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iPhone यूजर्स को Personal Loan मिलने में होती है आसानी? Android यूजर्स भी जान लें पूरा सच

iPhone Personal Loan: क्या iPhone यूजर्स को Android यूजर्स के मुकाबले पर्सनल लोन आसानी से मिल जाता है? AI आधारित डिजिटल लेंडिंग में फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम कितना असर डालता है और RBI के नियम क्या कहते हैं, जानिए पूरी सच्चाई.

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iPhone Personal Loan: डिजिटल दौर में पर्सनल लोन लेना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है. कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन आवेदन कर लोन लिया जा सकता है. इसी बीच यह चर्चा भी तेज है कि iPhone इस्तेमाल करने वालों को Android यूजर्स की तुलना में पर्सनल लोन मिलने की संभावना थोड़ी अधिक रहती है. इसकी वजह डिजिटल लेंडिंग कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे AI और मशीन लर्निंग आधारित एल्गोरिदम को माना जा रहा है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम फैसला हमेशा आवेदक की वित्तीय स्थिति के आधार पर ही लिया जाता है.

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क्यों iPhone यूजर्स को मिल सकता है शुरुआती फायदा

डिजिटल लोन देने वाली कुछ फिनटेक कंपनियां आवेदन की शुरुआती स्क्रीनिंग में कई तरह के डेटा पॉइंट्स का विश्लेषण करती हैं. इनमें स्मार्टफोन का ऑपरेटिंग सिस्टम भी शामिल हो सकता है. चूंकि iPhone आमतौर पर महंगे होते हैं, इसलिए कुछ एल्गोरिदम ऐसे यूजर्स को बेहतर आर्थिक क्षमता वाला ग्राहक मान सकते हैं. कुछ अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि Android यूजर्स में लोन डिफॉल्ट की दर iPhone यूजर्स की तुलना में मामूली रूप से अधिक देखी गई है. इसी वजह से कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरुआती जोखिम आकलन में डिवाइस के प्रकार का भी इस्तेमाल करते हैं.

RBI के नियमों में फोन के आधार पर लोन मंजूरी का प्रावधान नहीं

हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से रेगुलेटेड बैंक और NBFC सिर्फ मोबाइल फोन देखकर लोन मंजूर नहीं करते. अंतिम फैसला आवेदक की आय, नौकरी की स्थिरता, क्रेडिट हिस्ट्री और भुगतान क्षमता के आधार पर ही लिया जाता है.

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CIBIL स्कोर निभाता है सबसे अहम भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार, लोन मंजूरी में सबसे अधिक महत्व CIBIL स्कोर का होता है. यदि किसी आवेदक का CIBIL स्कोर 750 या उससे अधिक है तो उसके लोन स्वीकृत होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. इसके अलावा नियमित आय, समय पर EMI भुगतान और बैंकिंग रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

डिजिटल व्यवहार पर भी रहती है नजर

आधुनिक फिनटेक ऐप्स केवल दस्तावेज ही नहीं, बल्कि यूजर के डिजिटल व्यवहार का भी विश्लेषण करते हैं. यदि कोई व्यक्ति बार-बार मोबाइल बदलता है या उसके फोन में बड़ी संख्या में सट्टेबाजी, गेमिंग और असुरक्षित लोन ऐप्स इंस्टॉल हैं, तो उसे अपेक्षाकृत अधिक जोखिम वाला ग्राहक माना जा सकता है. वहीं, लंबे समय तक एक ही डिवाइस का इस्तेमाल और सुरक्षित बैंकिंग ऐप्स का उपयोग सकारात्मक संकेत माना जाता है.

महंगा फोन नहीं, मजबूत वित्तीय रिकॉर्ड दिलाता है लोन

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल महंगा स्मार्टफोन होने से लोन मिलना तय नहीं होता. मजबूत CIBIL स्कोर, स्थिर नौकरी, नियमित आय और बेहतर क्रेडिट हिस्ट्री ही लोन मंजूरी के सबसे बड़े आधार हैं. स्मार्टफोन का प्रकार कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआती स्क्रीनिंग में एक अतिरिक्त संकेतक हो सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय वित्तीय प्रोफाइल के आधार पर ही लिया जाता है.

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सोनी कुमारी
सोनी कुमारी
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. सरल भाषा और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पहचान मानी जाती है. डिजिटल पत्रकारिता में समाचार लेखन और कंटेंट प्रेजेंटेशन का अच्छा अनुभव है. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.
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