43 मिनट में ही इंग्लैंड ने तय कर दिया था मैच
इंग्लैंड ने शुरुआती सीटी के साथ ही फ्रांस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने लंबी दूरी से शानदार गोल कर बढ़त दिलाई. इसके बाद एजरी कोन्सा ने कॉर्नर पर हेडर से स्कोर 2-0 कर दिया. फ्रांस संभल पाता, उससे पहले बुकायो साका ने 37वें और 43वें मिनट में लगातार दो गोल कर हाफटाइम तक इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी.
डेशचैम्प्स के दांव से बदला मैच
ब्रेक के बाद फ्रांस के कोच डिडिएर डेशचैम्प्स ने एक साथ चार खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा और यहीं से मुकाबले का रंग बदल गया. किलियन एमबाप्पे ने पहला गोल कर वापसी की शुरुआत की. इसके बाद ब्रैडली बारकोला और फिर एमबाप्पे के दूसरे गोल ने स्कोर 4-3 कर दिया. एक समय ऐसा लगा कि फ्रांस मैच बराबरी पर ला देगा.
जब साका ने खत्म कर दी फ्रांस की उम्मीद
फ्रांस लगातार दबाव बना रहा था, तभी 87वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली. साका ने कोई गलती नहीं की और अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए टीम को दो गोल की बढ़त दिला दी. स्टॉपेज टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर रोमांच बढ़ाया, लेकिन 98वें मिनट में जूड बेलिंगहैम ने तेज काउंटर अटैक पर गोल दागकर इंग्लैंड की जीत पर अंतिम मुहर लगा दी.
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A brace for Mbappe 🇫🇷#FIFAWorldCup pic.twitter.com/YqcTRQ4yFA
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हार के बावजूद एमबाप्पे ने रचा इतिहास
फ्रांस को भले हार का सामना करना पड़ा, लेकिन किलियन एमबाप्पे ने दो गोल कर नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने वर्ल्ड कप में अपने गोलों की संख्या 22 तक पहुंचा दी और इस टूर्नामेंट में 10 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष पर पहुंच गए.
डेशचैम्प्स को जीत के साथ विदाई नहीं दे सका फ्रांस
यह मुकाबला फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशचैम्प्स के करियर का आखिरी मैच भी रहा. अंतिम सीटी बजने के बाद इंग्लैंड के कोच थॉमस टुखेल ने उन्हें गले लगाकर सम्मान दिया. मैच से पहले कप्तान किलियन एमबाप्पे ने भी भावुक संदेश देते हुए कहा था कि डेशचैम्प्स ने फ्रांस के फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और इतिहास उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा. हालांकि टीम उन्हें जीत के साथ विदाई नहीं दे सकी.
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