Bhagalpur Fake Teacher Salary Scam : भागलपुर के शिक्षा विभाग में फर्जी शिक्षिका के नाम पर वेतन और एरियर भुगतान का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. जोगसर थाने में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले में संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज को हिरासत में लिया गया है, जबकि डीपीओ शशि चंद चौधरी से भी पूछताछ की जा रही है. करीब 98 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की बात सामने आने के बाद पुलिस भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है.
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HRMS पोर्टल पर फर्जी पहचान बनाकर तैयार किया गया रिकॉर्ड
आरोप है कि तनुश्री नाम से फर्जी पहचान तैयार कर एचआरएमएस पोर्टल पर रिकॉर्ड बनाया गया. इसी रिकॉर्ड के आधार पर वेतन और एरियर के नाम पर सरकारी राशि का भुगतान कराया गया. पूरे मामले में फर्जी पीआरएएन नंबर और बैंक खाते के इस्तेमाल की आशंका भी जतायी जा रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी पहचान बनाने से लेकर भुगतान कराने तक की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही.
98 लाख के लेनदेन का पूरा हिसाब खंगाल रही पुलिस
मामले में करीब 98 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आयी है. हालांकि, निकासी और अन्य ट्रांजेक्शन से जुड़ी अलग-अलग राशियों के कारण वास्तविक वित्तीय अनियमितता की कुल रकम अभी स्पष्ट नहीं है. पुलिस बैंक खातों के विवरण, डिजिटल साक्ष्यों और शिक्षा विभाग के दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि भुगतान की प्रक्रिया और राशि के वास्तविक प्रवाह का पता लगाया जा सके.
क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक पहुंचे जोगसर थाना
शुक्रवार को क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक सुभाष गुप्ता जोगसर थाने पहुंचे और पुलिस पदाधिकारियों से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और पुलिस छानबीन कर रही है. शिक्षा विभाग की ओर से भी इस प्रकरण की विभागीय जांच की जाएगी.
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एसडीपीओ-1 हेमंत सिंह के अनुसार, मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है. जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. फर्जी पहचान तैयार करने और उसके आधार पर भुगतान कराने की प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
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