Raghopur Ganga Erosion : भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड अंतर्गत काजीकोरैया–राघोपुर मार्जिनल बांध पर गंगा के भीषण कटाव से कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए हैं. ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक महादेवपुर घाट, ब्रह्म बाबा स्थान और राघोपुर के कई घर गंगा में समा चुके हैं. कटाव से प्रभावित परिवारों का हाल जानने बिहपुर विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी अर्पणा कुमारी इलाके में पहुंचीं. उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और कटाव के मुद्दे पर राज्य सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा बिहपुर विधायक सह पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र को घेरा.
राघोपुर में दो मंजिला मकान गंगा में समाया, भीषण कटाव से मचा हड़कंप; कई घरों पर खतरा
सात विधायक, सांसद और दो मंत्री होने पर भी सुरक्षा क्यों नहीं?
अर्पणा कुमारी ने सवाल उठाया कि भागलपुर जिले में सात विधायक, एक सांसद और सरकार में दो-दो मंत्री होने के बावजूद कटाव प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रही है. उन्होंने कहा कि लोग जीवनभर की कमाई और एक-एक रुपया जोड़कर अपने घर बनाते हैं, लेकिन अब उनकी आंखों के सामने मकान और जमा पूंजी गंगा में समा रही है.
उन्होंने कटाव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर चिंता जताई. उनके मुताबिक, राघोपुर के लोगों को केवल आश्वासन देने के बजाय उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है.
पुराने लिखित आश्वासन का हवाला देकर उठाए सवाल
अर्पणा कुमारी ने पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र के कथित पुराने वादे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मंत्री ने सरपंच प्रमोद मंडल को लिखित आश्वासन दिया था कि कटाव होने पर वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे.
अर्पणा कुमारी ने मांग की कि मंत्री अपने कथित वादे पर स्थिति स्पष्ट करें और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें. यह मांग उन्होंने कटाव से प्रभावित परिवारों की स्थिति और इलाके में हो रही तबाही के संदर्भ में उठाई.
कटाव रोकने और परिवारों के पुनर्वास की मांग
पूर्व प्रत्याशी ने कहा कि राघोपुर के लोगों को अब खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि गंगा के कटाव को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई चाहिए. उन्होंने प्रभावित परिवारों को स्थायी सुरक्षा देने और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की.
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