Bihar Government: बिहार में अब मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में असफल होना छात्रों के लिए पूरे एक साल का इंतजार करने की वजह नहीं बनेगा. शिक्षक दिवस पर राज्य सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में ऐसा बदलाव करने का ऐलान किया है, जिसमें फेल विद्यार्थियों को 15 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा. सरकार परीक्षा परिणाम जारी करने की रफ्तार भी बढ़ाने की तैयारी में है.
एसके मेमोरियल सभागार में आयोजित शिक्षक दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि मैट्रिक और इंटर का रिजल्ट एक सप्ताह के भीतर जारी करने की योजना है. सरकार की कोशिश आगे इसे और तेज कर 48 घंटे के भीतर परिणाम घोषित करने की है.
एक साल के इंतजार से मिलेगी मुक्ति
अब तक परीक्षा में असफल होने वाले विद्यार्थियों के सामने अगली परीक्षा तक इंतजार करने की स्थिति बनती थी. सरकार की नई योजना में इस अंतर को काफी कम करने की बात कही गई है.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि फेल छात्रों को 15 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा. इसका सीधा फायदा यह होगा कि एक परीक्षा में मिली असफलता के कारण विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक साल प्रभावित नहीं होगा.
रिजल्ट का इंतजार भी होगा छोटा
सरकार परीक्षा के बाद परिणाम जारी करने की प्रक्रिया को भी बदलने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंटर वार परीक्षा परिणाम जारी करने की योजना बनाई जा रही है.
सरकार का तत्काल लक्ष्य एक सप्ताह के भीतर मैट्रिक और इंटर का परिणाम जारी करना है. मुख्यमंत्री ने इससे भी तेज व्यवस्था की इच्छा जताते हुए कहा कि कोशिश 48 घंटे में रिजल्ट घोषित करने की होगी.
परीक्षा से आगे शिक्षकों की तैयारी पर जोर
सरकार की घोषणाएं सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहीं. शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था में भी बदलाव की बात कही गई.
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की. इसके जरिए शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की योजना है.
बिहार में BHU का सेंटर खोलने का ऐलान
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने नई पहल की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने बिहार में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का सेंटर खोलने की बात कही.
इसके साथ ही विक्रमशिला विश्वविद्यालय को लेकर भी समयसीमा तय करने का दावा किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल के भीतर विक्रमशिला विश्वविद्यालय को जमीन पर उतारा जाएगा.
शिक्षकों के बकाये पर भी सरकार का फोकस
शिक्षकों की समस्याओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को समय पर वेतन देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के बकाये को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सितंबर तक सभी बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा.
वित्त रहित शिक्षकों के लिए नए वेतनमान की तैयारी
वित्त रहित शिक्षकों के लिए भी सरकार ने नया वेतनमान देने की योजना बताई है. मुख्यमंत्री के अनुसार इसके लिए विश्वविद्यालयों के आंतरिक संसाधनों और सरकारी अनुदान का इस्तेमाल किया जाएगा.
शिक्षक दिवस पर सरकार की घोषणाओं का बड़ा हिस्सा परीक्षा में छात्रों के समय और साल बचाने से जुड़ा रहा. इसके साथ शिक्षक प्रशिक्षण, वेतन और उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर भी योजनाएं सामने रखी गईं.
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