इस खबर में क्या है?
Dehri Nagar Parishad EO Murder : डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. जिस ड्राइवर पर अधिकारी को सुरक्षित पटना पहुंचाने की जिम्मेदारी थी, उसी पर हत्या का आरोप लगा है. पुलिस ने आरोपी चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. शुरुआती जांच में रास्ते में हुए विवाद के बाद लोहे की रॉड से हमला करने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच अभी सिर्फ इसी एंगल तक सीमित नहीं रहेगी.
सुनसान सड़क पर अचानक बदल गया सफर
शनिवार को विमल कुमार अपनी स्कॉर्पियो से पटना के लिए निकले थे. गाड़ी औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र में धनौती पुल और लख डीहरा के बीच नहर रोड से गुजर रही थी. इसी दौरान किसी बात को लेकर चालक और ईओ के बीच कहासुनी शुरू हो गई.
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पुलिस के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में विवाद इतना बढ़ गया कि चालक ने गाड़ी में रखी लोहे की रॉड उठाई और विमल कुमार पर लगातार कई वार कर दिए. सुनसान सड़क पर हुए इस हमले में अधिकारी गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े.
अस्पताल पहुंचे, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना की सूचना मिलते ही बारुण थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल ईओ को रोहतास के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
विमल कुमार के निधन की खबर मिलते ही पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं. एक जिम्मेदार अधिकारी की इस तरह हुई हत्या ने पूरे प्रशासनिक महकमे को झकझोर कर रख दिया है.
ड्राइवर गिरफ्तार, अब हर एंगल की जांच
पुलिस ने आरोपी चालक मिथिलेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि विवाद अचानक हुआ था या दोनों के बीच पहले से कोई तनाव चल रहा था. साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि वारदात के पीछे कोई और वजह तो नहीं थी.
रोहतास डीएम बोले- जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं
रोहतास के जिलाधिकारी ने बताया कि शनिवार रात करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी. इसके बाद मेडिकल बोर्ड की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया है. चालक की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा.
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल
हालांकि शुरुआती जांच में मामला आपसी विवाद का बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस अभी इसे अंतिम सच नहीं मान रही है. फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ी साजिश या अन्य वजह तो नहीं छिपी है.
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