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Nepal Flood: नेपाल में तीन नदियां खतरे के निशान से ऊपर, मौतों का आंकड़ा 1100 पार
Nepal Flood : नेपाल में बाढ़ के बीच राहत और खोज अभियान सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. अब तक 1,113 शवों की पहचान पूरी हो चुकी है, जबकि सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है.
Nepal Flood : नेपाल में बाढ़ के बीच राहत और खोज अभियान सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. अब तक 1,113 शवों की पहचान पूरी हो चुकी है, जबकि सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. प्रशासन ने निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है.
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Nepal Flood: नेपाल में लगातार बारिश के बीच बाढ़ का संकट अब दोहरी चुनौती बन गया है. एक तरफ सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, तो दूसरी ओर राहत और खोज अभियान में लगातार शव बरामद हो रहे हैं. बुधवार (2 सितंबर) सुबह तक प्रशासन ने मध्य, पश्चिमी और पूर्वी नेपाल के निचले इलाकों में लोगों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है.
नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक 1,113 शवों का पोस्टमार्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 95 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं. राहत एजेंसियां अभी भी प्रभावित जिलों में खोज अभियान चला रही हैं.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में चितवन सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है. पुलिस के मुताबिक अलग-अलग जिलों से बरामद शवों का आंकड़ा इस प्रकार है:
जिला
बरामद शव
चितवन
348
नवलपरासी पूर्व
217
नवलपरासी पश्चिम
190
नुवाकोट
155
गोरखा
66
धादिंग
59
रसुवा
45
तनाहूं
38
तीन नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बुधवार सुबह 6 बजे तक सुन कोशी, बूढ़ी गंडकी और महाकाली नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया. जल एवं मौसम विज्ञान विभाग ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.
अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
मार्स्यांगदी नदी में लगातार बढ़ रहा पानी
लामजुंग जिले के भुकुंडेबेसी जलस्तर निगरानी केंद्र पर मंगलवार रात 11:15 बजे मार्स्यांगदी नदी ने खतरे का स्तर पार कर लिया. विभाग का कहना है कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ की आशंका बनी हुई है.
मानसून ने बढ़ाया दबाव
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, काठमांडू समेत नेपाल के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है. लगातार बारिश की वजह से पर्वतीय नदियों का बहाव तेज हो गया है, जिससे मध्य, पश्चिमी और पूर्वी नेपाल के कई जिलों में बाढ़ का खतरा बरकरार है.
सोनी कुमारी डिजिटल मीडिया क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार हैं और Hellocities24 में ऑथर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार समेत देशभर की ताजा खबरों, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर लेखन करती हैं. पाठकों तक तेज और भरोसेमंद खबरें पहुंचाना प्रमुख उद्देश्य है.